वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका, निवेश क्षमता और आर्थिक मजबूती पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत को सिर्फ एक उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में नहीं, बल्कि स्थिर, भरोसेमंद और दीर्घकालिक साझेदार के तौर पर देख रही है। पीएम मोदी के मुताबिक, बीते कुछ वर्षों में भारत ने जिस तरह नीतिगत सुधार, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और डिजिटल परिवर्तन को आगे बढ़ाया है, उससे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “आज दुनिया भारत से बड़ी उम्मीदें रखती है। भारत सिर्फ अपनी जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की युवा आबादी, लोकतांत्रिक व्यवस्था और नवाचार की संस्कृति देश को आने वाले दशकों में विकास का इंजन बनाएगी।
गुजरात: विकास का मॉडल
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने गुजरात को भारत के विकास मॉडल का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात मंच ने पिछले दो दशकों में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विस्तार के नए रास्ते खोले हैं। प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि जब वाइब्रेंट गुजरात की शुरुआत हुई थी, तब इसका उद्देश्य राज्य की क्षमताओं को दुनिया के सामने लाना था, और आज यह पहल वैश्विक निवेश का भरोसेमंद ब्रांड बन चुकी है।
पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात ने ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, तेज़ निर्णय प्रक्रिया और उद्योग–सरकार के सहयोग से यह साबित किया है कि अगर नीयत साफ़ हो और नीतियां स्पष्ट हों, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने अन्य राज्यों से भी गुजरात मॉडल से सीख लेने का आह्वान किया।
वैश्विक निवेशकों को संदेश
प्रधानमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि देश आज राजनीतिक स्थिरता, पारदर्शी नीतियों और तेज़ी से विकसित होते इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश की औद्योगिक और तकनीकी क्षमता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब केवल कच्चे माल या सस्ते श्रम का केंद्र नहीं है, बल्कि हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च और इनोवेशन का बड़ा हब बन रहा है। सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
युवाओं और स्टार्टअप्स की भूमिका
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने भारत के युवाओं की तारीफ करते हुए कहा कि आज का युवा जोखिम लेने को तैयार है और नए विचारों के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया के सबसे बड़े इकोसिस्टम्स में से एक बन चुका है। सरकार युवाओं को नीति समर्थन, फंडिंग और वैश्विक बाज़ार तक पहुंच देने के लिए लगातार काम कर रही है।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि तकनीक और नवाचार के दम पर भारत न सिर्फ आर्थिक विकास करेगा, बल्कि सामाजिक चुनौतियों का भी समाधान निकालेगा। डिजिटल भुगतान, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और ई-गवर्नेंस जैसे उदाहरणों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक ने शासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है।
आत्मनिर्भर भारत से वैश्विक भागीदारी तक
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब दुनिया से कटना नहीं, बल्कि दुनिया के साथ और मजबूत साझेदारी करना है। उन्होंने कहा कि भारत आज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और रणनीतिक साझेदारियों के जरिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी भूमिका को और विस्तार दे रहा है।
पीएम मोदी के मुताबिक, भारत की विदेश नीति अब केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापार, तकनीक और निवेश को भी समान महत्व देती है। यही वजह है कि आज भारत को वैश्विक मंचों पर एक निर्णायक आवाज़ के रूप में सुना जा रहा है।
भविष्य की दिशा
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाला दशक भारत का दशक होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार, उद्योग और समाज के साझा प्रयासों से भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ेगा। पीएम मोदी ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात जैसे मंच इस यात्रा में अहम भूमिका निभाएंगे और भारत को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने में मदद करेंगे।
प्रधानमंत्री के इस बयान के साथ यह साफ़ संदेश गया कि भारत अब सिर्फ संभावनाओं का देश नहीं, बल्कि अवसरों को साकार करने वाला देश बन चुका है—और यही वजह है कि दुनिया की भारत से उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं।












