प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के नवसारी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की भूमिका, जनसेवा, स्वच्छता, कुपोषण और टीबी मुक्त भारत जैसे मुद्दों पर विस्तार से बात की। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि बीजेपी के लिए सत्ता केवल शासन करने का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा का रास्ता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने और उसकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम करने का आह्वान किया।
नवसारी में आयोजित कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, पार्टी अध्यक्ष जगदीशभाई सहित कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत कार्यकर्ताओं और उपस्थित लोगों का अभिवादन करते हुए की। उन्होंने नवसारी आने और पुराने कार्यकर्ताओं से मिलने को अपने लिए विशेष आनंद का अवसर बताया।
बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत को पीएम मोदी ने सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवसारी के बीजेपी कार्यकर्ताओं की लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नवसारी के लोगों ने वर्षों से बीजेपी को लगातार समर्थन दिया है और कई पीढ़ियां पार्टी के साथ जुड़ी रही हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि इतने लंबे समय तक जनता का प्रेम और समर्थन मिलने के बावजूद बीजेपी का छोटा से छोटा कार्यकर्ता सत्ता के नशे में चूर नहीं हुआ, बल्कि उसने सेवा का रास्ता पकड़े रखा। उनके मुताबिक पार्टी के कार्यकर्ता दिन-रात जनसेवा के लिए प्रयास करते हैं।
प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं के समर्पण को बीजेपी की ताकत बताते हुए कहा कि पार्टी के लिए केवल चुनाव जीतना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि जनता के बीच रहकर काम करना और समाज की समस्याओं को समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि नवसारी के कार्यकर्ताओं ने विकास के लिए जिस प्रकार प्रयास किए हैं, उससे जिले में बदलाव दिखाई देता है। उनके संबोधन में जनभागीदारी को विकास और सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
“सत्ता भी सेवा के लिए, संगठन भी सेवा के लिए”
पीएम मोदी ने अपने भाषण में बीजेपी की कार्यशैली को सेवा से जोड़ते हुए कहा कि सत्ता भी सेवा के लिए है, संगठन भी सेवा के लिए है और पद भी सेवा के लिए है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी राजनीतिक संगठन की वास्तविक ताकत तब सामने आती है जब उसके कार्यकर्ता समाज के बीच जाकर लोगों की समस्याओं को समझते हैं। उन्होंने जनसेवा को राजनीति का मूल उद्देश्य बताते हुए कार्यकर्ताओं से संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जब व्यवस्था में संवेदनशीलता आती है तो शासन भी संवेदनशील बनता है। उनके अनुसार जनता के प्रति संवेदना और सेवा की भावना से ही समाज में विश्वास मजबूत होता है।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं का एक बड़ा उद्देश्य 140 करोड़ देशवासियों के कल्याण के लिए काम करना है। उन्होंने सेवा को पार्टी के संगठनात्मक संस्कारों से जोड़ते हुए कार्यकर्ताओं को इसी भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
स्वच्छता को लेकर पीएम मोदी का जोर
प्रधानमंत्री ने नवसारी में चलाए गए स्वच्छता अभियान की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि गांव-गांव और जिले के विभिन्न हिस्सों में जनभागीदारी के साथ स्वच्छता का अभियान चलाया गया है।
पीएम मोदी के मुताबिक सरकारी माध्यमों से छोटे-बड़े काम होना स्वाभाविक है, लेकिन जब आम जनता की भागीदारी से कोई बदलाव आता है तो वह ज्यादा स्थायी होता है। उन्होंने जनभागीदारी को सामाजिक परिवर्तन की बड़ी ताकत बताया।
उन्होंने कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित नहीं रखने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे खुद गंदगी नहीं करेंगे।
उन्होंने साफ-सफाई की जिम्मेदारी केवल सफाई कर्मचारियों पर डालने के बजाय आम नागरिकों की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उनके अनुसार सफाई कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं, लेकिन गंदगी न करने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है।
“गंदगी न करने की जिम्मेदारी हमारी”
