लखनऊ। रक्षाबंधन पर्व पर परिवार के साथ रिश्तेदार के घर आई सात वर्षीय बच्ची अचानक लापता हो गई। बच्ची के गायब होने से परिजनों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना मदेयगंज पुलिस ने बिना समय गंवाए बच्ची की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम ने आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों से पूछताछ करते हुए अलग-अलग स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। त्वरित कार्रवाई का परिणाम यह रहा कि पुलिस ने महज एक घंटे के भीतर बच्ची को बड़ी पकरिया क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया।
बच्ची के सकुशल मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्ची को सुरक्षित पाकर परिवार ने राहत की सांस ली और मदेयगंज पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना की। लखनऊ पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट में पूरी कार्रवाई का विवरण साझा किया गया है।
रक्षाबंधन पर परिवार के साथ आई थी बच्ची
पुलिस के अनुसार, सात वर्षीय बच्ची अपने परिवार के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के लिए लखनऊ के खदरा क्षेत्र स्थित कुम्हारन टोला आई थी। परिवार मूल रूप से शंकरपुर, महमूदाबाद, जनपद सीतापुर का निवासी बताया गया है। त्योहार के अवसर पर बच्ची अपने परिजनों के साथ रिश्तेदार के घर आई हुई थी।
बताया गया कि बच्ची किसी काम से दुकान पर पॉलिथीन लेने के लिए गई थी। दुकान से लौटते समय वह रास्ता भटक गई और वापस अपने परिजनों के पास नहीं पहुंच सकी। कुछ समय तक जब बच्ची घर नहीं लौटी तो परिवार के लोगों को चिंता होने लगी। उन्होंने आसपास तलाश शुरू की, लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं चल सका।
स्थिति गंभीर होती देख परिजनों ने थाना मदेयगंज पुलिस को मामले की सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
पुलिस के मुताबिक, 1 सितंबर 2026 को करीब 18:10 बजे थाना मदेयगंज को बच्ची के लापता होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अनुज कुमार तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस टीम गठित की और बच्ची की सकुशल बरामदगी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस टीम ने बच्ची की फोटो लेकर आसपास के क्षेत्र में तलाश शुरू की। टीम ने क्षेत्र की दुकानों पर जाकर दुकानदारों से बच्ची के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की गई। पुलिस ने संभावित रास्तों और आसपास के इलाकों में लगातार खोजबीन की।
बच्ची की कम उम्र को देखते हुए पुलिस ने मामले में तेजी दिखाई और अलग-अलग स्थानों पर टीम को सक्रिय किया। पुलिसकर्मियों ने बच्ची की तस्वीर स्थानीय लोगों को दिखाकर उसकी पहचान करने और उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
बड़ी पकरिया क्षेत्र में रोती हुई मिली बच्ची
तलाश के दौरान पुलिस टीम को सफलता तब मिली, जब बड़ी पकरिया क्षेत्र में बच्ची रोते हुए टहलती हुई दिखाई दी। पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसके पास पहुंचकर उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया।
महिला आरक्षी की मदद से बच्ची की पहचान सुनिश्चित की गई। पुलिस टीम ने बच्ची को थाना मदेयगंज लाकर आवश्यक कार्रवाई पूरी की और उसके परिजनों को इसकी सूचना दी।
बच्ची के मिलने की खबर जैसे ही परिवार को मिली, उनकी चिंता दूर हुई। पुलिस के अनुसार, बच्ची को पूरी तरह सकुशल स्थिति में उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
रास्ता भटकने के कारण घर नहीं पहुंच सकी
पुलिस के अनुसार, बच्ची ने पूछताछ में बताया कि वह मिट्टी भरकर खेलने के लिए दुकान से पॉलिथीन लेने गई थी। इसी दौरान रास्ता भटक जाने के कारण वह वापस घर नहीं पहुंच सकी।
कम उम्र होने के कारण बच्ची अपने घर का रास्ता नहीं पहचान पाई और भटकते हुए दूसरी दिशा में चली गई। इस दौरान वह बड़ी पकरिया क्षेत्र तक पहुंच गई। पुलिस टीम ने समय रहते बच्ची को खोज लिया और उसे सुरक्षित परिजनों तक पहुंचा दिया।
