लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खिलाड़ियों और खेल क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ हुई बैठक में उत्तर प्रदेश में खेल सुविधाओं को लेकर कई प्रस्तावों पर चर्चा की। बैठक में अलग-अलग खेलों के खिलाड़ियों, अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों, कोचों और खेल से जुड़े लोगों को सम्मानित किया गया। इसके बाद खिलाड़ियों की ओर से तैयार मेमोरेंडम में खेल बजट, मैदान, प्रशिक्षण, चिकित्सा सुविधाओं, पेंशन, रोजगार और महिला खिलाड़ियों के लिए विशेष व्यवस्था समेत कई मांगें रखी गईं।
बैठक में यह बात सामने रखी गई कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की तलाश केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे। गांव, ब्लॉक और जिला स्तर से खिलाड़ियों को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए व्यवस्थित व्यवस्था तैयार करने की जरूरत बताई गई।
खिलाड़ियों और कोचों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में कई खेल हस्तियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। इसमें पहलवानों के साथ एथलेटिक्स, शूटिंग, बॉक्सिंग और पैरा स्पोर्ट्स से जुड़े खिलाड़ी तथा प्रशिक्षक शामिल रहे।
अंतरराष्ट्रीय पहलवान और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके खिलाड़ियों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने तालियों के साथ खिलाड़ियों का स्वागत किया।
खेल बजट को लेकर रखा गया प्रस्ताव
खिलाड़ियों की ओर से प्रस्तुत मेमोरेंडम में सबसे प्रमुख सुझावों में प्रदेश के खेल बजट को बढ़ाने की मांग शामिल रही। प्रस्ताव में कहा गया कि खेलों के लिए बजट तय करते समय प्रदेश की आबादी, क्षेत्रफल और खिलाड़ियों की संख्या को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
इसके साथ खेलों के लिए फंड जारी करने की प्रक्रिया में समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कही गई।
मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स हब विकसित करने और जिलों में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का सुझाव भी रखा गया। इसके अलावा स्पोर्ट्स साइंस और स्पोर्ट्स मेडिसिन सेंटर बनाने की जरूरत बताई गई, ताकि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के साथ वैज्ञानिक और चिकित्सकीय सहायता भी मिल सके।
स्कूलों के मैदान बच्चों के लिए खोलने का सुझाव
बैठक में ब्लॉक स्तर पर खेल मैदान उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया गया। सरकारी स्कूलों में मौजूद खेल मैदानों का इस्तेमाल स्कूल की पढ़ाई खत्म होने के बाद स्थानीय बच्चों और युवाओं के लिए करने का सुझाव दिया गया।
वक्ताओं का कहना था कि गांव और छोटे कस्बों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें नियमित अभ्यास और जरूरी संसाधन नहीं मिल पाते। ऐसे में उपलब्ध सरकारी मैदानों को खेल गतिविधियों से जोड़ने पर बड़ी संख्या में युवाओं को लाभ मिल सकता है।
प्रतिभाओं की पहचान के लिए अलग सिस्टम की मांग
जिला स्तर पर खिलाड़ियों की प्रतिभा तलाशने के लिए डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स टैलेंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम विकसित करने का प्रस्ताव सामने आया।
इस व्यवस्था के जरिए कम उम्र में प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण, उपकरण और अन्य जरूरी सुविधाएं देने की बात कही गई। उद्देश्य यह बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्र से निकलने वाली प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर ही उचित मार्गदर्शन मिल सके और वे आगे चलकर राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंच सकें।
आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए कम ब्याज पर लोन
