फंड, संपत्तियों और ‘संगी-साथियों’ की गतिविधियों की जांच की उठी मांग
लखनऊ:
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश और समाज पर सिर्फ हथियारों से ही नहीं, बल्कि “अदृश्य हथियारों” से भी हमला हो रहा है, जो अंदर ही अंदर सामाजिक सौहार्द और आपसी प्रेम को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में जारी बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि जहां असली हथियारों के लिए लाइसेंस जरूरी होता है, वहीं कुछ ताकतें ऐसे “गुप्त हथियारों” का इस्तेमाल कर रही हैं, जिनका कोई हिसाब नहीं है लेकिन उनका असर बेहद खतरनाक है।
उन्होंने कहा कि वकीलों और जनता की ओर से यह मांग उठ रही है कि भाजपा से जुड़े लोगों के घर, दुकान, कार्यालय और प्रतिष्ठानों के नक्शों व दस्तावेजों की वैधता की भी जांच होनी चाहिए। साथ ही विभिन्न आयोजनों, निर्माण कार्यों और आपदाओं के नाम पर जुटाए गए चंदे और फंड का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए और उसका ऑडिट कराया जाए।
अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि अनरजिस्टर्ड लोगों द्वारा खरीदी गई जमीन और उन पर बने निर्माणों की कानूनी स्थिति क्या है और क्या ये संपत्तियां बेनामी श्रेणी में आती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जनता जानना चाहती है कि भाजपा से जुड़े “संगी-साथियों” के निर्माणों को कार्यालय कहा जाए या किसी और तरह का अड्डा।
उन्होंने इन तथाकथित संगी-साथियों की गतिविधियों, उनके खर्च के स्रोत, विदेश यात्राओं और ऐतिहासिक भूमिका पर भी सवाल उठाए। साथ ही आरोप लगाया कि ये तत्व सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का काम कर रहे हैं और किसी साजिश के तहत समाज में तनाव पैदा किया जा रहा है।
अखिलेश यादव के इस बयान से प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं, जिन पर आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।













