लखनऊ, 18 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आइसा के ‘GenZ Rising’ अभियान के उत्तर प्रदेश चैप्टर ने प्रदेशव्यापी GEN-Z महाजुटान यात्रा की घोषणा की है। लखनऊ के यूपी प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में अभियान के नेताओं ने यात्रा की रूपरेखा और विभिन्न शहरों में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी।
आइसा के मुताबिक, इस यात्रा में मुख्य रूप से नेहा और मनीष शामिल रहेंगे। वहीं कुछ स्थानों पर JNUSU की अध्यक्ष अदिति और सह सचिव दानिश भी यात्रा से जुड़ेंगे। संगठन का कहना है कि यात्रा का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों और नौजवानों के बीच चल रहे आंदोलनों और उनके स्थानीय मुद्दों को एक व्यापक छात्र-युवा आंदोलन से जोड़ना है।
पेपर लीक से लेकर फीस और रोजगार तक के मुद्दे
प्रेस ब्रीफिंग में कहा गया कि प्रदेश में छात्रों के सामने सिर्फ पेपर लीक और परीक्षा संबंधी समस्याएं ही नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े कई सवाल भी लगातार उठ रहे हैं।
आइसा के अनुसार, 12 जून को लखनऊ के ईको गार्डन में पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इसके बाद 25 जुलाई को प्रयागराज, लखनऊ, झांसी और सहारनपुर समेत कई जिलों में पेपर लीक, निष्पक्ष परीक्षा और जवाबदेही की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए।
संगठन ने 31 जुलाई को लखनऊ में फीस वृद्धि, छात्रसंघ चुनाव की बहाली और छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के विरोध का भी जिक्र किया। वहीं 9 अगस्त को अंबेडकर नगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के SC/ST छात्रों द्वारा ईको गार्डन में प्रदर्शन किए जाने की बात कही गई।
प्रेस ब्रीफिंग में 10 अगस्त को KGMU के इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड से जुड़े प्रदर्शन और 11 अगस्त को 56 दिनों के संघर्ष के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा तीन छात्रों का निष्कासन वापस लिए जाने का भी उल्लेख किया गया। इसके अलावा 14 और 17 अगस्त को लखनऊ में स्कूली छात्रों द्वारा शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किए जाने की बात कही गई।
इन मुद्दों को एक मंच पर लाने की कोशिश
आइसा नेताओं का कहना है कि ये सभी घटनाएं अलग-अलग नहीं हैं, बल्कि छात्रों और युवाओं के सामने मौजूद व्यापक संकट का हिस्सा हैं। संगठन के मुताबिक सस्ती और सुलभ शिक्षा, सामाजिक न्याय, निष्पक्ष परीक्षा एवं भर्ती, रोजगार, सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकार जैसे मुद्दों को एक व्यापक आंदोलन के रूप में सामने लाने की कोशिश की जाएगी।
प्रेस ब्रीफिंग में कहा गया कि जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान अलग-अलग मुद्दों के एक साथ आने से राष्ट्रीय स्तर पर आवाज बनी। GEN-Z महाजुटान यात्रा के जरिए इसी प्रक्रिया को उत्तर प्रदेश में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
9 सितंबर से शुरू होगी यात्रा
आइसा के अनुसार, GEN-Z महाजुटान यात्रा की शुरुआत 9 सितंबर को इलाहाबाद से होगी। इसके बाद अलग-अलग शहरों में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
यात्रा का कार्यक्रम:
- 9 सितंबर — इलाहाबाद
- 10 सितंबर — रायबरेली
- 12 सितंबर — बनारस
- 13 सितंबर — आजमगढ़
- 14 सितंबर — गोरखपुर
- 15 सितंबर — फैजाबाद
- 17 सितंबर — लखनऊ
- 18 सितंबर — मेरठ
संगठन का कहना है कि हर पड़ाव पर स्थानीय छात्रों, प्रतियोगी परीक्षार्थियों और चल रहे छात्र-युवा आंदोलनों से जुड़े लोगों से संवाद किया जाएगा। स्थानीय मांगों और संघर्षों को प्रदेशव्यापी शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों के सवालों से जोड़ने पर जोर रहेगा।
आइसा नेताओं ने कहा कि यह यात्रा केवल विभिन्न शहरों में नेताओं के भाषण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि स्थानीय छात्र-युवा मुद्दों को व्यापक आंदोलन से जोड़ने की कोशिश होगी।
प्रेस ब्रीफिंग में आइसा के राष्ट्रीय सचिव प्रसेनजीत कुमार, आइसा उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार, आरवाईए उत्तर प्रदेश सचिव सुनील मौर्य, आइसा उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष भानु और विवेक तथा लखनऊ विश्वविद्यालय की पीएचडी शोधार्थी सीमा के नाम से बयान जारी किया गया।
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