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लखनऊ। राजधानी लखनऊ की उत्तर विधानसभा क्षेत्र के फैजुल्लागंज इलाके में जलभराव ने स्थानीय परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई स्थानों पर पानी भरने के कारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित है। हालात ऐसे हैं कि कुछ परिवारों के लिए घर से बाहर निकलना भी चुनौती बन गया है और बच्चों को नाव के सहारे स्कूल जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, जलभराव के कारण घरों में रखे जरूरी सामान और राशन की समस्या भी सामने आने लगी है। कई परिवारों का कहना है कि लगातार जलभराव के बीच रोजमर्रा की जरूरतों का सामान जुटाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में राहत सामग्री की जरूरत महसूस की जा रही है।

इसी बीच NSUI UP के प्रदेश उपाध्यक्ष आर्यन मिश्रा अपने साथियों के साथ नाव के जरिए प्रभावित इलाकों में पहुंचे और स्थानीय परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने का काम किया। टीम ने जलभराव वाले रास्तों से नाव के सहारे लोगों के घरों तक पहुंचकर जरूरत का सामान उपलब्ध कराया।

नाव के सहारे घरों तक पहुंचाई राहत सामग्री

राहत अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने जलभराव से प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। पानी के कारण कई रास्तों के प्रभावित होने की वजह से राहत सामग्री को नाव के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया गया।

इस दौरान आर्यन मिश्रा के साथ लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व इकाई अध्यक्ष सुधांशु शर्मा, शान गनी, तुषार वर्मा, सौरभ तिवारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। टीम ने प्रभावित परिवारों तक पहुंचकर उन्हें राहत सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास किया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव ने बच्चों की पढ़ाई से लेकर घर के जरूरी कामों तक को प्रभावित किया है। पानी भरे रास्तों के बीच बच्चों का स्कूल जाना परिवारों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। वहीं, घरों में राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर भी परेशानी बताई जा रही है।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी पर उठे सवाल

जलभराव की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र में राहत और जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी है।

स्थानीय लोगों की ओर से लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह, विधायक नीरज बोरा और महापौर समेत जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की मौके पर मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए गए हैं। प्रभावित लोगों का कहना है कि जलभराव की स्थिति में उन्हें तत्काल राहत, जलनिकासी और आवश्यक सुविधाओं की जरूरत है।

हालांकि, राहत अभियान के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से प्रभावित परिवारों को तत्काल जरूरत की सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिली। नाव के जरिए घरों तक पहुंचकर राहत सामग्री बांटने की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं।

जलभराव से बढ़ी मुश्किलें

फैजुल्लागंज में जलभराव कोई सामान्य परेशानी नहीं रह गई है। पानी के बीच रहने वाले परिवारों के सामने आवाजाही, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतों से जुड़ी कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। ऐसे में प्रभावित परिवारों की प्राथमिक जरूरत सुरक्षित आवागमन, जलनिकासी और जरूरी खाद्य सामग्री की उपलब्धता है।

स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन प्रभावित इलाकों में जलनिकासी की व्यवस्था को प्राथमिकता दे और जब तक पानी पूरी तरह नहीं निकलता, तब तक जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई जाएं।

फिलहाल फैजुल्लागंज में जलभराव के कारण प्रभावित परिवारों की मुश्किलें बनी हुई हैं। नाव के सहारे बच्चों के स्कूल जाने और राहत सामग्री के लिए नाव का इस्तेमाल किए जाने की स्थिति इलाके में जलभराव की गंभीरता को सामने ला रही है।

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