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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में औद्योगिक विकास को गति देने और उद्यमियों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने सक्रियता बढ़ाई है। इसी क्रम में जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की स्थिति, जल निकासी, सड़कों की समस्या, जलभराव, अवस्थापना विकास और उद्यमियों से जुड़े लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्योगों और उद्यमियों से संबंधित मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने निवेश मित्र पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों को नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से इस बात पर जोर दिया गया कि निवेश से जुड़े मामलों में विभागीय स्तर पर समन्वय बेहतर हो, ताकि उद्यमियों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

निवेश मित्र पोर्टल के लंबित मामलों की होगी साप्ताहिक समीक्षा

बैठक में निवेश मित्र पोर्टल 2.0 और 3.0 पर लंबित प्रकरण प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि पोर्टल पर लंबित मामलों की साप्ताहिक समीक्षा की जाए। साथ ही प्रत्येक प्रकरण को निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि निवेश से जुड़े मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। लंबित मामलों की नियमित समीक्षा से यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन-सा प्रकरण किस विभाग में लंबित है और उसके समाधान में किस स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता है।

प्रशासन का उद्देश्य बताया गया कि औद्योगिक इकाइयों से जुड़े मामलों को समय पर निपटाकर उद्यमियों के लिए कारोबारी माहौल को सुगम बनाया जाए। बैठक में संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर भी जोर दिया गया।

अमौसी-नादरगंज औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी पर चर्चा

बैठक में अमौसी-नादरगंज और सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था, खराब सड़कों और बारिश के दौरान होने वाले जलभराव जैसे मुद्दे सामने आए।

औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव की समस्या का सीधा असर वहां काम करने वाली इकाइयों, कर्मचारियों और माल के आवागमन पर पड़ता है। ऐसे में बैठक के दौरान ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर करने के प्रस्ताव की स्थिति की जानकारी ली गई। बताया गया कि ड्रेनेज व्यवस्था के विकास का प्रस्ताव पहले ही स्वीकृत हो चुका है।

प्रशासन की ओर से अब संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाने और क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था को व्यवस्थित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क की खराब स्थिति को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

सड़कों की जांच के लिए PWD और जल निगम की संयुक्त टीम

बैठक में सड़कों के रेस्टोरेशन से संबंधित कार्यों की गुणवत्ता और स्थिति की जांच को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) और जल निगम की संयुक्त टीम गठित की गई है।

यह टीम संबंधित औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति और किए गए रेस्टोरेशन कार्यों की जांच करेगी। सड़क निर्माण या रेस्टोरेशन से जुड़े कार्यों के बाद यदि किसी स्थान पर समस्या बनी हुई है तो उसकी पहचान कर आवश्यक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

संयुक्त जांच का उद्देश्य सड़क और जल निकासी से जुड़े कार्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी है, ताकि एक विभाग द्वारा किए गए कार्य के बाद दूसरे कार्यों के कारण सड़क या अन्य आधारभूत संरचना को नुकसान न पहुंचे।

नादरगंज से रिंग रोड तक 5.7 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण की योजना

बैठक में औद्योगिक क्षेत्र की कनेक्टिविटी से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना पर भी चर्चा हुई। नादरगंज से सुनहरा रोड होते हुए रिंग रोड तक करीब 5.7 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण को कार्ययोजना में शामिल किया गया है।

इस सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण से क्षेत्र में आवागमन से जुड़ी समस्याओं को कम करने की दिशा में काम किया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी के माध्यम से कच्चे माल और तैयार उत्पादों का परिवहन होता है।

बैठक में इस परियोजना को कार्ययोजना में शामिल किए जाने की जानकारी दी गई और संबंधित विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।

तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र की समस्याएं भी एजेंडे में

जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक में तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। यहां अवस्थापना सुविधाओं के उच्चीकरण, नाली निर्माण और प्रभावित उद्यमियों की समस्याओं को बैठक में रखा गया।

औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए उपलब्ध संसाधनों और जरूरतों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया गया। नाली निर्माण का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया।

तालकटोरा क्षेत्र से संबंधित मामलों की जांच और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर 15 अक्टूबर के बाद आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर

बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य उद्यमियों और औद्योगिक संगठनों की ओर से उठाए गए विभिन्न मामलों की समीक्षा करना रहा। उद्योग प्रतिनिधियों की ओर से अलग-अलग समस्याओं और आवश्यकताओं को प्रशासन के सामने रखा गया, जिन पर संबंधित विभागों के अधिकारियों से जानकारी ली गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्यमियों की ओर से उठाए गए मामलों को गंभीरता से लेते हुए उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों में एक से अधिक विभागों की भूमिका है, उनमें आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।

औद्योगिक विकास के लिए केवल निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पहले से संचालित औद्योगिक इकाइयों को सड़क, नाली, जल निकासी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी है। बैठक में इसी दिशा में लंबित समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिखाई दिया।

समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि स्वीकृत प्रस्तावों और लंबित प्रकरणों में अनावश्यक देरी न हो। निवेश मित्र पोर्टल के मामलों की साप्ताहिक समीक्षा, औद्योगिक क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था, सड़क रेस्टोरेशन की जांच और प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण जैसे मुद्दों पर आगे की कार्रवाई की निगरानी की जाएगी।

कुल मिलाकर, जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक में लखनऊ के औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं और उद्यमियों की लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। प्रशासन ने एक ओर निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने की बात कही, वहीं दूसरी ओर औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, ड्रेनेज और नाली जैसी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी दी है।

बैठक में लिए गए फैसलों के बाद अब निगाह इस बात पर रहेगी कि स्वीकृत ड्रेनेज प्रस्ताव, सड़क रेस्टोरेशन की संयुक्त जांच, 5.7 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण-सुदृढ़ीकरण और तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं पर तय समयसीमा में किस तरह की कार्रवाई आगे बढ़ती है।

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