लखनऊ। गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने और सनातन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर योगी सेना (भारत) की ओर से लखनऊ में सनातन पदयात्रा रैली निकाली गई। संगठन के राष्ट्रीय प्रमुख गौरव वर्मा के नेतृत्व में निकली इस रैली में बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और समर्थक शामिल हुए। रैली के बाद संगठन की ओर से पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों पर सरकार से विचार करने की अपील की गई।
संगठन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, रैली का उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और सनातन बोर्ड के गठन की मांग को प्रमुखता से उठाना था। रैली में शामिल लोगों ने इन मांगों के समर्थन में नारे लगाए और सरकार से इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
पुलिस की रोक के बाद बदला गया रैली का रूट
योगी सेना भारत के अनुसार, रैली का प्रारंभिक रूट 1090 चौराहे से लोहिया पथ, गौतमपल्ली, राजभवन के सामने होते हुए जीपीओ तक निर्धारित किया गया था। संगठन का कहना है कि पुलिस प्रशासन ने अंतिम समय में इस रूट पर रैली निकालने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद रैली का मार्ग बदला गया।
इसके बाद रैली को समतामूलक चौराहा से ग्रीन कॉरिडोर, हनुमान सेतु और परिवर्तन चौक होते हुए आगे ले जाने का निर्णय लिया गया। संगठन के मुताबिक, निर्धारित वैकल्पिक मार्ग से रैली आगे बढ़ी, लेकिन बाद में पुलिस प्रशासन ने इसे केडी सिंह बाबू स्टेडियम मेट्रो स्टेशन के नीचे रोक दिया।
यहीं मौजूद पुलिस अधिकारियों को संगठन के राष्ट्रीय प्रमुख गौरव वर्मा ने ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने और सनातन बोर्ड के गठन की मांग रखी गई।
सरकार से मांगों पर कार्रवाई की अपील
ज्ञापन सौंपने के बाद संगठन के राष्ट्रीय प्रमुख गौरव वर्मा ने कहा कि संगठन अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में संगठन इन मुद्दों को लेकर बड़ा आंदोलन करने के लिए सड़कों पर उतरने को बाध्य होगा।
संगठन का कहना है कि गौमाता और सनातन परंपरा से जुड़े विषय उसके प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। इसी क्रम में सनातन बोर्ड के गठन की मांग भी उठाई जा रही है।
पूरे उत्तर प्रदेश में हिंदू जोड़ो अभियान का दावा
योगी सेना भारत के राष्ट्रीय प्रमुख गौरव वर्मा ने संगठन की आगामी गतिविधियों को लेकर भी जानकारी दी। जारी बयान में उन्होंने कहा कि संगठन पूरे उत्तर प्रदेश में “हिंदू जोड़ो अभियान” चलाकर लोगों को जागरूक करेगा।
उन्होंने संगठन के सदस्यता अभियान को लेकर भी लक्ष्य निर्धारित किए जाने की बात कही। बयान के अनुसार, योगी सेना भारत का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक 51 लाख सदस्य बनाने का है। संगठन की ओर से कहा गया है कि इसके लिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान चलाया जाएगा और लोगों को संगठन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
संगठन पदाधिकारियों ने लिया हिस्सा
लखनऊ में आयोजित इस रैली में योगी सेना भारत के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल द्विवेदी, राष्ट्रीय सचिव सूरज साहू, महासचिव ज्योति वर्मा, प्रदेश प्रभारी सत्यम पांडे और प्रदेश अध्यक्ष दीपक दीक्षित समेत कई पदाधिकारियों ने रैली में हिस्सा लिया।
इसके अलावा संगठन के उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता मोहित मिश्रा, संरक्षक बाबा महादेव, एडवोकेट प्रमोद मिश्रा, चंदन सिंह, युवराज सिंह, सूर्य प्रकाश पांडे, एडवोकेट रमन तिवारी, एडवोकेट ओम तिवारी, हर्षवर्धन सिंह, हिमांशु, संदीप कश्यप, सौरभ चौधरी, विशाल तिवारी, लवकुश गोस्वामी, अभिजीत सिंह, पुनीत वर्मा, धर्मेश चौहान और सचिन सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मोहित मिश्रा ने संगठन की भूमिका को लेकर कही बात
संगठन के उपाध्यक्ष और अधिवक्ता मोहित मिश्रा ने कहा कि योगी सेना भारत हिंदू समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर उनके साथ खड़े रहने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संगठन की गतिविधियों और आगामी अभियानों को लेकर भी अपनी बात रखी।
मोहित मिश्रा ने संगठन के बयान में लव जिहाद के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कड़े शब्दों में अपनी बात रखी। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए किसी भी आरोप को संगठन के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए। उपलब्ध बयान में किसी विशिष्ट घटना, व्यक्ति या मामले से संबंधित स्वतंत्र प्रमाण अथवा पुलिस रिकॉर्ड का उल्लेख नहीं किया गया है।
ज्ञापन में दो प्रमुख मांगें
रैली के दौरान पुलिस अधिकारियों को सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से दो मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।
पहली मांग गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की है।
दूसरी मांग सनातन बोर्ड के गठन की है।
संगठन का कहना है कि इन मांगों को लेकर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। संगठन ने संकेत दिया है कि यदि मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।
प्रशासन की अनुमति और रैली का बदला मार्ग बना प्रमुख मुद्दा
लखनऊ में रैली के दौरान सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम इसका रूट बदला जाना और बाद में केडी सिंह बाबू स्टेडियम मेट्रो स्टेशन के पास रोका जाना रहा। संगठन के अनुसार, पहले तय किए गए मार्ग पर पुलिस प्रशासन की रोक के बाद वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया था।
हालांकि, संगठन के बयान में पुलिस प्रशासन की ओर से रूट रोकने के विस्तृत कारण का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए इस संबंध में प्रशासन का पक्ष सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
रैली के अंत में संगठन के राष्ट्रीय प्रमुख गौरव वर्मा ने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की बात कही।
आगे आंदोलन की चेतावनी
योगी सेना भारत ने कहा है कि संगठन अपनी मांगों को लेकर आगे भी अभियान जारी रखेगा। राष्ट्रीय प्रमुख गौरव वर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए सड़कों पर उतर सकता है।
फिलहाल लखनऊ में आयोजित इस रैली के जरिए योगी सेना भारत ने गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने और सनातन बोर्ड के गठन की मांग को सार्वजनिक रूप से उठाया है। संगठन ने आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश में सदस्यता और जागरूकता अभियान चलाने की भी घोषणा की है।
नोट: यह खबर संगठन की ओर से जारी बयान में उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। रैली में उपस्थित लोगों की संख्या, पुलिस प्रशासन द्वारा रूट पर रोक के कारण और ज्ञापन पर प्रशासन की कार्रवाई के संबंध में संगठन के बयान में स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
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