गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे की मान्यता प्राप्त यूनियन एन.ई. रेलवे मेंस कांग्रेस (NERMC) के आह्वान पर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय परिसर में कर्मचारी विरोधी नीतियों और कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में गोरखपुर सहित मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे बड़ी संख्या में रेल कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शन की अध्यक्षता इंडियन रेलवे एम्प्लॉयी फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश पाण्डेय ने की। उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारियों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रदर्शन सांकेतिक है, लेकिन यदि कर्मचारियों की समस्याओं और शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आगे चरणबद्ध और व्यापक आंदोलन शुरू करेगा।
चार्जशीट और कर्मचारियों के शोषण का मुद्दा उठा
यूनियन के मंडल मंत्री राकेश चंद्र वर्मा ने प्रशासन पर यूनियन की उपेक्षा करने और कर्मचारियों को लगातार चार्जशीट दिए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से कर्मचारियों पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है। संगठन ने प्रशासन से कर्मचारियों की समस्याओं पर समयबद्ध तरीके से सुनवाई और समाधान की मांग की।
मंडल कोषाध्यक्ष इवेंद्र नागवंशी ने कम मैनपावर में अधिक कार्य लिए जाने का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि कर्मचारियों की संख्या कम होने के बावजूद कार्यभार बढ़ता जा रहा है, जिससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है और उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
8 घंटे के रोस्टर वाले गेटों पर 12 घंटे की ड्यूटी का विरोध
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कई प्रमुख मांगों को लेकर आवाज उठाई। इनमें मनमाने टारगेट आधारित स्थानांतरण, स्टेशन मास्टर संवर्ग के स्थानांतरण, पैनल रूम में एसी की व्यवस्था, म्युचुअल ट्रांसफर में समान स्थान नहीं मिलने, 8 घंटे के रोस्टर वाले गेटों पर 12 घंटे की ड्यूटी और डबल रेस्ट नहीं दिए जाने जैसे मुद्दे शामिल रहे।
इसके अलावा रेलवे गेटों पर सोलर पैनल और पर्याप्त विद्युत व्यवस्था, कम मैनपावर में अधिक काम लेने तथा छोटी-छोटी मानवीय भूलों पर कठोर दंड दिए जाने का भी विरोध किया गया।
कर्मचारियों की समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई की मांग
यूनियन ने मांग की कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर संगठन की ओर से प्रशासन के समक्ष पैरवी किए जाने पर उन पर उचित और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में शुद्ध आरओ पेयजल और पर्याप्त अग्निशमन उपकरण उपलब्ध कराने की मांग भी प्रदर्शन के दौरान रखी गई।
मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र गुप्ता ने मंडल चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर चिंता जताते हुए अस्पताल की सुविधाओं में तत्काल सुधार की मांग की।
वहीं संगठन के केंद्रीय कोषाध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय ने कहा कि रेलवे कर्मचारी अनुशासित तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की शांति को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। छोटी मानवीय भूलों को सुधार का अवसर मिलना चाहिए, उन्हें दंडात्मक कार्रवाई का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा व्यापक
सहायक महामंत्री राजीव पाठक और महेंद्र दूबे ने कर्मचारियों के मान-सम्मान और अधिकारों की सुरक्षा के लिए संगठन की प्रतिबद्धता दोहराई। यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा।
प्रदर्शन में गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, बहराइच, बादशाहनगर, मैलानी, सीतापुर, ऐशबाग और लखनऊ जंक्शन समेत विभिन्न शाखाओं से पदाधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। इस दौरान योगेंद्र प्रताप सिंह, गौतम पांडे, अनुराग त्रिपाठी, केडी गुप्ता, धारा सिंह मीणा, उदित यादव, राजेश यादव, लक्ष्मण यादव, अजय श्रीवास्तव, रंजीत कुमार, सुशील कुमार, राम कृष्ण, वसीम खान, प्रफुल्ल सिंह, मनीष श्रीवास्तव, मनोरंजन यादव, मुकेश श्रीवास्तव, मनोज मिश्रा, सौरभ सक्सेना, जेपी कुशवाहा, राघवेंद्र सिंह, सुधीर खरे, शतीश कुमार, नवीन श्रीवास्तव, बृजेश वर्मा और विनय कुमार सहित कई कर्मचारी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
यूनियन ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन आगे भी प्रशासन के समक्ष मजबूती से अपनी बात रखेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को अगले चरण तक ले जाया जाएगा।
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