लखनऊ। राजधानी लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, मामले की विवेचना के दौरान पीड़िता के न्यायालय में दर्ज बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रारंभिक मुकदमे में दर्ज धाराओं को संशोधित कर अधिक गंभीर धाराओं में तरमीम किया गया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुड्डू केवट, उम्र 19 वर्ष और अमित कश्यप, उम्र 20 वर्ष के रूप में हुई है। दोनों आरोपी मूल रूप से सीतापुर जनपद के रहने वाले बताए गए हैं और वर्तमान में लखनऊ के इंदिरानगर क्षेत्र स्थित टीकापुरवा में किराये के मकान में रह रहे थे। पुलिस ने दोनों को सेक्टर-25 से मुंशी पुलिया जाने वाली सर्विस रोड के किनारे से गिरफ्तार करने की जानकारी दी है।
मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने पीड़िता की पहचान से संबंधित कोई व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
13 अगस्त को दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत 13 अगस्त 2026 को हुई, जब वादिनी की ओर से थाना गाजीपुर में प्रार्थना-पत्र दिया गया। प्रार्थना-पत्र के आधार पर पुलिस ने मु0अ0सं0 0282/2026 दर्ज किया था। प्रारंभिक स्तर पर आरोपियों के रूप में गुड्डू और अमित के नाम सामने आए थे।
पुलिस ने बताया कि शुरुआती मुकदमा धारा 74 बीएनएस और धारा 7/8 पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था। इसके बाद विवेचना आगे बढ़ाई गई और मामले से जुड़े तथ्यों एवं साक्ष्यों को जुटाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
नाबालिग से संबंधित मामलों में जांच के दौरान पीड़िता का बयान और उपलब्ध साक्ष्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी प्रक्रिया के तहत पीड़िता का बयान माननीय न्यायालय के समक्ष दर्ज कराया गया।
न्यायालयीन बयान और साक्ष्यों के आधार पर बदली गई धाराएं
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, विवेचना के दौरान पीड़िता के न्यायालय में दर्ज बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शारीरिक शोषण के आरोप प्रथम दृष्टया पुष्ट पाए गए। इसके बाद पुलिस ने प्रारंभिक मुकदमे में दर्ज धाराओं को संशोधित करते हुए इसे धारा 70(2) बीएनएस तथा धारा 5(G)/6 पॉक्सो अधिनियम में तरमीम किया।
यह बदलाव जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर किया गया। पुलिस का कहना है कि न्यायालयीन कथन और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अभियोग को सुसंगत धाराओं में परिवर्तित किया गया।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने मामले में नामजद दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज कर दी थी।
सूचना मिलने पर पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस के अनुसार, 31 अगस्त 2026 को गाजीपुर थाना पुलिस को अभिसूचक के माध्यम से सूचना मिली कि मामले में वांछित दोनों आरोपी एक स्थान पर मौजूद हैं। सूचना में बताया गया कि गुड्डू और अमित सेक्टर-25 से मुंशी पुलिया की ओर जाने वाली सर्विस रोड के किनारे खड़े हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना गाजीपुर की पुलिस टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। पुलिस के मुताबिक, टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों आरोपियों की घेराबंदी की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके लिए अन्य थानों और दूसरे जनपदों से भी जानकारी मांगी जा रही है।
सीतापुर के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
पुलिस की ओर से जारी विवरण के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी गुड्डू केवट पुत्र बराती लाल केवट की उम्र 19 वर्ष है। उसका वर्तमान पता इंदिरानगर थाना गाजीपुर क्षेत्र के ग्राम टीकापुरवा में रज्जन के किराये का मकान बताया गया है। पुलिस के अनुसार उसका मूल निवास ग्राम लोहंगपुर, थाना संदना, जिला सीतापुर, उत्तर प्रदेश है।
दूसरे आरोपी अमित कश्यप पुत्र राम सहाय कश्यप की उम्र 20 वर्ष है। पुलिस ने उसका वर्तमान पता भी ग्राम टीकापुरवा, इंदिरानगर, थाना गाजीपुर क्षेत्र में राम प्रसाद के किराये के मकान के रूप में दर्ज किया है। उसका मूल पता ग्राम नेवादा बरुआ, थाना खैराबाद, जिला सीतापुर बताया गया है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को मामले में वांछित बताया है।
पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर मामला

चूंकि मामला नाबालिग बालिका से संबंधित है, इसलिए इसमें पॉक्सो अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने के उद्देश्य से बनाए गए इस कानून के तहत नाबालिग से जुड़े यौन अपराधों के मामलों में विशेष कानूनी प्रावधान लागू होते हैं।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में मामले को वर्तमान में धारा 70(2) बीएनएस और धारा 5(G)/6 पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज बताया गया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायालयीन बयान के आधार पर प्रारंभिक धाराओं में बदलाव किया गया।
हालांकि, किसी भी आपराधिक मामले में आरोप और पुलिस की प्रारंभिक जांच को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाता। मामले में आगे की जांच, न्यायिक प्रक्रिया और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपों पर अंतिम निर्णय होगा।
पुलिस टीम ने की गिरफ्तारी
गाजीपुर थाना पुलिस की जिस टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया, उसमें वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुरेश कुमार पाण्डेय, उपनिरीक्षक आनन्द कुमार, उपनिरीक्षक धनपाल और कांस्टेबल भुवन विक्रम चतुर्वेदी शामिल रहे।
पुलिस के मुताबिक, टीम ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास के संबंध में अन्य थाना और जनपदों से जानकारी जुटाई जा रही है। इससे यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों के खिलाफ पहले से कोई अन्य आपराधिक मुकदमा दर्ज है या नहीं।
जांच में आगे क्या होगा?
मामले में दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़िता के न्यायालयीन बयान और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर विवेचना पूरी करेगी। इसके बाद कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
नाबालिग से जुड़े मामलों में जांच के दौरान पीड़िता की गोपनीयता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसलिए पुलिस और मीडिया दोनों की जिम्मेदारी होती है कि पीड़िता की पहचान उजागर न हो और मामले की रिपोर्टिंग में आवश्यक सावधानी बरती जाए।
पुलिस की ओर से भी प्रेस नोट में पीड़िता की पहचान से जुड़ी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार, जांच जारी
गाजीपुर थाना क्षेत्र के इस मामले में पुलिस ने फिलहाल दोनों नामजद एवं वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, 13 अगस्त को दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान न्यायालयीन बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर धाराओं में बदलाव किया गया, जिसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
31 अगस्त को मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सेक्टर-25 से मुंशी पुलिया जाने वाली सर्विस रोड पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। अब पुलिस द्वारा मामले की आगे की विवेचना की जा रही है और आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के अनुसार, मामले में विधिक प्रक्रिया जारी है। वहीं, अदालत में मामले की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे का न्यायिक निर्णय होगा। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह खबर भी पढ़ें: मदेयगंज पुलिस ने एक घंटे में सकुशल बरामद किया 7 वर्षीय बच्ची