बैठक में खिलाड़ियों की आर्थिक स्थिति को लेकर भी सुझाव रखे गए। कहा गया कि ग्रामीण, किसान परिवारों और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले खिलाड़ियों के लिए कम ब्याज दर पर बिजनेस लोन की व्यवस्था होनी चाहिए।
इसके पीछे तर्क दिया गया कि कई खिलाड़ी खेल के साथ आर्थिक जिम्मेदारियों से भी जूझते हैं। ऐसी व्यवस्था होने पर वे खेल छोड़ने के बजाय अपनी आय का अलग साधन तैयार कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए आवास की मांग
लखनऊ में आने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए रहने की व्यवस्था का प्रस्ताव भी रखा गया। सुझाव दिया गया कि ऐसे खिलाड़ियों को राजधानी में आने पर उचित हॉस्टल या आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए आर्थिक सुरक्षा का विषय भी प्रमुखता से उठा। लक्ष्मण पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों, अर्जुन पुरस्कार विजेताओं और द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित प्रशिक्षकों के लिए मासिक पेंशन की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया।
इसके साथ आर्थिक रूप से कमजोर पूर्व खिलाड़ियों के लिए अलग पेंशन योजना की मांग भी रखी गई।
खिलाड़ियों को मुफ्त बस यात्रा देने का सुझाव
खेल प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण के लिए लगातार यात्रा करने वाले खिलाड़ियों के लिए यूपीएसआरटीसी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की मांग सामने आई।
बैठक में कहा गया कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण या प्रतियोगिता के लिए कई बार दूसरे जिलों और शहरों में जाना पड़ता है। यात्रा का खर्च उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन सकता है। ऐसे में परिवहन सुविधा खिलाड़ियों की मदद कर सकती है।
जिम और फिटनेस सेंटरों को प्रोत्साहन देने का सुझाव भी मेमोरेंडम में शामिल किया गया।
हर दो ब्लॉक पर इंडोर स्टेडियम का प्रस्ताव
खेल सुविधाओं को लेकर एक अन्य प्रस्ताव में हर दो ब्लॉक पर मल्टीपर्पज इंडोर स्टेडियम बनाने की बात कही गई। इसके साथ सिंथेटिक ट्रैक उपलब्ध कराने का सुझाव भी सामने आया।
बैठक में कहा गया कि बारिश या खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में अभ्यास प्रभावित होता है। इंडोर स्टेडियम होने पर खिलाड़ियों का प्रशिक्षण लगातार जारी रखा जा सकता है।
पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को नौकरी देने की मांग
खेल को युवाओं के लिए रोजगार से जोड़ने का सुझाव भी दिया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
इसी क्रम में ‘खेलो यूपी, पाओ नौकरी’ जैसी योजना लागू करने का सुझाव रखा गया।
बैठक में यह भी कहा गया कि जब अभिभावकों को खेल के माध्यम से बच्चों के भविष्य की संभावना दिखाई देगी, तभी वे बच्चों को खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
प्राथमिक स्कूलों में खेल का समय तय करने का सुझाव
बच्चों को कम उम्र से खेल से जोड़ने के लिए प्राथमिक विद्यालयों में रोजाना खेल के लिए निर्धारित समय रखने का प्रस्ताव सामने आया।
बैठक में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी अचानक तैयार नहीं होते। उनकी तैयारी बचपन से शुरू होती है। इसी सोच के साथ 2032 ओलंपिक को ध्यान में रखकर अभी से युवा प्रतिभाओं को तैयार करने की जरूरत बताई गई।
महिला खिलाड़ियों के लिए अलग सुविधाओं की मांग
महिला खिलाड़ियों के लिए विशेष पैकेज और अलग सुविधाओं का सुझाव भी रखा गया। जिला स्टेडियमों में महिला जिम और महिला प्रशिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग हुई।
महिला खिलाड़ियों तथा बालिकाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा ग्रामीण स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं को बढ़ावा देने और सैफई में हर वर्ष ग्रामीण ओलंपिक जैसे आयोजन कराने का सुझाव सामने आया। कबड्डी, कुश्ती और खो-खो जैसी प्रतियोगिताओं के राज्य स्तरीय विजेताओं को रोजगार से जोड़ने की बात भी कही गई।