प्रधानमंत्री ने स्वच्छता को व्यवहार और संस्कार से जोड़ते हुए कहा कि केवल सफाई अभियान चलाने से स्थायी परिवर्तन नहीं आएगा। इसके लिए लोगों की आदतों में बदलाव जरूरी है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार लोग अपने घरों को साफ रखते हैं, उसी तरह सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना भी समाज की जिम्मेदारी होनी चाहिए।
पीएम मोदी ने नवसारी के लोगों से स्वच्छता को स्थायी रूप से अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि लोग गंदगी करना बंद कर दें तो बार-बार बड़े स्वच्छता अभियान चलाने की जरूरत कम हो जाएगी।
कुपोषण मुक्त नवसारी का संकल्प
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने नवसारी को कुपोषण मुक्त बनाने के प्रयासों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कुपोषण मुक्त जिला बनाना केवल एक सरकारी लक्ष्य नहीं है, बल्कि इससे परिवारों और माताओं का जीवन सीधे प्रभावित होता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब किसी परिवार का बच्चा कुपोषण से मुक्त होता है तो उसके पीछे केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज और परिवार की भागीदारी भी होती है। उन्होंने इसे आने वाली पीढ़ियों के कल्याण से जोड़कर देखा।
पीएम मोदी ने कहा कि किसी बच्चे के स्वस्थ होने और उसके चेहरे पर मुस्कान आने से मिलने वाला संतोष बहुत बड़ा होता है। उनके मुताबिक समाज सेवा के ऐसे कार्यों का प्रभाव लंबे समय तक रहता है।
टीबी मुक्त भारत की दिशा में नवसारी का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने टीबी उन्मूलन को लेकर भी अपने संबोधन में बात रखी। उन्होंने कहा कि नियमित उपचार और दवाओं के साथ टीबी के मरीज को उचित देखभाल और भोजन उपलब्ध कराया जाए तो बीमारी से उबरने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि भारत टीबी मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और नवसारी के कार्यकर्ताओं ने जिले को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया है।
पीएम मोदी ने इसे आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य से जोड़ते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक अभियानों का प्रभाव केवल वर्तमान पर नहीं बल्कि भविष्य पर भी पड़ता है।
गरीब और छोटे कारोबारियों के लिए पीएम स्वनिधि का जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में रेहड़ी-पटरी और छोटे कारोबारियों के लिए पीएम स्वनिधि योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सड़क किनारे सामान बेचने वाले और छोटे स्तर पर कारोबार करने वाले लोगों को अक्सर काम शुरू करने के लिए छोटे कर्ज की जरूरत होती है।
पीएम मोदी ने कहा कि पहले ऐसे लोगों को कई बार ब्याज पर पैसे लेने पड़ते थे। उन्होंने बताया कि सरकार ने बिना पारंपरिक गारंटी के बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर ऐसे लोगों को आर्थिक मदद देने की कोशिश की है।
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को आगे अधिक राशि का कर्ज उपलब्ध हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की योजनाओं से छोटे कारोबारी धीरे-धीरे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सक्षम हो सकते हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले कुछ लोग ठेले या रेहड़ी पर कारोबार करते थे, लेकिन आगे चलकर कुछ लोगों ने स्थायी दुकान तक का सफर तय किया। प्रधानमंत्री ने ऐसी योजनाओं को गरीब और छोटे कारोबारियों के जीवन में बदलाव लाने वाली पहल के रूप में प्रस्तुत किया।
“मैंने जिंदगी को देखा और जिया है”
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में गरीब और छोटे कारोबारियों की परिस्थितियों को समझने की अपनी बात भी रखी। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं केवल सरकारी फाइलों में बैठकर नहीं बनतीं, बल्कि समाज की वास्तविक जरूरतों को समझने से बनती हैं।
उन्होंने कहा कि उन्होंने गरीब और सामान्य लोगों की जिंदगी को करीब से देखा है और इसलिए उनके लिए बनाई जाने वाली योजनाओं की जरूरतों को समझने में मदद मिलती है।
पीएम मोदी ने कहा कि समाज के छोटे वर्गों की समस्याओं को समझकर बनाई गई योजनाएं उनके लिए बड़ी मदद साबित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि एक छोटे से आर्थिक सहयोग का भी गरीब परिवार या छोटे कारोबारी के लिए बड़ा महत्व हो सकता है।
