बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में घरेलू विवाद के बाद एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। रुपईडीहा थाना क्षेत्र के निधि नगर पोखरा गांव में 30 वर्षीय युवक का शव गांव के पास स्थित आम के बाग में फंदे से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया, जबकि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।
परिजनों के अनुसार मृतक की पहचान राज खिलावन (30 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि घटना से पहले घर में किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई थी। विवाद के बाद राज खिलावन घर से निकल गया। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की।
इसी दौरान गांव से कुछ दूरी पर स्थित एक आम के बाग में उसका शव गमछे के सहारे पेड़ से लटका मिला। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों और परिजनों के होश उड़ गए। सूचना तेजी से गांव में फैल गई और घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
मृतक के चचेरे भाई मनीराम ने बताया कि घरेलू विवाद के बाद राज खिलावन मानसिक रूप से काफी परेशान दिखाई दे रहा था। किसी को अंदेशा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। परिवार का कहना है कि घटना ने पूरे घर को गहरे सदमे में डाल दिया है।
घटना की जानकारी मिलते ही रुपईडीहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही परिजनों और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की पूरी परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके।
ग्रामीणों के अनुसार राज खिलावन सामान्य स्वभाव का व्यक्ति था और गांव में सभी लोगों से उसके अच्छे संबंध थे। अचानक हुई इस घटना से पूरा गांव स्तब्ध है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी घरेलू परेशानियां यदि समय रहते सुलझा ली जाएं तो ऐसे दुखद हादसों से बचा जा सकता है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यदि कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव के मामलों में समय रहते संवाद और सहयोग कितना आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू विवादों के दौरान भावनात्मक संतुलन बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर परिवार, मित्रों या विशेषज्ञों की मदद लेना ऐसे दुखद घटनाक्रमों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।













