लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी संगठन की व्यापक समीक्षा की। पार्टी की ओर से 31 अगस्त 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, लखनऊ स्थित बीएसपी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक में उत्तर प्रदेश स्टेट, मंडल यूनिट और सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्षों सहित वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में खास तौर पर पार्टी उम्मीदवारों के चयन की प्रगति, संगठन की तैयारियों और चुनावी रणनीति को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बीएसपी की इस बैठक को उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने संगठन को चुनाव के लिए और अधिक सक्रिय तथा प्रभावी बनाने पर जोर दिया। बैठक में बूथ स्तर तक संगठन की स्थिति, पिछले दो बैठकों के दौरान वोटर लिस्ट की चुनाव आयोग से संबंधित प्रक्रिया की प्रगति तथा संगठन की कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने के निर्देश दिए गए। पार्टी की ओर से कहा गया कि चुनाव की तैयारियों को केवल शीर्ष स्तर तक सीमित न रखते हुए जमीनी स्तर तक मजबूत किया जाना जरूरी है।
सभी 75 जिलों के पदाधिकारी बैठक में शामिल
बीएसपी की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्षों के साथ-साथ वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा के अलावा पार्टी उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया में हुई प्रगति पर भी चर्चा की गई।
पार्टी नेतृत्व ने चुनावी तैयारियों को गति देने और संगठन को अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। इसके साथ ही वोटर लिस्ट से संबंधित काम और बूथ स्तर की तैयारियों को प्राथमिकता देने की बात कही गई। बीएसपी के अनुसार, चुनावी मुकाबले में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए संगठन की कमियों को समयबद्ध ढंग से दूर किया जाना जरूरी है।
‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ को बनाया चुनावी संदेश
बैठक में मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से चुनाव की तैयारियों को तेज और प्रभावी बनाने का आह्वान किया। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पार्टी उत्तर प्रदेश की जनता के सामने ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की सरकार बनाने का विकल्प प्रस्तुत करना चाहती है।
बीएसपी ने अपने राजनीतिक संदेश में कानून-व्यवस्था, विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देने की बात कही है। पार्टी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कानून द्वारा कानून का बेहतर राज तथा सर्वजन हिताय एवं सर्वजन सुखाय की सरकार बनाने के उद्देश्य से जनता के बीच जाना है।
मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों के दौरान जनता के बीच सक्रिय रहने और विभिन्न मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने का संदेश दिया। बीएसपी का जोर इस बात पर है कि पार्टी की नीतियों और उसके शासन से जुड़े दावों को मतदाताओं तक पहुंचाया जाए।
चुनावी वादों और घोषणाओं को लेकर मायावती का निशाना
प्रेस विज्ञप्ति में मायावती के हवाले से कहा गया है कि चुनाव के समय विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से अनेक प्रकार के लुभावने वादे और घोषणाएं की जाती हैं। पार्टी का आरोप है कि सत्ता में आने के बाद इन वादों को पूरा करने के बजाय जनता के साथ वादाखिलाफी की जाती है।
बीएसपी ने कहा कि मतदाताओं को चुनाव के समय किए जाने वाले वादों और घोषणाओं को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। पार्टी के मुताबिक, जनता को चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के दावों और वादों का मूल्यांकन करना चाहिए तथा मतदान करते समय स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्णय लेना चाहिए।
पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से भी कहा कि वे जनता के बीच जाकर राजनीतिक दलों के वादों और घोषणाओं के वास्तविक असर के बारे में लोगों को जागरूक करें। बीएसपी का कहना है कि मतदाता किसी भी प्रकार के प्रलोभन या राजनीतिक दबाव में आए बिना अपने विवेक के आधार पर मतदान करें।
बेरोजगारी, गरीबी और पलायन का मुद्दा उठाया
बैठक में उत्तर प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बीएसपी की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि महंगाई के साथ-साथ गरीबी, बेरोजगारी और विस्थापन जैसी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं।
पार्टी ने आरोप लगाया कि इन समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार की ओर से चुनावी घोषणाओं को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। बीएसपी का कहना है कि जनता की वास्तविक समस्याओं का समाधान स्थायी नीतियों और प्रभावी प्रशासन के जरिए होना चाहिए।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवारों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सरकारों को गंभीरता से काम करना चाहिए। बीएसपी ने रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक मजबूती से जुड़े मुद्दों को चुनावी विमर्श का हिस्सा बनाने की बात कही है।
‘जनजी’ और ‘जन-अलका’ जैसे नामों को लेकर भी टिप्पणी
बीएसपी की प्रेस विज्ञप्ति में राजनीतिक दलों द्वारा विभिन्न योजनाओं और अभियानों के नामकरण को लेकर भी टिप्पणी की गई है। पार्टी ने कहा कि चुनावी राजनीति में ऐसे प्रयासों के जरिए जनता को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है। बीएसपी के अनुसार, जनता को ऐसे राजनीतिक प्रचार से सावधान रहने और वास्तविक जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है।
