शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में बुधवार शाम हरियाणवी संगीत जगत से जुड़े गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शहर कोतवाली क्षेत्र में जिम से बाहर निकलते ही अज्ञात हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों की संख्या तीन से चार बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
इस वारदात ने न केवल शामली बल्कि हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री को भी झकझोर दिया है। अंकित बालियान की पहचान एक गायक, अभिनेता और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर थी। वह सोशल मीडिया और यूट्यूब पर सक्रिय थे और उनके कई गाने लोकप्रिय हुए थे। हत्या की खबर सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों, समर्थकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
जिम से निकलते ही हमला, 3-4 हमलावरों ने घेरा
पुलिस के मुताबिक, अंकित बालियान बुधवार शाम शामली के शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक जिम में गए थे। जिम से बाहर निकलकर जैसे ही वह अपनी गाड़ी की ओर बढ़े, तभी कथित तौर पर पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी।
शामली के पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह के अनुसार, पुलिस को डायल-112 के माध्यम से गोलीबारी की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि बंतीखेड़ा निवासी अंकित बालियान जिम से बाहर निकले ही थे कि तीन से चार अज्ञात लोगों ने उन पर गोली चला दी। पुलिस की कई टीमें मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं।
कुछ रिपोर्टों में हमलावरों की संख्या चार बताई गई है और यह भी कहा गया है कि वे दो मोटरसाइकिलों से आए थे। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले हमलावरों की संख्या और उनकी गतिविधियों से जुड़ी हर जानकारी को अंतिम तथ्य मानना उचित नहीं होगा। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर घटनाक्रम को जोड़ने में जुटी है।
करीब 18 राउंड फायरिंग की बात, जांच में जुटी पुलिस

घटना के बाद सामने आई शुरुआती रिपोर्टों में फायरिंग की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में करीब 12, कुछ में 14 और कुछ में 18 से 20 राउंड तक फायरिंग का उल्लेख है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी अपने बयान में 18 राउंड फायरिंग का जिक्र किया। वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया ने पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से प्रारंभिक तौर पर करीब 18 राउंड फायरिंग की बात कही है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती जानकारी में अंकित के सिर और पेट के आसपास गोलियां लगने की बात सामने आई है और उनकी स्कॉर्पियो की विंडशील्ड पर भी गोलियों के निशान बताए गए हैं। हालांकि, गोली लगने की सटीक संख्या और पोस्टमार्टम से जुड़ी अंतिम जानकारी जांच के आधिकारिक निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट होगी।
हमले के बाद अंकित को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की और मौके से साक्ष्य जुटाए।
सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
हत्या की सूचना फैलते ही अंकित बालियान के परिवार, ग्रामीणों और समर्थकों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल और अस्पताल के आसपास जमा हो गए। परिवार और समर्थकों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर प्रदर्शन किया।
रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली-मुजफ्फरनगर मार्ग पर भी जाम की स्थिति बनी। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि पुलिस जल्द से जल्द हमलावरों को गिरफ्तार करे और हत्या के पीछे की वजह का खुलासा किया जाए।
घटना के बाद अंकित की मां के सड़क पर बेटे के शव को गोद में लेकर शोक जताने की तस्वीर और खबर भी सामने आई, जिसने लोगों को भावुक कर दिया। इस दृश्य के बाद मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर गुस्सा और बढ़ गया।
कौन थे अंकित बालियान?
