अयोध्या। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी के साथ-साथ कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, साड़ी के लिए अतिरिक्त राशि और स्मार्टफोन जैसी सुविधाओं का जिक्र किया। सरकार की ओर से किए गए इन ऐलानों को प्रदेश में बाल पोषण, मातृ स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री के संबोधन के अनुसार प्रदेश की करीब 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साड़ी के लिए पहले से मिलने वाली सहायता के अलावा अतिरिक्त 500 रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा से जोड़ने की भी घोषणा की गई है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को केवल सरकारी योजना लागू करने तक सीमित नहीं बताया, बल्कि उन्हें भारत के भविष्य के निर्माण से सीधे जुड़ा हुआ बताया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के शुरुआती विकास, पोषण और स्वास्थ्य पर काम किया जाता है। मुख्यमंत्री के अनुसार अगर देश का बचपन स्वस्थ होगा तो भारत भी स्वस्थ, समर्थ और आत्मनिर्भर बनेगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय अब 12 हजार रुपये
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 3 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। सरकार ने इसे बढ़ाकर 8 हजार रुपये किया था। अब इसे आगे बढ़ाते हुए 12 हजार रुपये प्रतिमाह करने की बात कही गई।
इसी तरह आंगनबाड़ी सहायिकाओं के मानदेय में भी बढ़ोतरी की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री के अनुसार सहायिकाओं को पहले 1500 रुपये मिलते थे, जिसे सरकार ने बढ़ाकर 4000 रुपये किया था। अब इसे बढ़ाकर 6000 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की गई है।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश में बड़ी संख्या में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सीधे आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और मानदेय में बढ़ोतरी को उनके काम के प्रति सरकार की ओर से प्रोत्साहन के रूप में भी देखा जा रहा है।
हर साल कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का ऐलान
मानदेय बढ़ाने के साथ ही योगी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी बड़ी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग से जुड़ी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं तथा उनके परिवारों के लिए हर वर्ष कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री के संबोधन के मुताबिक यह सुविधा केवल एक बार के लिए नहीं होगी, बल्कि हर वर्ष उपलब्ध रहेगी। इसका लाभ पैनल में शामिल अस्पतालों के साथ सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में भी लिया जा सकेगा।
इस घोषणा का उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को स्वास्थ्य संबंधी खर्च के बोझ से राहत देना है। लंबे समय से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों में काम करने वाली इन कार्यकर्ताओं के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा को महत्वपूर्ण सुविधा माना जा रहा है।
हालांकि उपलब्ध भाषण के ट्रांसक्रिप्ट में स्वास्थ्य बीमा की राशि के स्थान पर आंकड़ा स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है, इसलिए इस खबर में उस राशि का अनुमान नहीं लगाया गया है।
साड़ी के लिए अतिरिक्त 500 रुपये
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए साड़ी की व्यवस्था को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि करीब 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए साड़ी की राशि जारी की गई है। पहले दो साड़ियों की व्यवस्था होती थी और अब इसमें एक अतिरिक्त सुविधा के तौर पर 500 रुपये और जोड़े गए हैं।
सरकार का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके काम के दौरान एक निर्धारित पहचान और सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की विभिन्न योजनाओं को लेकर सक्रियता और उनकी भूमिका की भी सराहना की।
स्मार्टफोन से डिजिटल व्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
आंगनबाड़ी व्यवस्था को डिजिटल माध्यम से मजबूत करने पर भी सरकार का जोर दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया गया है। संबोधन में 1.28 लाख स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जाने का उल्लेख किया गया।
स्मार्टफोन के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने केंद्र से जुड़ा डेटा और विभिन्न योजनाओं की जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज करने में सुविधा मिलने की बात कही गई।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम को आसान किया जा सकता है। डिजिटल व्यवस्था से बच्चों के पोषण, केंद्र की गतिविधियों और योजनाओं से जुड़े आंकड़ों को व्यवस्थित करने में भी मदद मिल सकती है।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से स्मार्टफोन का उपयोग करते हुए अपने केंद्रों को बेहतर बनाने और योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की अपील की।
“आप भारत के भविष्य के निर्माण का काम कर रही हैं”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे देश के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चे भारत का भविष्य हैं। अगर बच्चों को शुरुआती उम्र में उचित पोषण और बेहतर देखभाल मिलेगी तो उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होगा।
योगी ने कहा कि स्वस्थ बचपन ही स्वस्थ भारत की आधारशिला है। स्वस्थ भारत आगे चलकर समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके काम की व्यापक जिम्मेदारी का एहसास भी कराया। उन्होंने कहा कि बच्चों के बचपन को बेहतर बनाने का काम सीधे तौर पर देश के भविष्य को मजबूत करने से जुड़ा है।