पार्टी नेतृत्व का कहना है कि चुनाव केवल घोषणाओं और प्रचार का विषय नहीं होना चाहिए, बल्कि जनता के सामने सरकारों के कामकाज का वास्तविक मूल्यांकन भी होना चाहिए।
कांशीराम की जयंती को लेकर भी तैयारियों पर चर्चा
बैठक में बीएसपी के संस्थापक एवं बहुजन आंदोलन के प्रमुख नेता कांशीराम की जयंती से संबंधित कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा की गई। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कांशीराम की जयंती पर कार्यक्रम को पूरी मिशनरी भावना के साथ आयोजित करने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
बीएसपी ने बताया कि कांशीराम की जयंती के अवसर पर लखनऊ में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक यह कार्यक्रम लखनऊ के बीबीडी रोड स्थित उस स्थल पर आयोजित होगा, जिसे पार्टी ने पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही है। कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बड़ी संख्या में शामिल होने की उम्मीद जताई गई है।
पार्टी ने कांशीराम के विचारों और बहुजन आंदोलन से जुड़े संदेश को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया। बीएसपी के अनुसार, पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ अपने विचारधारा आधारित अभियान को भी मजबूत करना होगा।
‘बहुजन प्रेरणा केंद्र’ पर भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि यूपी-दिल्ली सीमा पर बीएसपी सरकार द्वारा स्थापित ‘बहुजन प्रेरणा केंद्र’ में भी कांशीराम को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। पार्टी ने कहा कि इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग कांशीराम को श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे।
बीएसपी ने अपने संस्थापक नेता की विचारधारा को पार्टी के संगठन और राजनीतिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया है। पार्टी के मुताबिक, कांशीराम के मिशन और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े संदेश को आगे बढ़ाना कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है।
मायावती ने कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत करने को कहा
बैठक का एक प्रमुख फोकस संगठन को चुनावी स्तर पर मजबूत बनाना रहा। बीएसपी नेतृत्व ने बूथ स्तर से लेकर जिला और मंडल स्तर तक संगठन की गतिविधियों को प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
पार्टी के अनुसार, मतदाता सूची से संबंधित कार्य, बूथ स्तर की तैयारियां और संगठनात्मक कमियों को दूर करने की प्रक्रिया चुनाव से पहले पूरी की जानी चाहिए। इसके लिए पदाधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएसपी का मानना है कि चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के लिए मजबूत संगठन सबसे महत्वपूर्ण आधार है। यही वजह है कि पार्टी नेतृत्व की ओर से संगठन के विभिन्न स्तरों की लगातार समीक्षा की जा रही है।
सरकारों की जवाबदेही का मुद्दा उठाया
प्रेस विज्ञप्ति में बीएसपी ने विभिन्न राज्यों में चुनाव के बाद बनने वाली सरकारों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने में सरकारें अक्सर विफल रहती हैं और जनता को लंबे समय तक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
बीएसपी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के प्रति सरकारों की जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण है। पार्टी का दावा है कि जनता को केवल चुनावी घोषणाओं के आधार पर नहीं, बल्कि सरकारों के वास्तविक कामकाज के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।
किसानों और गरीब परिवारों के मुद्दे भी चर्चा में
बैठक के दौरान किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया गया। पार्टी ने कहा कि किसानों की समस्याओं, महंगाई, रोजगार और आर्थिक असुरक्षा जैसे विषयों का स्थायी समाधान जरूरी है।
बीएसपी ने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए। पार्टी नेतृत्व ने गरीब और वंचित वर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता देने की बात कही।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बढ़ेगी सक्रियता
मायावती की अध्यक्षता में हुई इस समीक्षा बैठक से साफ है कि बीएसपी उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को आगामी चुनाव के लिए सक्रिय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया, वोटर लिस्ट से संबंधित कार्य, बूथ स्तर की तैयारियां और जिला संगठन की समीक्षा को पार्टी ने प्राथमिकता दी है।
बीएसपी की ओर से जारी दस्तावेज में चुनावी राजनीति के साथ-साथ पार्टी के सामाजिक और वैचारिक मुद्दों को भी प्रमुखता दी गई है। पार्टी ने ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के संदेश को जनता तक पहुंचाने और कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े सवालों को चुनावी अभियान का हिस्सा बनाने की बात कही है।
कुल मिलाकर, 31 अगस्त को लखनऊ में हुई बीएसपी की बैठक को पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। बैठक में संगठन को मजबूत करने से लेकर संभावित उम्मीदवारों की तैयारी, मतदाता सूची से जुड़े कार्य और बूथ स्तर की सक्रियता तक कई मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही मायावती के नेतृत्व में पार्टी ने अपने पुराने वैचारिक संदेश और जनहित से जुड़े मुद्दों को आगे रखते हुए चुनावी मैदान में उतरने के संकेत दिए हैं।
नोट: यह खबर बीएसपी उत्तर प्रदेश स्टेट कार्यालय द्वारा 31 अगस्त 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए राजनीतिक आरोप पार्टी के दावे हैं; उनका स्वतंत्र सत्यापन इस खबर में नहीं किया गया है।













