
विकासनगर और गाजीपुर थानों की संयुक्त कार्रवाई, लंबे समय से फरार चल रहा था आरोपी
लखनऊ: राजधानी में अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना विकासनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने ₹25,000 के इनामिया वांछित अभियुक्त रोहित सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जो कई गंभीर मामलों में लंबे समय से फरार चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, रोहित सिंह (उम्र करीब 32 वर्ष), निवासी सेक्टर-एच, जानकारीपुरम, थाना गुडम्बा, लखनऊ, थाना विकासनगर और थाना गाजीपुर में दर्ज कई संगीन मामलों में नामजद था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी, लेकिन वह पुलिस से बचता फिर रहा था। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस उपायुक्त पूर्वी द्वारा ₹25 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था।
13 मई 2026 को मुखबिर की सटीक सूचना और स्थानीय इनपुट के आधार पर विकासनगर पुलिस टीम ने थाना गाजीपुर पुलिस के सहयोग से संयुक्त ऑपरेशन चलाया। इस दौरान आरोपी को जनपद सुल्तानपुर स्थित स्वर्गीय वीरेंद्र प्रताप सिंह स्मारक जनता पीजी कॉलेज के पास तिराहे से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
🔍 कैसे करता था अपराध (Modus Operandi):
पुलिस जांच में सामने आया है कि रोहित सिंह अपने साथियों के साथ मिलकर संगठित गिरोह के रूप में काम करता था। आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से एक मामले में शिकायतकर्ता से करीब 17 लाख रुपये की ठगी की। वहीं, एक अन्य मामले में शिकायतकर्ता की हत्या की नीयत से फायरिंग भी की गई। इन मामलों में ठोस साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
📂 दर्ज प्रमुख मामले:
आरोपी के खिलाफ थाना विकासनगर और गाजीपुर में कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें ठगी, फायरिंग, आपराधिक षड्यंत्र और हिंसक वारदातें शामिल हैं।
📊 लंबा आपराधिक इतिहास:
रोहित सिंह पर वर्ष 2012 से लेकर 2026 तक लखनऊ के विभिन्न थानों—विकासनगर, जानकीपुरम, गुडम्बा, मड़ियांव, अलीगंज, गाजीपुर, वजीरगंज और कैसरबाग—में हत्या के प्रयास, रंगदारी, धोखाधड़ी, मारपीट, गैंगस्टर एक्ट समेत करीब डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इससे उसकी आपराधिक गतिविधियों की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
👮 पुलिस टीम की भूमिका:
इस सफल कार्रवाई में थाना विकासनगर के प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक मोहम्मद यासीन, भानु प्रताप सिंह, तथा थाना गाजीपुर के उपनिरीक्षक राकेश कुमार वर्मा और नवनीत शर्मा सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की अहम भूमिका रही।
लखनऊ पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से फरार इनामिया बदमाश की गिरफ्तारी से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विश्वास मजबूत हुआ है।












