कानपुर, 16 अगस्त। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की कथित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता धर्मराज सिंह चौहान ने विरोध का ऐलान किया। कांग्रेस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, धर्मराज सिंह चौहान रविवार को नंगे पांव अयोध्या जाने के लिए कानपुर के रामादेवी चौराहे से रवाना हुए थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस का आरोप है कि धर्मराज सिंह चौहान श्रद्धालुओं से जुड़े चंदे को लेकर सतीश महाना की कथित टिप्पणी के विरोध में श्रीराम से न्याय की मांग को लेकर अयोध्या की ओर पैदल कूच कर रहे थे। पार्टी के अनुसार, पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोककर चकेरी थाने ले गई।
चकेरी थाने के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
धर्मराज सिंह चौहान की गिरफ्तारी की खबर फैलने के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और रामलला के श्रद्धालु चकेरी थाने के बाहर पहुंच गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया और इसे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकार से जोड़ते हुए नाराजगी जताई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसी भी वरिष्ठ व्यक्ति या श्रद्धालु की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। पार्टी ने सतीश महाना से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की।
कांग्रेस ने बताया राजनीतिक विरोध का हिस्सा
कांग्रेस की ओर से जारी बयान में योगी आदित्यनाथ सरकार पर भी निशाना साधा गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार और विधानसभा अध्यक्ष के प्रभाव में पुलिस प्रशासन ने धर्मराज सिंह चौहान को शांतिपूर्ण तरीके से अयोध्या जाने से रोका और गिरफ्तार किया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल सचान, रोहित कटारा, मंजू शर्मा, दिनेश कटिहार और राहुल शुक्ला समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस ने कहा कि धर्मराज सिंह चौहान की इस मुहिम में पार्टी उनके साथ खड़ी है।
टिप्पणी को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
सतीश महाना की कथित टिप्पणी को लेकर अब कानपुर में राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को श्रद्धालुओं की भावनाओं से जोड़कर सरकार और भाजपा पर सवाल उठा रही है। वहीं, पुलिस की ओर से धर्मराज सिंह चौहान को रोके जाने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है।
नोट: सतीश महाना की कथित टिप्पणी और पुलिस कार्रवाई को लेकर ऊपर दी गई जानकारी कांग्रेस द्वारा जारी प्रेस बयान के आधार पर है। संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
यह खबर भी पढ़ें: पिस्टल दिखाकर रंगदारी वसूलने और जान से मारने













