देश के सर्राफा बाजार में आज ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली। चांदी ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए ₹2.45 लाख प्रति किलो का ऑल टाइम हाई स्तर छू लिया। एक ही दिन में चांदी की कीमत में ₹7,725 की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई, जिसने निवेशकों और कारोबारियों दोनों को चौंका दिया। वहीं सोने की कीमत में भी मजबूती बनी रही और यह ₹741 की तेजी के साथ ₹1.37 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया।
चांदी ने तोड़ा रिकॉर्ड
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी में आई यह तेजी कई कारणों का नतीजा है। वैश्विक बाजारों में मजबूत मांग, डॉलर में कमजोरी और सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की बढ़ती प्रवृत्ति ने चांदी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री में चांदी की बढ़ती औद्योगिक मांग भी कीमतों को सहारा दे रही है।
सर्राफा बाजार में कारोबारियों का कहना है कि बीते कुछ हफ्तों से चांदी में लगातार तेजी बनी हुई थी, लेकिन आज की उछाल ने सभी अनुमानों को पीछे छोड़ दिया। निवेशकों में यह धारणा मजबूत हो रही है कि आने वाले समय में चांदी सोने से बेहतर रिटर्न दे सकती है।
सोने में भी मजबूती बरकरार
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली। सोना आज ₹741 महंगा होकर ₹1.37 लाख के स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई की आशंका के चलते निवेशक एक बार फिर सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंकों की नीतियां, ब्याज दरों को लेकर असमंजस और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव ने सोने को सुरक्षित निवेश का मजबूत विकल्प बना दिया है। यही वजह है कि कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी दोनों में तेजी का रुख है। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में गिरावट से कीमती धातुओं को समर्थन मिला है। इसके अलावा वैश्विक निवेशक आने वाले समय में आर्थिक मंदी की आशंका को देखते हुए कीमती धातुओं में निवेश बढ़ा रहे हैं।
भारत में सोने-चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ घरेलू मांग, टैक्स और रुपये की चाल पर भी निर्भर करती हैं। रुपये में हल्की कमजोरी ने भी कीमतों को ऊपर धकेलने में भूमिका निभाई है।
MCX पर भी दिखी हलचल
कमोडिटी एक्सचेंज Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर भी आज जबरदस्त हलचल देखने को मिली। चांदी के वायदा कारोबार में तेज खरीदारी रही, जिससे कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गईं। सोने के फ्यूचर्स में भी मजबूती बनी रही और निवेशकों ने लंबी अवधि के लिए पोजीशन बनानी शुरू कर दी है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार जानकारों का कहना है कि मौजूदा तेजी के दौर में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। कीमतें भले ही रिकॉर्ड स्तर पर हों, लेकिन मुनाफावसूली के चलते अचानक गिरावट भी देखने को मिल सकती है। लंबी अवधि के निवेशक चरणबद्ध तरीके से निवेश करें और एकमुश्त बड़ी रकम लगाने से बचें।
कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अगर वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में सोना और चांदी दोनों नए रिकॉर्ड बना सकते हैं। खासकर चांदी में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहता है, लेकिन रिटर्न की संभावना भी अधिक होती है।
सर्राफा बाजार में असर
कीमतों में तेजी का असर ज्वेलरी बाजार पर भी साफ दिख रहा है। ऊंचे दामों के कारण खुदरा खरीदारी पर असर पड़ा है, हालांकि निवेश उद्देश्य से खरीदारी में बढ़ोतरी देखी जा रही है। शादी-विवाह के सीजन में ऊंची कीमतें ग्राहकों के बजट पर दबाव डाल सकती हैं।












