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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों, युवाओं, महिलाओं और प्रदेश की बदलती पहचान को लेकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश कभी शिक्षा और ज्ञान की भूमि के रूप में जाना जाता था और देश के अलग-अलग हिस्सों में यूपी के शिक्षकों का सम्मान था। उन्होंने दावा किया कि एक दौर में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था ऐसी स्थिति में पहुंच गई थी कि यूपी की पहचान को लेकर संकट खड़ा हो गया था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश के शिक्षक लंबे समय से देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी सेवाओं और प्रतिभा के लिए पहचाने जाते रहे हैं। उन्होंने काशी को प्राचीन काल से ज्ञान और शिक्षा की आराधना की भूमि बताते हुए कहा कि यूपी का शिक्षा के क्षेत्र में समृद्ध इतिहास रहा है।

‘यूपी के शिक्षक दूसरे राज्यों में पढ़ाते थे’

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के शिक्षकों का सम्मान पहले से ही रहा है। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर भारत के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में जाने पर अक्सर यह सुनने को मिलता था कि वहां पढ़ाने वाले शिक्षक उत्तर प्रदेश से आए हैं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में यूपी के शिक्षक अपनी सेवाएं देते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की शिक्षा परंपरा और यहां के शिक्षकों की क्षमता को दर्शाता है।

सपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर निशाना

अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसी व्यवस्था बना दी गई थी, जिसमें नकल को बढ़ावा मिला।

मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि “नकल हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है” जैसी व्यवस्था ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नकल के जरिए प्रदेश की ‘अकल’ को नीलाम करने का काम किया गया, जिसका परिणाम उत्तर प्रदेश के सामने पहचान के संकट के रूप में आया।

‘आज यूपी के व्यक्ति के सामने पहचान का संकट नहीं’

योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश की छवि में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि अब यूपी का व्यक्ति देश के किसी भी हिस्से में जाता है तो उसे अपनी पहचान बताने में किसी तरह की झिझक नहीं होती।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यदि कोई व्यक्ति खुद को उत्तर प्रदेश से, लखनऊ, गोरखपुर, अयोध्या, हरदोई, उन्नाव, अलीगढ़, मुरादाबाद, मेरठ, झांसी या चित्रकूट से बताता है तो सामने वाला व्यक्ति सम्मान के साथ उससे मिलता है।

उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश के बदलते सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि “यह है सम्मान।”

बेटियों की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार का भी मुद्दा उठाया

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकार के दौरान प्रदेश के सामने कई तरह के संकट खड़े हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटियों के सामने सुरक्षा का संकट था और युवाओं को रोजगार से वंचित किया गया।

उन्होंने छात्रों को शिक्षा से वंचित करने का भी आरोप लगाया। योगी ने कहा कि सरकार का काम केवल सत्ता चलाना नहीं, बल्कि समाज के अलग-अलग वर्गों की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए संसाधन उपलब्ध कराना भी है।

रसोइयों, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का किया जिक्र

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने रसोइयों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों और गांव के चौकीदारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले इन वर्गों की समस्याओं को पर्याप्त रूप से नहीं सुना गया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गरीब, महिलाएं, गांव और शहर—हर वर्ग की समस्याओं को सुनने के लिए समय, सामर्थ्य और संसाधनों की आवश्यकता होती है।

उन्होंने कहा कि किसी योजना को लागू करने के लिए केवल घोषणा पर्याप्त नहीं होती, बल्कि उसके लिए आवश्यक संसाधन जुटाने की क्षमता भी जरूरी होती है।

‘डबल इंजन सरकार’ की नीतियों का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भाजपा की डबल इंजन सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने संसाधन जुटाकर विभिन्न वर्गों के मानदेय और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कदम उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से मानदेय में वृद्धि हुई है और इसके साथ सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य संबंधी सहायता का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र लोगों के स्वास्थ्य पर खर्च के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

शिक्षा और सम्मान को लेकर सरकार का दावा

योगी आदित्यनाथ के भाषण का एक बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश की बदलती छवि और शिक्षा व्यवस्था के इर्द-गिर्द रहा। उन्होंने शिक्षक सम्मान से लेकर युवाओं के रोजगार, बेटियों की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा तक कई मुद्दों का जिक्र किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए मौजूदा भाजपा सरकार को विकास, सुरक्षा और सम्मान से जोड़कर पेश किया।

राजनीतिक संदेश भी साफ

मुख्यमंत्री के इस संबोधन को केवल शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसमें समाजवादी पार्टी पर सीधा राजनीतिक हमला भी दिखाई दिया। योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मौजूदा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की पहचान और सम्मान में बदलाव का दावा किया।

उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश का व्यक्ति देश के किसी भी हिस्से में सम्मान के साथ अपनी पहचान बताता है। इसी बदलाव को मुख्यमंत्री ने प्रदेश की नई छवि के तौर पर प्रस्तुत किया।

नोट: इस खबर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन में कही गई बातों और आरोपों को उनके वक्तव्य के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। समाजवादी पार्टी का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।

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