अखिलेश यादव ने घोषणापत्र में सुझाव शामिल करने की बात कही
बैठक में खिलाड़ियों की ओर से आए सुझावों पर अखिलेश यादव ने कहा कि आगामी चुनावी घोषणापत्र तैयार करते समय खेल और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित बिंदुओं को उसमें शामिल किया जाएगा।
उन्होंने गांव से लेकर ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर तक खेल सुविधाओं को मजबूत करने की बात कही। उनके मुताबिक खिलाड़ियों के लिए केवल मैदान और उपकरण पर्याप्त नहीं हैं। डाइट, ट्रेनिंग, चोट की स्थिति में उपचार, थेरेपी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा भी खेल व्यवस्था का हिस्सा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर खेल व्यवस्था के ढांचे में बदलाव किया जाएगा, ताकि उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर माहौल मिल सके।
यश भारती और सम्मान राशि को लेकर भी बड़ा बयान
अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में यश भारती सम्मान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर खिलाड़ियों, कलाकारों, साहित्य और अन्य क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों के सम्मान की व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने सम्मान राशि बढ़ाने और मासिक सम्मान राशि में भी बढ़ोतरी की बात कही। उनके बयान के मुताबिक सम्मान राशि को 21 लाख रुपये और मासिक राशि को 1 लाख रुपये तक करने का प्रस्ताव रखा गया।
गोरखपुर और लखनऊ के जलभराव पर सरकार को घेरा
पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने गोरखपुर और लखनऊ में जलभराव को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने गोरखपुर की स्थिति का उल्लेख करते हुए विकास कार्यों पर कटाक्ष किया और कहा कि जिन स्थानों पर मेट्रो की बात होती थी, वहां जलभराव के कारण नाव चलाने जैसी स्थिति दिखाई दे रही है।
लखनऊ के पुराने इलाकों में बारिश के बाद पानी भरने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल किए।
चुनाव आयोग को लेकर लगाए गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग और मतदाता सूची से संबंधित सवालों पर भी अखिलेश यादव ने अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान समाजवादी पार्टी के समर्थकों के वोट काटे गए और कई मतदाताओं को मतदान से वंचित किया गया।
उन्होंने फॉर्म-7 के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि मतदाता सूची में नाम हटाने के प्रयास किए गए थे।
ये सभी आरोप अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है।
उन्होंने चुनाव आयोग से अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने और निष्पक्ष तरीके से काम करने की अपील की।
2027 के चुनाव पर भी बोले अखिलेश यादव
2027 विधानसभा चुनाव से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि 2024 में समाजवादी पार्टी ने भाजपा को चुनौती दी थी और 2027 में भी मुकाबले को लेकर उन्होंने अपना दावा रखा।
उन्होंने वोटों के संदर्भ में 27 हजार वोट बढ़ाने और भाजपा के 27 हजार वोट कम करने का बयान दिया। यह आगामी चुनाव को लेकर अखिलेश यादव का राजनीतिक बयान है।
खिलाड़ियों को लेकर क्या रहा बैठक का संदेश?
पूरी बैठक में खेल से जुड़े मुद्दे कई स्तरों पर सामने आए। एक तरफ खिलाड़ियों ने बजट और सुविधाओं की जरूरत बताई, वहीं दूसरी तरफ रोजगार, पेंशन, चिकित्सा, प्रशिक्षण, यात्रा और महिला खिलाड़ियों की सुविधाओं पर भी चर्चा हुई।
गांव में प्रतिभा तलाशने से लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने तक एक लंबी व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया गया। अब इन प्रस्तावों में से कितने बिंदु भविष्य की राजनीतिक घोषणाओं का हिस्सा बनते हैं और उन्हें किस रूप में लागू करने की योजना सामने आती है, यह आगे की राजनीतिक प्रक्रिया में स्पष्ट होगा।













