इंदिरानगर पुलिस की कार्रवाई, CDR और सर्विलांस के जरिए आरोपी की लोकेशन का लगाया पता
लखनऊ। इंदिरानगर थाना पुलिस ने आत्महत्या के लिए कथित तौर पर उकसाने के मामले में करीब ढाई साल से वांछित चल रहे 61 वर्षीय आरोपी को कर्नाटक के बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान संतोष सिंह के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, मामले में 15 अप्रैल 2024 को जेबा अंजुम पत्नी स्वर्गीय इरफान अहमद, निवासी इंदिरानगर, ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उनके बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया था।
2024 में दर्ज हुआ था मुकदमा
शिकायत के आधार पर इंदिरानगर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 91/2024 दर्ज किया गया था। इसमें धारा 306 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला पंजीकृत कर जांच शुरू की गई।
पुलिस के मुताबिक मामले की शुरुआती विवेचना उपनिरीक्षक सचिन सिंह ने की थी। उनके स्थानांतरण के बाद जांच की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक आशीष कुमार पाण्डेय को दी गई।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सर्विलांस की मदद ली। इसी प्रक्रिया में आरोपी संतोष सिंह की लोकेशन बेंगलुरु, कर्नाटक में होने की जानकारी सामने आई।
बेंगलुरु पहुंची पुलिस टीम
पुलिस के अनुसार, उच्चाधिकारियों से अनुमति लेने के बाद इंदिरानगर पुलिस की टीम ने 17 अगस्त 2026 को बेंगलुरु सिटी, कर्नाटक में स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी संतोष सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद स्थानीय कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया। इसके बाद 20 अगस्त को उसे लखनऊ लाकर इंदिरानगर थाने में दाखिल किया गया।
61 वर्षीय है आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान संतोष सिंह पुत्र स्वर्गीय विश्वनाथ सिंह के रूप में हुई है। उसकी उम्र 61 वर्ष बताई गई है। वह वर्तमान में बेंगलुरु के विल्सन गार्डन थाना क्षेत्र स्थित एक अपार्टमेंट में रह रहा था। पुलिस ने उसका मूल पता वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र का बताया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी कोई काम नहीं करता है।
आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप बताया है। मामले में जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने यह भी कहा है कि आरोपी के अन्य आपराधिक इतिहास के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
गिरफ्तारी में इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
इंदिरानगर थाना पुलिस की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अजय नारायण सिंह, उपनिरीक्षक आशीष कुमार पाण्डेय और उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार शामिल रहे।
पुलिस के मुताबिक मामले में नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की सर्विलांस तकनीक से मिली सफलता
करीब ढाई साल से फरार बताए जा रहे आरोपी तक पहुंचने में CDR और सर्विलांस तकनीक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने पहले आरोपी की लोकेशन का पता लगाया और इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से बेंगलुरु में कार्रवाई की।
अब जांच एजेंसी मामले से जुड़े अन्य तथ्यों, साक्ष्यों और आरोपी की भूमिका की पड़ताल कर रही है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
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