कोरोना काल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं द्वारा किए गए कार्यों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उस कठिन दौर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर विभिन्न अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना काल में गांव-गांव जाकर स्क्रीनिंग और लोगों की मदद से जुड़े अभियानों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी सक्रिय रहीं। कई जगह उन्होंने अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना लोगों की सेवा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के साथ मिलकर काम करने वाली इन महिला कार्यकर्ताओं ने महामारी के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की इसी भूमिका को ध्यान में रखते हुए उनके लिए सुविधाएं बढ़ाने की बात कही।
परफॉर्मेंस बेस्ड बढ़ोतरी का भी संकेत
मुख्यमंत्री के संबोधन में मानदेय और सुविधाओं को लेकर एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं के साथ उनके प्रदर्शन को भी महत्व दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता जितनी तेजी और प्रभावी तरीके से अपने कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएंगी, उतनी ही अधिक मानदेय वृद्धि के लिए प्रदर्शन आधारित अभियान मददगार हो सकता है।
इसका उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों के कामकाज में प्रतिस्पर्धा और बेहतर प्रदर्शन को बढ़ावा देना बताया गया।
हालांकि प्रदर्शन आधारित अतिरिक्त मानदेय की विस्तृत शर्तों और पात्रता का पूरा विवरण उपलब्ध भाषण के ट्रांसक्रिप्ट में नहीं दिया गया है। इसलिए इसके नियमों को लेकर किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
कुपोषण के खिलाफ अभियान पर जोर
कार्यक्रम में कुपोषण के मुद्दे को भी प्रमुखता दी गई। मुख्यमंत्री ने उन बच्चों का उल्लेख किया जिन्हें सामान्य पोषण स्थिति में लाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों ने प्रयास किए।
उन्होंने ऐसे परिवारों और कार्यकर्ताओं के योगदान को सम्मानित किए जाने की बात कही। सरकार की कोशिशों में आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य की निगरानी के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करना शामिल है।
योगी सरकार की ओर से आंगनबाड़ी व्यवस्था को डिजिटल तकनीक, पोषण अभियान और स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
टेक होम राशन योजना में महिला समूहों की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने टेक होम राशन के कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में टेक होम राशन से जुड़े प्लांट महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं।
भाषण में बताया गया कि ऐसे प्लांट 204 स्थानों पर संचालित हो रहे हैं। इसका उद्देश्य पोषण से जुड़े कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देना है।
इस व्यवस्था को महिला सशक्तिकरण और पोषण अभियान को एक साथ आगे बढ़ाने के प्रयास के तौर पर देखा जा सकता है।
आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श केंद्र बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से अपने-अपने केंद्रों को आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने की अपील की। उनका कहना था कि स्मार्टफोन और डिजिटल सुविधाओं के साथ अब योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन को और बेहतर किया जा सकता है।
सरकार की कोशिश है कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने तक सीमित न रहें, बल्कि वे प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के एकीकृत केंद्र के रूप में विकसित हों।
इसके लिए कार्यकर्ताओं को तकनीक से जोड़ने और उनकी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
बेटियों और उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान
अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों के सम्मान का भी उल्लेख मुख्यमंत्री के भाषण में किया गया।
उन्होंने उन बेटियों का जिक्र किया जिन्होंने एवरेस्ट बेस कैंप विजय अभियान में हिस्सा लिया। इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों और कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करने की बात भी कही गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान ऐसे लोगों के उत्साह को बढ़ाने के साथ-साथ दूसरे लोगों को भी बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करेगा।
सरकार के फैसले से क्या बदलेगा?
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए घोषित सुविधाओं को एक साथ देखा जाए तो सरकार ने आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य सुरक्षा, डिजिटल संसाधन और कार्यस्थल से जुड़ी सुविधाओं पर जोर दिया है।
मानदेय में बढ़ोतरी सीधे तौर पर कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की आय से जुड़ी है। कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उन्हें और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी खर्च से सुरक्षा देने का प्रयास है। स्मार्टफोन डिजिटल कामकाज को आसान बनाने में मदद कर सकता है, जबकि साड़ी के लिए अतिरिक्त राशि उनके कार्य से जुड़ी सुविधा का हिस्सा है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को केवल योजना लागू करने वाली कर्मचारी के रूप में नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को तैयार करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में प्रस्तुत किया है।
निष्कर्ष
अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए की गई घोषणाओं ने इस वर्ग को सीधे प्रभावित करने वाले कई मुद्दों को संबोधित किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये करने की घोषणा कार्यक्रम का सबसे बड़ा हिस्सा रही।
इसके साथ साड़ी के लिए अतिरिक्त 500 रुपये, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा और स्मार्टफोन जैसी व्यवस्थाओं को भी सरकार ने आंगनबाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने से जोड़ा है।
अब इन घोषणाओं के वास्तविक क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचने पर नजर रहेगी। खास तौर पर स्वास्थ्य बीमा की राशि, अतिरिक्त मानदेय की पात्रता और परफॉर्मेंस बेस्ड बढ़ोतरी की विस्तृत शर्तों को लेकर सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आदेश आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
स्रोत: अयोध्या कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का उपलब्ध ट्रांसक्रिप्ट।
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