लखनऊ, 3 सितंबर 2026। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर कांग्रेस ने विरोध तेज कर दिया है। इस मामले में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग की ओर से लखनऊ में प्रदर्शन किया गया।
कांग्रेस के मुताबिक, पार्टी कार्यकर्ताओं ने पहले विधानसभा मार्ग स्थित डॉ. अंबेडकर महासभा में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन एवं सांसद तनुज पुनिया के नेतृत्व में लखनऊ के इको गार्डेन में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया।
कांग्रेस का आरोप है कि हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा जनसभा के मंच का शुद्धिकरण किया गया। पार्टी ने इसे दलित समाज और संविधान के सम्मान से जोड़ते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
दोषियों के खिलाफ FIR की मांग
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी बयान के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मुख्य मांग है कि हल्द्वानी की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए। पार्टी का कहना है कि इसके बजाय इस मामले के खिलाफ आवाज उठाने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिसे कांग्रेस ने ‘फर्जी’ बताया है।
कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की भी मांग की है। पार्टी का कहना है कि जब तक उत्तराखंड सरकार कथित शुद्धिकरण की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं लेती, तब तक उसका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
तनुज पुनिया बोले- दलितों के साथ अन्याय का आरोप
धरने का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन एवं सांसद तनुज पुनिया ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर दलितों, शोषितों, वंचितों और पिछड़े वर्गों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया।
पुनिया ने कहा कि भाजपा पर भारतीय संविधान, लोकतंत्र और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं और दलित वर्ग से आते हैं। ऐसे में उनकी हल्द्वानी जनसभा के बाद मंच का कथित रूप से शुद्धिकरण किया जाना कांग्रेस के अनुसार संविधान विरोधी कृत्य है।
उन्होंने मांग की कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
‘दलित समाज में आक्रोश’: कांग्रेस
तनुज पुनिया ने दावा किया कि हल्द्वानी की घटना को लेकर देश के दलित समाज में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल राजनीतिक मामला नहीं मानती, बल्कि इसे संविधान और सामाजिक समानता से जुड़ा विषय मानती है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी तब तक अपना विरोध जारी रखेगी, जब तक उत्तराखंड की भाजपा सरकार कथित घटना के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को भी निरस्त किए जाने की मांग दोहराई।
हालांकि, हल्द्वानी में मंच के कथित शुद्धिकरण और राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर से जुड़े आरोपों पर इस प्रेस विज्ञप्ति में उत्तराखंड सरकार या भाजपा का पक्ष शामिल नहीं है। इसलिए इन आरोपों को कांग्रेस के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
इको गार्डेन में अनिश्चितकालीन धरना
कांग्रेस के अनुसार, इको गार्डेन में आयोजित धरने में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और लखनऊ के बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह धरना अनिश्चितकालीन है और इसका उद्देश्य उत्तराखंड सरकार पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाना है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी।
धरने से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। पार्टी नेताओं ने बाबा साहब के संविधान निर्माण में योगदान और सामाजिक समानता के उनके विचारों को याद किया।
कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
धरने को संबोधित करते हुए तनुज पुनिया ने कहा कि कांग्रेस संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने भाजपा पर संविधान और लोकतंत्र का अपमान करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि दलित, शोषित और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को कांग्रेस लगातार उठाती रही है। हल्द्वानी की घटना को लेकर भी पार्टी का विरोध इसी राजनीतिक और सामाजिक संदर्भ में है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी किसी भी ऐसे कृत्य को स्वीकार नहीं करेगी, जिसे वह दलित विरोधी या संविधान विरोधी मानती है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
धरने में शामिल हुए कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता
इको गार्डेन में आयोजित धरने में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें पूर्व विधायक श्यामकिशोर शुक्ल, जिला अध्यक्ष रूद्रदमन सिंह बबलू, शहर अध्यक्ष उत्तरी अमित श्रीवास्तव त्यागी, शहर अध्यक्ष दक्षिणी डॉ. शहजाद आलम, प्रवक्ता सिद्धिश्री, विजय बहादुर, विशम सिंह, आर.पी. बौद्ध, सुशील बाल्मीकि, मुरली मनोहर, रजनीश यादव, संयोगिता वर्मा, विद्या गौतम, राजू रावत, विनीत गौतम, सीमा भारती, अजय रावत, विजय पाल गौतम, पवन देवी कोरी, आर.डी. राव, राम विलास गौतम, सुनीता रावत, रश्मि चौधरी, काशीनाथ गौतम, नरेंद्र गौतम, राजेंद्र प्रसाद, गुड्डू कुमार, ललित कुमार, फौजी राम दिवाकर, सुरेंद्र कुमार और अजय वर्मा समेत अन्य लोग शामिल रहे।
कांग्रेस की ओर से जारी बयान में सैकड़ों कांग्रेसजनों की मौजूदगी का दावा किया गया है।
आगे भी जारी रहेगा विरोध
कांग्रेस ने कहा है कि जब तक उसकी दोनों प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक इको गार्डेन में अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। पार्टी की मांग है कि हल्द्वानी की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और मामले में कानूनी कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इन मांगों को लेकर वह आगे भी अपनी आवाज उठाती रहेगी।
हल्द्वानी की घटना को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी के बीच लखनऊ में शुरू हुआ यह धरना इस मुद्दे को उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा के केंद्र में ला सकता है। फिलहाल कांग्रेस ने अपने आंदोलन को अनिश्चितकालीन बताते हुए उत्तराखंड सरकार से दोनों मामलों में कार्रवाई की मांग की है।
नोट: इस खबर में हल्द्वानी की घटना और एफआईआर से जुड़े आरोप कांग्रेस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। उत्तराखंड सरकार या भाजपा का पक्ष इस प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।
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