लखनऊ: देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, आंधी-तूफान और दूसरी प्राकृतिक परिस्थितियों से प्रभावित लोगों को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने राहत और सहायता की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने राज्य सरकारों से प्रभावित परिवारों तक हर स्तर पर मदद पहुंचाने की अपील की है। साथ ही बसपा कार्यकर्ताओं से भी अपने स्तर पर जरूरतमंद लोगों की सहायता करने को कहा है।
मायावती ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की खराब स्थिति के कारण आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि ऐसे कठिन समय में संबंधित राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि प्रभावित लोगों तक पूरी मदद पहुंचाई जाए।
उन्होंने महाराष्ट्र के कई इलाकों में सूखे की स्थिति का भी जिक्र किया। मायावती ने कहा कि वहां किसानों और दूसरे प्रभावित लोगों को केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय जमीन पर वास्तविक सहायता मिलनी चाहिए। उनका जोर इस बात पर रहा कि संकट में फंसे लोगों को राहत का लाभ सीधे मिलना चाहिए।
बसपा संगठन को तीन सेक्टर में बांटने की जानकारी
मायावती ने अपने संदेश में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज को लेकर भी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बसपा के संगठन को तीन सेक्टर में बांटा गया है। इसका उद्देश्य अलग-अलग राज्यों में पार्टी के काम को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना और संगठन की गतिविधियों पर नजर रखना है।
उनके अनुसार, सेक्टर नंबर-1 में 10 राज्य शामिल किए गए हैं। इस सेक्टर की जिम्मेदारी बसपा के राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और सुरेश राव को दी गई है। दोनों केंद्रीय सेक्टर प्रभारी के रूप में संबंधित राज्यों में पार्टी के काम को देख रहे हैं।
सेक्टर नंबर-2 में 9 राज्य रखे गए हैं। इस सेक्टर की जिम्मेदारी बसपा के पूर्व राज्यसभा सांसद राजाराम और पूर्व विधायक अतर्सिंह राव को दी गई है। दोनों केंद्रीय सेक्टर प्रभारी के तौर पर संगठन से जुड़े कार्यों को देखेंगे।
वहीं सेक्टर नंबर-3 में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को रखा गया है। मायावती ने बताया कि इन दोनों राज्यों में पार्टी के कामकाज को लखनऊ स्थित बसपा के केंद्रीय कैंप कार्यालय से सीधे देखा जा रहा है।
कार्यकर्ताओं से अपने स्तर पर मदद करने की अपील
प्राकृतिक आपदा के मुद्दे पर मायावती ने सेक्टर नंबर-1 और सेक्टर नंबर-2 के केंद्रीय प्रभारियों से भी कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र के राज्यों में जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए पार्टी के लोगों को सक्रिय करें।
उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में भारी बारिश, आंधी-तूफान या दूसरी वजहों से लोगों के सामने मुश्किलें पैदा हुई हैं, वहां पार्टी के कार्यकर्ताओं को अपनी क्षमता के अनुसार लोगों की मदद करनी चाहिए।
मायावती ने यह भी कहा कि सहायता के नाम पर अलग से धन इकट्ठा करने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि इस तरह की स्थिति में पार्टी कार्यकर्ता अपने उपलब्ध संसाधनों और सामर्थ्य के मुताबिक प्रभावित लोगों का साथ दें, ताकि किसी तरह के गलत इस्तेमाल की गुंजाइश न रहे।
जरूरत के अनुसार भेजे जा सकते हैं राष्ट्रीय प्रभारी
बसपा प्रमुख ने कहा कि अगर किसी प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त मदद की आवश्यकता महसूस होती है तो पार्टी के राष्ट्रीय प्रभारी ईशान आनंद को भी वहां भेजा जा सकता है।
उन्होंने खास तौर पर सेक्टर नंबर-3 में आने वाले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की स्थिति पर अपनी नजर होने की बात कही। जरूरत पड़ने पर इन क्षेत्रों का स्वयं दौरा करने की संभावना भी मायावती ने जताई।
केंद्र से भी सहायता देने की अपील
मायावती ने केंद्र सरकार से भी प्राकृतिक आपदा से प्रभावित राज्यों को आवश्यक सहयोग देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में हालात ज्यादा खराब हैं, वहां संबंधित सरकारों को समय रहते पूरी मदद मिलनी चाहिए।
उनके संदेश में प्राकृतिक आपदा के दौरान सरकारी राहत व्यवस्था के साथ-साथ राजनीतिक दलों और उनके कार्यकर्ताओं की सामाजिक जिम्मेदारी पर भी जोर दिया गया है।
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