अंकित बालियान मूल रूप से शामली के बंतीखेड़ा गांव के रहने वाले बताए जाते हैं। बाद में उन्होंने हरियाणा के रोहतक और सोनीपत में रहकर हरियाणवी मनोरंजन जगत में काम किया। वह गायक होने के साथ-साथ अभिनेता और यूट्यूब कंटेंट क्रिएटर भी थे।
उनके यूट्यूब चैनल पर करीब 3.66 लाख से अधिक सब्सक्राइबर थे। उनके कई म्यूजिक वीडियो को लाखों-करोड़ों व्यूज मिले। उनका चर्चित गाना ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’ यूट्यूब पर 5.4 करोड़ से अधिक व्यूज हासिल कर चुका था। इसी गाने ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंकित ने हरियाणवी संगीत जगत के कई कलाकारों के साथ काम किया था। उनकी डिजिटल पहचान केवल संगीत तक सीमित नहीं थी। वह सोशल मुद्दों, स्थानीय राजनीति और क्षेत्रीय विषयों से जुड़े वीडियो तथा पॉडकास्ट में भी नजर आते थे। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने मासूम शर्मा, राजू पंजाबी और आशु ट्विंकल जैसे कलाकारों के साथ भी काम किया था।
जिला पंचायत चुनाव लड़ने की चर्चा
हत्या के बाद अंकित बालियान की संभावित राजनीतिक सक्रियता भी चर्चा में आ गई है। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, वह आगामी जिला पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि हत्या का संबंध उनकी कथित राजनीतिक महत्वाकांक्षा से है।
यही वजह है कि पुलिस के सामने हत्या के मकसद का पता लगाना सबसे अहम चुनौती है। क्या यह पुरानी रंजिश का मामला है? क्या इसके पीछे आपराधिक विवाद था? क्या हरियाणा से कोई कनेक्शन है? या फिर उनकी संभावित राजनीतिक सक्रियता से जुड़ा कोई विवाद? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
पुलिस ने हत्या के पीछे की वजह को लेकर सभी संभावित पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और मृतक के संपर्कों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
अंकित बालियान की हत्या को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए घटना को बेहद निंदनीय बताया और दावा किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर रूप से खराब हो गई है।
अखिलेश यादव ने हत्या में 18 राउंड फायरिंग का उल्लेख करते हुए कहा कि इस घटना से इलाके में भय का माहौल बना है। उन्होंने अंकित की मां द्वारा बेटे के शव को गोद में लेकर शोक जताने की घटना को भी हृदयविदारक बताया।
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि हत्या की जांच में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के पहलू को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने जाट समुदाय में आक्रोश का भी उल्लेख किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
हालांकि, राजनीतिक आरोपों और हत्या के वास्तविक कारण के बीच अंतर करना जरूरी है। फिलहाल पुलिस ने किसी राजनीतिक कारण की पुष्टि नहीं की है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले हत्या को राजनीतिक या किसी विशेष विवाद का परिणाम बताना जल्दबाजी होगी।
पुलिस के सामने तीन बड़ी चुनौतियां
अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस के सामने फिलहाल तीन अहम चुनौतियां हैं। पहली चुनौती हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी है। दूसरी चुनौती यह पता लगाना है कि वारदात की साजिश किसने और क्यों रची। तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण चुनौती हत्या के पीछे वास्तविक मकसद सामने लाना है।
सीसीटीवी फुटेज इस जांच में अहम भूमिका निभा सकता है। पुलिस जिम के आसपास लगे कैमरों के अलावा संभावित भागने वाले रास्तों पर लगे कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इसके अलावा मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और संदिग्धों की गतिविधियों की जांच भी आगे की कार्रवाई का हिस्सा हो सकती है।
हरियाणा कनेक्शन की भी जांच
अंकित बालियान का काम और सामाजिक संपर्क उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा से भी जुड़े थे। वह लंबे समय तक रोहतक और सोनीपत में रहे और हरियाणवी संगीत उद्योग में सक्रिय रहे। ऐसे में पुलिस हत्या की जांच में संभावित हरियाणा कनेक्शन को भी खंगाल रही है।
हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से किसी आरोपी, गिरोह या व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अटकल को तथ्य मानना उचित नहीं होगा।
2023 का रोडशो भी चर्चा में
अंकित बालियान से जुड़ा वर्ष 2023 का एक मामला भी सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने शामली में एक रोडशो आयोजित किया था, जिसके बाद बिना अनुमति कथित रूप से हंगामा करने को लेकर उनके और कुछ समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। यह पुराना प्रकरण जांच के संदर्भ में कितना महत्वपूर्ण है, यह पुलिस की आगे की पड़ताल से ही स्पष्ट होगा।
अभी सबसे बड़ा सवाल—किसने और क्यों मारा?
अंकित बालियान की हत्या ने शामली में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिम जैसी सामान्य दिनचर्या के बाद घर लौट रहे एक लोकप्रिय कलाकार को सार्वजनिक स्थान के बाहर निशाना बनाया जाना गंभीर घटना है।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों तक पहुंचना और हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश करना है। कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं और वरिष्ठ अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं। मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर के भी जांच की निगरानी के लिए शामली पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
अंकित बालियान की हत्या के पीछे असली वजह क्या थी, हमलावर कौन थे और क्या इस वारदात का उनकी कथित राजनीतिक सक्रियता या किसी पुरानी रंजिश से संबंध था—इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और आने वाले दिनों में सामने आने वाले साक्ष्यों से मिलेंगे। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है और शामली में तनावपूर्ण माहौल के बीच सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।
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