न्यूजीलैंड ने चौथे टी20 में भारत को 87 रन से हराया, ग्लेन फिलिप्स ने जड़ा तूफानी शतक; टीम चयन और युवा खिलाड़ियों को मौका देने की रणनीति पर उठे सवाल।
नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच शुक्रवार, 30 अक्टूबर को ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए पांच मैचों की टी20 सीरीज के चौथे मुकाबले में भारतीय टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 259 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट खोकर केवल 172 रन ही बना सकी। इस तरह न्यूजीलैंड ने मुकाबला 87 रन से अपने नाम कर लिया।
इस मुकाबले के हीरो न्यूजीलैंड के विस्फोटक बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स रहे, जिन्होंने महज 49 गेंदों पर 107 रन की शानदार शतकीय पारी खेली। उनकी पारी में 6 चौके और 10 छक्के शामिल रहे। माइकल ब्रेसवेल ने भी 25 गेंदों पर 65 रन बनाकर भारतीय गेंदबाजों की परेशानी बढ़ा दी। दोनों बल्लेबाजों के बीच 41 गेंदों में 115 रन की साझेदारी हुई।
लेकिन इस हार के बाद भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के बीच सिर्फ न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी की चर्चा नहीं है, बल्कि भारतीय टीम के चयन, खिलाड़ियों को बाहर बैठाने और कोचिंग रणनीति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
ग्लेन फिलिप्स और ब्रेसवेल ने भारतीय गेंदबाजों की उड़ाई धज्जियां
मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। शुरुआत में भारतीय गेंदबाजों ने टिम साइफर्ट और डेरिल मिचेल के विकेट हासिल कर न्यूजीलैंड को दबाव में लाने की कोशिश की।
लेकिन इसके बाद ग्लेन फिलिप्स ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने मैदान के चारों तरफ बड़े शॉट लगाए और भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। माइकल ब्रेसवेल ने भी उनका शानदार साथ दिया।
फिलिप्स ने 107 रन बनाकर भारत के सामने 260 रन का विशाल लक्ष्य खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई। ब्रेसवेल की 65 रन की पारी ने न्यूजीलैंड के स्कोर को और भी खतरनाक बना दिया।
भारत की ओर से मयंक यादव ने 3 विकेट जरूर हासिल किए, लेकिन इसके लिए उन्होंने 4 ओवर में 48 रन खर्च किए। नितीश कुमार रेड्डी ने 64 रन दिए। भारतीय गेंदबाज न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने से रोकने में नाकाम रहे।
वैभव सूर्यवंशी को बाहर बैठाने का फैसला क्यों?
इस मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने को लेकर हो रही है।
वैभव सूर्यवंशी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और बेखौफ अंदाज के कारण चर्चा में रहे हैं। युवा खिलाड़ी को लगातार मौके देने और उसकी फॉर्म का फायदा उठाने की उम्मीद प्रशंसकों को थी।
लेकिन चौथे टी20 में भारतीय टीम ने वैभव सूर्यवंशी की जगह ईशान किशन को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया। ईशान चोट से वापसी कर रहे थे। वहीं टीम में मयंक यादव को भी मौका दिया गया।
अब सवाल उठ रहा है कि जब वैभव जैसे युवा खिलाड़ी को मौका देकर उसकी लय और आत्मविश्वास को आगे बढ़ाया जा सकता था, तो उन्हें बाहर रखने की जरूरत क्यों पड़ी?
