गोरखपुर/लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी और उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस बार गोरखपुर की जनता ने परिणाम बदलने का संकल्प लिया है और समाजवादी पार्टी गोरखपुर में बीजेपी को घेरकर हराएगी।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के 10 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था और रोजगार के क्षेत्र में सिर्फ झूठे वादे किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में अपनी यूनिवर्सिटी बनाने में लगे हैं, जबकि सरकारी शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि वर्ष 2017 में गोरखपुर में 2163 प्राथमिक विद्यालय थे, जो 2026 तक घटकर 1676 रह गए हैं। उनके अनुसार करीब 500 प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए गए हैं।
दलितों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि गोरखपुर में दलितों पर अपराध के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में अनुसूचित जाति वर्ग के खिलाफ अपराधों में 37 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामलों में भी 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि गोरखपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 77 से घटकर मात्र 9 रह गई है। इसके विपरीत निजी एलोपैथिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 37 से बढ़कर 501 हो गई, जो सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।
अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर भी अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार और ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में जमीन से जुड़े चार चरणों में बड़ा घोटाला हुआ है। साथ ही राम मंदिर के चंदे में कथित तौर पर 200 करोड़ रुपये की लूट और अनियमितताओं का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि ट्रस्ट के अंदर के लोगों ने ही चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं तथा चढ़ावे के पैसे का निजी खर्चों में इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों से मंदिर के नाम पर घोटाला किया जा रहा है।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण और विकास परियोजनाओं के नाम पर किसानों की जमीन छीनी गई और स्थानीय लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा, “राम मंदिर बना लेकिन अयोध्या के कई लोग उजड़ गए। राम नगरी में विकास के नाम पर महाघोटाला हुआ है।”
इसके अलावा उन्होंने प्रदेश में तालाबों और जलाशयों पर हुए कथित अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया और सरकार से वर्ष 2017 से पहले और वर्तमान में मौजूद तालाबों की संख्या सार्वजनिक करने की मांग की।
हालांकि, इन सभी आरोपों पर भाजपा या संबंधित पक्षों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।













