इंदौर: देश के आतिथ्य और होटल कारोबार में विस्तार की तैयारी कर रही प्राइड होटल्स इस साल दिसंबर तक अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने की योजना बना रही है। कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ का आकार करीब 1,000 करोड़ रुपये रहने की संभावना है। कंपनी का कहना है कि वह तेजी से अपने होटल पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है और पिछले 12 महीनों में कई नए होटल परिचालन में ला चुकी है।
कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) सत्येन जैन ने पीटीआई-भाषा को बताया कि प्राइड होटल्स अपने कारोबार को तेजी से बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 महीनों में कंपनी ने नौ नए होटल खोले हैं। इंदौर में शुरू किया गया होटल कंपनी का नौवां नया होटल बताया गया है।
दिसंबर तक IPO लाने की तैयारी
प्राइड होटल्स की आईपीओ योजना ऐसे समय सामने आई है, जब देश में होटल और पर्यटन उद्योग में निवेश की गतिविधियां बढ़ रही हैं। कंपनी बाजार से पूंजी जुटाकर अपने विस्तार को और गति देने की तैयारी में है।
करीब 1,000 करोड़ रुपये के संभावित आईपीओ के जरिए कंपनी को कारोबार के विस्तार के लिए अतिरिक्त पूंजी मिल सकती है। हालांकि, आईपीओ का अंतिम आकार, शेयरों की संख्या, कीमत और अन्य विवरण नियामकीय प्रक्रिया तथा बाजार की परिस्थितियों के आधार पर तय होंगे।
कंपनी की ओर से दिसंबर तक आईपीओ लाने की तैयारी की बात कही गई है, लेकिन अंतिम तारीख और निर्गम की शर्तों की आधिकारिक घोषणा आगे की प्रक्रिया में स्पष्ट होगी।
12 महीनों में खोले नौ नए होटल
प्राइड होटल्स की विस्तार रणनीति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कंपनी ने पिछले 12 महीनों में नौ नए होटल शुरू किए हैं।
सीईओ सत्येन जैन के मुताबिक, कंपनी तेजी से अपने कारोबार का विस्तार कर रही है। इंदौर में नया होटल शुरू होना भी इसी विस्तार योजना का हिस्सा है।
होटल उद्योग में नए शहरों और पर्यटन केंद्रों में मौजूदगी बढ़ाना कंपनियों की प्रमुख रणनीतियों में शामिल है। प्राइड होटल्स भी अपने होटल नेटवर्क को अलग-अलग बाजारों में बढ़ाने पर जोर दे रही है।
इंदौर में कंपनी का नया होटल
इंदौर में नया होटल खुलना कंपनी के लिए मध्य प्रदेश के बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। इंदौर मध्य भारत का प्रमुख कारोबारी और पर्यटन केंद्र है, जहां कॉरपोरेट यात्रियों के साथ-साथ घरेलू पर्यटकों की भी आवाजाही रहती है।
ऐसे बाजार में होटल कारोबार का विस्तार कंपनी को नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने में मदद कर सकता है।
होटल सेक्टर में बढ़ती मांग पर नजर
भारत में पर्यटन, कारोबारी यात्राओं और घरेलू यात्रा में बढ़ती गतिविधियों के बीच होटल उद्योग की कंपनियां अपनी क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दे रही हैं। बड़े शहरों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी होटल कारोबार के विस्तार की संभावनाएं बढ़ी हैं।
प्राइड होटल्स का तेजी से नए होटल खोलना इसी बदलते बाजार की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा सकता है।
IPO से मिलेगी विस्तार को रफ्तार?
अगर करीब 1,000 करोड़ रुपये का आईपीओ बाजार में आता है तो इससे कंपनी को अपने विस्तार कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण पूंजी मिल सकती है। होटल उद्योग में नए होटल विकसित करने, मौजूदा संपत्तियों का विस्तार करने और ब्रांड नेटवर्क बढ़ाने के लिए बड़े निवेश की जरूरत होती है।
ऐसे में सार्वजनिक बाजार से पूंजी जुटाने की योजना प्राइड होटल्स की दीर्घकालिक विस्तार रणनीति का अहम हिस्सा हो सकती है।
हालांकि, आईपीओ में निवेश करने से पहले निवेशकों के लिए कंपनी की वित्तीय स्थिति, कर्ज, लाभप्रदता, होटल ऑक्यूपेंसी, विस्तार लागत और आईपीओ से जुटाई जाने वाली रकम के इस्तेमाल जैसी जानकारियों का मूल्यांकन करना महत्वपूर्ण होगा।
कंपनी के लिए अगला बड़ा पड़ाव
प्राइड होटल्स के लिए प्रस्तावित आईपीओ कारोबार के विस्तार के साथ-साथ कंपनी को सार्वजनिक बाजार में स्थापित करने की दिशा में भी बड़ा कदम हो सकता है। यदि कंपनी दिसंबर तक आईपीओ लाने में सफल रहती है तो होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में यह एक महत्वपूर्ण बाजार गतिविधि होगी।
फिलहाल कंपनी का फोकस नए होटल खोलने और अपने नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने पर है। पिछले एक साल में नौ नए होटल शुरू करने के बाद अब करीब 1,000 करोड़ रुपये के संभावित आईपीओ की तैयारी ने कंपनी की विस्तार योजना को और चर्चा में ला दिया है।
आगे की नजर: अब देखना होगा कि प्राइड होटल्स आईपीओ के लिए नियामकीय प्रक्रिया कब पूरी करती है, निर्गम का अंतिम आकार कितना रहता है और बाजार में कंपनी के प्रस्ताव को निवेशकों की कैसी प्रतिक्रिया मिलती है।
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