खासकर तब, जब टीम को आक्रामक शुरुआत की जरूरत थी। हालांकि, किसी खिलाड़ी को अंतिम एकादश से बाहर रखने के पीछे टीम प्रबंधन की फिटनेस, संयोजन और रणनीति से जुड़ी वजहें भी हो सकती हैं।
ईशान किशन का खाता तक नहीं खुला, पहले ही ओवर में गंवाया विकेट
ईशान किशन को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने का फैसला भी भारतीय टीम के लिए इस मुकाबले में काम नहीं आया।
260 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को पहले ही ओवर में बड़ा झटका लगा। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज जैकब डफी ने पहले संजू सैमसन को 4 रन के निजी स्कोर पर आउट किया और फिर ईशान किशन को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया।
ईशान केवल 3 गेंद खेल सके। इस तरह भारत ने शुरुआती ओवर में ही अपने दो अहम बल्लेबाज गंवा दिए।
ईशान किशन की वापसी से भारतीय टीम को उम्मीद थी कि वह तेज शुरुआत देंगे, लेकिन इस मुकाबले में वह अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे।
यह कहना उचित नहीं होगा कि एक खराब पारी से किसी खिलाड़ी की क्षमता पर सवाल खड़ा हो जाता है, लेकिन टीम चयन के फैसले पर चर्चा होना स्वाभाविक है।
अभिषेक शर्मा भी नहीं संभाल सके पारी
भारतीय टीम को अभिषेक शर्मा से काफी उम्मीदें थीं। उन्होंने 15 गेंदों पर 27 रन बनाए, जिसमें 3 चौके और एक छक्का शामिल था।
अभिषेक ने शुरुआत में आक्रामक अंदाज दिखाया, लेकिन वह अपनी पारी को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। उनके आउट होने के बाद भारतीय टीम का दबाव और बढ़ गया।
श्रेयस अय्यर ने 11 गेंदों पर 22 रन बनाए, लेकिन वह भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके।
इसके बाद भारतीय बल्लेबाजी लगातार लड़खड़ाती रही। तिलक वर्मा ने 35 रन और नमन धीर ने 28 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन लक्ष्य इतना बड़ा था कि ये पारियां टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सकीं।
क्या गौतम गंभीर की रणनीति पर उठने चाहिए सवाल?
इस हार के बाद भारतीय टीम के कोचिंग और चयन संबंधी फैसलों पर चर्चा तेज होना स्वाभाविक है। खासकर वैभव सूर्यवंशी को बाहर बैठाने और ईशान किशन को मौका देने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं।
क्रिकेट में सिर्फ अच्छे खिलाड़ी चुनना ही काफी नहीं होता, बल्कि खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म, टीम की जरूरत और परिस्थितियों के अनुसार सही संयोजन तैयार करना भी जरूरी होता है।
गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम प्रबंधन के सामने यही सवाल है कि क्या युवा खिलाड़ियों की लय को बनाए रखने की रणनीति पर पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है?
हालांकि, इस मुकाबले की हार का पूरा जिम्मा किसी एक व्यक्ति पर डालना भी सही नहीं होगा। गेंदबाजी में 259 रन खर्च करना, शुरुआती ओवर में दो विकेट गंवाना और बल्लेबाजों का साझेदारी नहीं बना पाना, ये सभी हार के महत्वपूर्ण कारण रहे।
सीरीज में भारत आगे, लेकिन चौथे मुकाबले ने दिए कई सवाल
इस हार के बावजूद भारतीय टीम पांच मैचों की सीरीज में 3-1 से आगे है। भारत शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम कर चुका था। न्यूजीलैंड की यह जीत उसके लिए सम्मान बचाने वाली जीत रही।
अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का पांचवां और अंतिम टी20 मुकाबला 1 नवंबर को हैमिल्टन में खेला जाएगा।
भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला सिर्फ सीरीज का अंतिम मैच नहीं होगा, बल्कि टीम संयोजन, बल्लेबाजी की शुरुआत और गेंदबाजी में सुधार करने का भी मौका होगा।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारतीय टीम प्रबंधन वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों को उनकी फॉर्म के अनुसार पर्याप्त मौके देगा या फिर टीम में बदलाव का सिलसिला जारी रहेगा?
ग्लेन फिलिप्स की शतकीय पारी ने न्यूजीलैंड को जीत दिलाई, लेकिन भारत की हार ने टीम चयन और रणनीति पर बहस जरूर छेड़ दी है।
आपकी राय में इस हार की सबसे बड़ी वजह क्या रही—गौतम गंभीर की रणनीति, गलत टीम चयन, कमजोर गेंदबाजी या भारतीय बल्लेबाजों की नाकामी? कमेंट करके अपनी राय जरूर बताएं।
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