लखनऊ: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर भावनाओं से भरा खास आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूली छात्राओं और निराश्रित बच्चियों के साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। इस दौरान बच्चियों ने मुख्यमंत्री के माथे पर तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधकर भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित यह कार्यक्रम पारंपरिक उत्सव के साथ बेटियों के सम्मान और उनके प्रति अपनत्व की भावना से भी जुड़ा रहा। अलग-अलग स्कूलों से पहुंची छात्राओं और निराश्रित बच्चियों ने उत्साह के साथ मुख्यमंत्री को राखी बांधी। राखी बंधवाते समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बच्चियों के साथ सहज और आत्मीय अंदाज में नजर आए। उन्होंने बच्चियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें स्नेह व आशीर्वाद दिया।
तिलक और राखी से खास हुआ मुख्यमंत्री आवास का माहौल
रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंची बच्चियों ने सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तिलक लगाया। इसके बाद विधि-विधान और पारंपरिक भावनाओं के साथ उनकी कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भी बच्चियों से बातचीत की और उनके साथ कुछ समय बिताया।
राखी बांधने वाली बच्चियों के चेहरों पर उत्साह साफ दिखाई दिया। मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात और रक्षाबंधन मनाने का यह अवसर उनके लिए विशेष रहा। कार्यक्रम के दौरान कई भावुक और आत्मीय क्षण देखने को मिले। मुख्यमंत्री भी बच्चियों की बातों को ध्यान से सुनते और उनके साथ सहजता से संवाद करते दिखाई दिए।
रक्षाबंधन के इस आयोजन में केवल त्योहार की परंपरा ही नहीं, बल्कि बेटियों को सम्मान और स्नेह देने की भावना भी प्रमुख रूप से नजर आई। मुख्यमंत्री आवास पर बच्चियों द्वारा बांधी गई राखियां इस आयोजन का सबसे खास आकर्षण रहीं।
‘बिटिया और बहना-यूपी का गहना’ कार्यक्रम में दिखी आत्मीयता
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम को ‘बिटिया और बहना-यूपी का गहना’ की थीम से जोड़ा गया। इस पहल के जरिए बेटियों और बहनों के प्रति सम्मान, सुरक्षा और स्नेह की भावना को सामने रखा गया। रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक पर्व को बच्चियों के साथ मनाकर उनके साथ भावनात्मक जुड़ाव का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चियों के साथ बातचीत करते हुए उनकी पढ़ाई और भविष्य से जुड़ी बातों पर भी चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाए रखने और जीवन में अपने लक्ष्य निर्धारित करके आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने बच्चियों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि शिक्षा और आत्मविश्वास के जरिए वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकती हैं। उन्होंने तकनीक और मोबाइल के इस्तेमाल में संतुलन रखने तथा पढ़ने की आदत विकसित करने पर भी जोर दिया।
बच्चियों से संवाद करते नजर आए सीएम योगी
रक्षाबंधन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बच्चियों के साथ संवाद भी चर्चा में रहा। कार्यक्रम केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मुख्यमंत्री ने बच्चियों के साथ उनके अनुभवों और रुचियों को लेकर बातचीत की।
बच्चियों ने भी मुख्यमंत्री के सामने अपनी बातें रखीं। मुख्यमंत्री ने उनके सवाल सुने और सहज अंदाज में जवाब दिए। इस दौरान कार्यक्रम का माहौल औपचारिक कम और पारिवारिक अधिक नजर आया।
राखी बांधने के बाद बच्चियों ने मुख्यमंत्री से आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने भी उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस मुलाकात के दौरान कई बच्चियों ने मुख्यमंत्री के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर
रक्षाबंधन समारोह के माध्यम से बेटियों की शिक्षा और उनके आत्मनिर्भर भविष्य का संदेश भी सामने आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्राओं को पढ़ाई के प्रति गंभीर रहने और अपनी प्रतिभा को पहचानने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आज बेटियों के सामने आगे बढ़ने के लिए पहले की तुलना में कहीं अधिक अवसर हैं। जरूरत इस बात की है कि वे इन अवसरों का सही इस्तेमाल करें और मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को किताबों से जुड़ने और ज्ञान बढ़ाने की सलाह भी दी। उन्होंने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास के लिए समय निकालने की बात कही।
उनका संदेश रहा कि तकनीक का उपयोग ज्ञान और विकास के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन इसका अत्यधिक इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई और रचनात्मक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।
निराश्रित बच्चियों के लिए रहा विशेष अवसर
मुख्यमंत्री आवास पर निराश्रित बच्चियों की मौजूदगी ने रक्षाबंधन समारोह को विशेष भावनात्मक स्वरूप दिया। परिवार से दूर रहने वाली इन बच्चियों के लिए मुख्यमंत्री के साथ रक्षाबंधन मनाना एक अलग अनुभव रहा।
बच्चियों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधकर भाई-बहन के रिश्ते की भावना को महसूस किया। मुख्यमंत्री ने भी उनके साथ आत्मीयता से समय बिताया और उन्हें स्नेह दिया। इस दौरान यह संदेश सामने आया कि त्योहारों की खुशियां समाज के हर वर्ग तक पहुंचनी चाहिए।
रक्षाबंधन का पर्व वैसे भी भाई-बहन के बीच विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम ने इस भावना को बेटियों के सम्मान और सुरक्षा के व्यापक संदेश के साथ जोड़ दिया।
राखी के साथ मिला स्नेह और आशीर्वाद
राखी बांधने के बाद बच्चियों के लिए मुख्यमंत्री की ओर से उपहार भी दिए गए। कार्यक्रम में बच्चियों के साथ संवाद और तस्वीरों ने माहौल को और खुशनुमा बना दिया। मुख्यमंत्री ने बच्चियों को प्रोत्साहित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम की तस्वीरों और वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अलग-अलग छात्राओं से राखी बंधवाते हुए देखा गया। कहीं बच्चियां तिलक लगाती नजर आईं तो कहीं राखी बांधने के बाद मुख्यमंत्री से आशीर्वाद लेती दिखाई दीं। इन तस्वीरों ने रक्षाबंधन समारोह की आत्मीयता को बयां किया।
एक तरफ मुख्यमंत्री की कलाई पर रंग-बिरंगी राखियां सजीं, तो दूसरी ओर बच्चियों के चेहरों पर त्योहार की खुशी दिखाई दी। यही दृश्य पूरे आयोजन की भावनात्मक पहचान बन गया।
रक्षाबंधन ने दिया बेटियों के सम्मान का संदेश
उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। इस बीच लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास का आयोजन इसलिए खास रहा क्योंकि यहां स्कूली छात्राओं और निराश्रित बच्चियों ने मुख्यमंत्री को भाई के रूप में राखी बांधी।
इस कार्यक्रम के जरिए भाई-बहन के पारंपरिक रिश्ते के साथ बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश भी सामने आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चियों के साथ रक्षाबंधन मनाकर उनके प्रति स्नेह व्यक्त किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
मुख्यमंत्री आवास पर मनाया गया यह रक्षाबंधन समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चियों के साथ संवाद और अपनत्व का अवसर भी बना। तिलक, राखी, आशीर्वाद और मुस्कान से भरे इन पलों ने पर्व की मूल भावना—स्नेह, विश्वास और सुरक्षा—को जीवंत कर दिया।
रक्षाबंधन के इस खास आयोजन में स्कूली छात्राओं और निराश्रित बच्चियों की मौजूदगी ने समारोह को भावनात्मक रंग दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कलाई पर बंधी राखियां बेटियों के स्नेह और विश्वास का प्रतीक बनीं, जबकि मुख्यमंत्री का बच्चियों के साथ संवाद शिक्षा, सम्मान और उनके बेहतर भविष्य की दिशा में सकारात्मक संदेश देता नजर आया।
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