लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ई-20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। 19 अगस्त 2026 को जारी बयान में उन्होंने सवाल उठाया कि ई-20 पेट्रोल को लेकर सरकार और उसके सलाहकारों में से सही कौन है, यह स्पष्ट कौन करेगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि ई-20 पेट्रोल से कथित तौर पर गाड़ियों में आ रही समस्याओं को लेकर वाहन मालिक सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार का कहना है कि ई-20 पेट्रोल में सब ठीक है, जबकि दूसरी तरफ सलाहकार इसे गाड़ियों के लिए नुकसानदेह बता रहे हैं। ऐसे में जनता के सामने स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
‘जनता से सीधे संवाद क्यों नहीं करती सरकार?’
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार बात-बात पर सर्वे कराती है, लेकिन ई-20 पेट्रोल के परिणाम भुगत रही आम जनता से सीधे संवाद करके यह क्यों नहीं पूछती कि वास्तविक स्थिति क्या है।
उन्होंने ई-20 पेट्रोल को ‘दुधारी तलवार’ बताते हुए कहा कि इसका असर जनता पर दोहरी मार के रूप में पड़ रहा है। उनके मुताबिक, लोगों को महंगे पेट्रोल के साथ-साथ गाड़ियों के महंगे मेंटेनेंस का भी सामना करना पड़ रहा है।
गाड़ी के माइलेज और मेंटेनेंस को लेकर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि ई-20 पेट्रोल के कारण गाड़ियों के खराब होने के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने सरकार पर पेट्रोल में मिलावट को बढ़ावा देने और दबाव बनाकर ई-20 पेट्रोल बिकवाने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा कि आम लोगों की शिकायत है कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से उनकी गाड़ियों का मेंटेनेंस बढ़ गया है और माइलेज पर भी असर पड़ रहा है।
हालांकि, अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर सरकार या संबंधित केंद्रीय विभाग की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। ई-20 पेट्रोल को लेकर वाहन उपयोगकर्ताओं के बीच इसके प्रभावों और लंबे समय में वाहनों पर पड़ने वाले असर को लेकर लगातार चर्चा होती रही है।
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