लखनऊ। राजधानी में स्मार्ट सिटी और बेहतर कूड़ा प्रबंधन के दावों के बीच नगर निगम की एक कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जोन-1 के मूंगफली मंडी इलाके में प्रस्तावित कूड़ा घर को लेकर स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि जिस स्थान को नगर निगम कूड़ा घर के लिए चिन्हित कर रहा है, वहां वे पिछले करीब 26 वर्षों से रह रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह जमीन उन्हें लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की ओर से दी गई थी। अब नगर निगम की ओर से इसी स्थान पर कूड़ा घर बनाए जाने की योजना से इलाके के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
आसपास पहले से कई कूड़ा घर होने का दावा
इलाकाई लोगों का कहना है कि मूंगफली मंडी और उसके आसपास पहले से ही कई स्थानों पर कूड़ा एकत्र किया जाता है। ऐसे में जिस जगह पर लंबे समय से लोग रह रहे हैं, उसे कूड़ा घर के लिए चिन्हित किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने नगर निगम की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं और अचानक इस जगह को कूड़ा घर के लिए चिन्हित किए जाने से उनके सामने परेशानी खड़ी हो गई है।
मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार
मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नगर निगम के खिलाफ रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि वे अपनी समस्या को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी बात रख चुके हैं। अब उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि कूड़ा घर के लिए स्थान चिन्हित करने से पहले वहां रहने वाले लोगों की स्थिति और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाए। साथ ही आसपास मौजूद अन्य कूड़ा घरों को देखते हुए वैकल्पिक स्थान पर विचार किया जाए।
नगर निगम की कार्रवाई पर उठे सवाल
मूंगफली मंडी के निवासियों और व्यापारियों का कहना है कि शहर को स्वच्छ रखने के लिए कूड़ा प्रबंधन जरूरी है, लेकिन इसके लिए ऐसा स्थान चुना जाना चाहिए जिससे वर्षों से रह रहे लोगों को परेशानी न हो।
फिलहाल, नगर निगम की प्रस्तावित योजना और स्थानीय लोगों के विरोध के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है। मामले में प्रशासन और संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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