इस घटना में पुलिस की त्वरित कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि छोटे बच्चों के अचानक लापता होने की स्थिति में शुरुआती समय बेहद अहम माना जाता है। पुलिस टीम ने सूचना मिलने के बाद तलाश में देरी नहीं की और आसपास के इलाके में तत्काल अभियान शुरू कर दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिवार को मिली राहत
बच्ची के लापता होने के बाद परिजन काफी परेशान थे। त्योहार के माहौल में अचानक बच्ची के गायब होने से परिवार में चिंता का माहौल बन गया था। लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते करीब एक घंटे में बच्ची के सकुशल मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली।
पुलिस की ओर से बताया गया कि बच्ची को सुरक्षित बरामद करने के बाद महिला आरक्षी द्वारा उसकी पहचान सुनिश्चित की गई। इसके बाद आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करते हुए बच्ची को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
परिजनों ने बच्ची को सुरक्षित बरामद करने के लिए मदेयगंज पुलिस टीम का आभार जताया और पुलिसकर्मियों के प्रयासों की प्रशंसा की।
इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
बच्ची की तलाश और बरामदगी के लिए गठित पुलिस टीम में थाना मदेयगंज के कई पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष अनुज कुमार तिवारी, उपनिरीक्षक नागवेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार तिवारी, उपनिरीक्षक दिव्यांशु मिश्रा, उपनिरीक्षक किशन कुमार गुप्ता तथा महिला आरक्षी खुशबू पठान शामिल रहीं।
टीम ने बच्ची की फोटो के आधार पर आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई और संभावित स्थानों पर तलाश की। लगातार प्रयासों के बाद बच्ची को बड़ी पकरिया क्षेत्र में खोज लिया गया।
बच्चों के गुम होने पर तत्काल सूचना देना जरूरी
इस घटना से एक बार फिर यह बात सामने आती है कि छोटे बच्चों के लापता होने की स्थिति में परिजनों को घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए। शुरुआती समय में सूचना मिलने से पुलिस को संभावित स्थानों पर तेजी से तलाश शुरू करने में मदद मिलती है।
त्योहारों, मेलों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में छोटे बच्चों के साथ अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। थोड़ी सी असावधानी के कारण बच्चे परिवार से अलग हो सकते हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों पर लगातार नजर रखनी चाहिए और उन्हें घर का पता तथा परिजनों के संपर्क नंबर जैसी बुनियादी जानकारी भी याद करानी चाहिए।
मदयगंज क्षेत्र की इस घटना में भी बच्ची महज पॉलिथीन लेने के लिए दुकान तक गई थी, लेकिन रास्ता भटकने के कारण वह परिवार से अलग हो गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामला किसी बड़ी अनहोनी में बदलने से पहले ही बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
एक घंटे में बरामदगी बनी चर्चा का विषय
मदयगंज पुलिस द्वारा बच्ची को करीब एक घंटे में सकुशल बरामद किए जाने की कार्रवाई स्थानीय स्तर पर चर्चा में है। पुलिस ने बच्ची की तलाश के लिए सिर्फ एक स्थान पर निर्भर रहने के बजाय आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई। इससे तलाश का दायरा बढ़ाने में मदद मिली।
पुलिस टीम द्वारा बच्ची की फोटो दिखाकर पहचान संबंधी जानकारी जुटाना भी अभियान का अहम हिस्सा रहा। आखिरकार बड़ी पकरिया क्षेत्र में बच्ची के मिलने के बाद पुलिस ने उसकी पहचान सुनिश्चित की और उसे सुरक्षित थाना लेकर पहुंची।
लखनऊ पुलिस के इस त्वरित प्रयास से एक परिवार को बड़ी राहत मिली है। बच्ची के सकुशल घर लौटने के बाद परिजनों ने पुलिस टीम का धन्यवाद किया। घटना यह भी बताती है कि किसी बच्चे के गुम होने की सूचना को गंभीरता से लेकर तत्काल कार्रवाई करना कितना महत्वपूर्ण है।
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के थाना मदेयगंज क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में बच्ची को महज एक घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया गया। पुलिस टीम की तत्परता और स्थानीय लोगों से समन्वय के चलते बच्ची सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंच सकी।
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