
लखनऊ में ट्रैफिक समस्या पर मंत्री सुरेश खन्ना की अहम बैठक
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में लगातार बढ़ रही ट्रैफिक समस्या को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर नजर आ रही है। इसी क्रम में प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, पुलिस प्रशासन, यातायात विभाग, एलडीए और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि लखनऊ प्रदेश की राजधानी है और यहां की ट्रैफिक व्यवस्था पूरे प्रदेश के लिए एक मॉडल होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जाम की समस्या से आम जनता को राहत दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक दबाव की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही ट्रैफिक सुधार के लिए एक संयुक्त कमेटी गठित करने को कहा, जिसमें पुलिस, नगर निगम, एलडीए और यातायात विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। यह कमेटी जाम के स्थायी समाधान के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार करेगी।
बैठक में अवैध अतिक्रमण, सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग, निर्माण कार्यों के कारण हो रहे ट्रैफिक अवरोध और सिग्नल सिस्टम की खराबी जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री खन्ना ने निर्देश दिए कि अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज किया जाए और स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
उन्होंने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए और आम नागरिकों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। अंत में मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि तैयार किए गए एक्शन प्लान को समयबद्ध तरीके से लागू कर उसकी नियमित समीक्षा की जाए, ताकि राजधानीवासियों को जल्द से जल्द जाम की समस्या से निजात मिल सके।