महिला और बेटियों की शिक्षा का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यकाल को याद करते हुए बेटियों की शिक्षा से जुड़े प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उस समय वे गांवों में जाकर परिवारों से बेटियों को स्कूल भेजने की अपील करते थे।
उन्होंने कहा कि कई बार ऐसे काम तत्काल सुर्खियों में नहीं आते, लेकिन वर्षों बाद जब वही बच्चे आगे बढ़ते हैं तो उस प्रयास का वास्तविक परिणाम दिखाई देता है।
पीएम मोदी ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि जिन बच्चियों को कभी स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया गया था, वे बाद में बड़ी होकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही थीं और कुछ ने नर्सिंग जैसे क्षेत्रों में भी कदम रखा। उन्होंने कहा कि ऐसे अनुभव किसी भी सामाजिक कार्यकर्ता को गहरा संतोष देते हैं।
बीजेपी कार्यालय को बताया सेवा का केंद्र
नवसारी में नए पार्टी कार्यालय की भूमिका पर भी पीएम मोदी ने बात की। उन्होंने कहा कि केवल एक इमारत बना देना पर्याप्त नहीं है। कार्यालय ऐसा स्थान होना चाहिए जहां आम लोगों की समस्याओं को सुना जाए और उनके समाधान की कोशिश की जाए।
उन्होंने कहा कि यह भवन जरूरतमंदों के लिए सहारा और अन्याय के खिलाफ आशा का केंद्र बनना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि जो लोग अपनी समस्याएं लेकर कार्यालय आएं, उन्हें निराश होकर वापस न लौटना पड़े।
उनके मुताबिक संगठन का विस्तार केवल सदस्य संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के उन लोगों तक पहुंचना भी जरूरी है जो अभी तक संगठन से दूर हैं।
त्योहारों और स्वच्छता को जोड़ने का संदेश
पीएम मोदी ने आगामी धार्मिक त्योहारों का जिक्र करते हुए स्वच्छता को उनसे जोड़ने की बात कही। उन्होंने गणेश उत्सव, नवरात्रि और दीपावली जैसे पर्वों का उल्लेख किया और कहा कि साफ-सफाई के साथ त्योहार मनाने से वातावरण भी बेहतर होगा।
उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहारों के दौरान अपने गांव, मोहल्ले और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखें। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता को किसी विशेष अभियान की अवधि तक सीमित रखने के बजाय इसे जीवनशैली और संस्कार का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
नवसारी के विकास का भी किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने नवसारी में हुए बदलावों और विकास का उल्लेख करते हुए अपने पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि पहले संगठन के काम से नवसारी आने पर वे स्कूटर से क्षेत्र में घूमते थे और उन्हें लगता था कि पूरा शहर अपेक्षाकृत छोटा है।
उन्होंने कहा कि आज नवसारी का विस्तार और विकास काफी बढ़ गया है। पीएम मोदी ने स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं से विकास की नई ऊंचाइयों को हासिल करने के लिए नए संकल्प लेने की अपील की।
पीएम मोदी के भाषण का मुख्य संदेश
नवसारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का केंद्रीय संदेश राजनीतिक गतिविधियों से आगे बढ़कर जनसेवा और जनभागीदारी पर केंद्रित रहा। उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं को सत्ता को सेवा का माध्यम मानने, समाज के कमजोर वर्गों तक पहुंचने, स्वच्छता को व्यवहार में उतारने और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने की बात कही।
उनके भाषण में स्वच्छता, कुपोषण, टीबी उन्मूलन, छोटे कारोबारियों के लिए आर्थिक सहायता, बेटियों की शिक्षा और संगठन के माध्यम से जनसेवा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
प्रधानमंत्री ने अंत में नवसारी के कार्यकर्ताओं को विकास और सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं। भाषण का समापन भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों के साथ हुआ।
निष्कर्ष: नवसारी में पीएम मोदी का यह संबोधन मुख्य रूप से बीजेपी संगठन और कार्यकर्ताओं की भूमिका को जनसेवा से जोड़ने पर केंद्रित रहा। उन्होंने सरकारी योजनाओं के साथ जनभागीदारी को जरूरी बताया और स्वच्छता से लेकर स्वास्थ्य तथा छोटे कारोबारियों की आर्थिक मदद तक कई विषयों पर अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं से आने वाले समय में भी सेवा, संवेदनशीलता और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया।
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