lucknow-kanousi-nahar-do-shav

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मानकनगर थाना क्षेत्र में कनौसी पुल के पास नहर से बरामद किए गए दो शवों की पहचान हो गई है। 26 अगस्त 2026 की सुबह नहर में दो शव मिलने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलते ही मानकनगर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को नहर से बाहर निकलवाकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की थी। शुरुआती जांच के दौरान दोनों मृतकों की तत्काल पहचान नहीं हो सकी थी। इसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए केजीएमयू भेजते हुए उनकी शिनाख्त के प्रयास तेज किए।

जांच और परिजनों की ओर से किए गए प्रयासों के बाद एक शव की पहचान महराजगंज निवासी 32 वर्षीय हरिओम गौड़ के रूप में हुई, जबकि दूसरे शव की पहचान कनौसी निवासी 21 वर्षीय प्रिंस रावत के तौर पर की गई। प्रिंस रावत के लापता होने की सूचना पहले से ही कृष्णानगर थाने में दर्ज थी। परिजनों ने 27 अगस्त को मोर्चरी हाउस पहुंचकर शव की पहचान अपने लापता बेटे के रूप में की।

पुलिस के मुताबिक, दोनों मामलों में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।

कनौसी पुल के पास नहर में मिले थे दो शव

मामला 26 अगस्त की सुबह सामने आया, जब मानकनगर थाना क्षेत्र के कनौसी पुल के पास नहर में दो शव पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके की स्थिति का जायजा लेने के बाद दोनों शवों को नहर से बाहर निकलवाया।

शव मिलने की सूचना के बाद आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ भी जुट गई थी। पुलिस ने दोनों शवों की पहचान कराने के लिए मौके पर मौजूद लोगों से जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन तत्काल किसी भी मृतक की पहचान नहीं हो सकी।

पहचान स्पष्ट नहीं होने के कारण पुलिस ने दोनों शवों को अज्ञात के रूप में दर्ज करते हुए नियमानुसार पंचायतनामा की कार्रवाई की। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) भेज दिया गया।

पुलिस ने मृतकों की पहचान के लिए आवश्यक प्रयास शुरू किए। आसपास के थानों से भी गुमशुदगी से संबंधित जानकारी जुटाई गई, ताकि शवों की पहचान होने के साथ-साथ उनके परिजनों तक सूचना पहुंचाई जा सके।

एक शव की पहचान हरिओम गौड़ के रूप में

पुलिस जांच के दौरान नहर से बरामद एक शव की पहचान हरिओम गौड़ पुत्र बिशंभर के रूप में हुई। हरिओम गौड़ की उम्र करीब 32 वर्ष बताई गई है और वह महराजगंज जिले के फरेंदा थाना क्षेत्र के शनिचरहिया बाजार के निवासी थे।

पुलिस के अनुसार हरिओम गौड़ लखनऊ में पेंटिंग का काम करते थे। वह राजधानी में रहकर मजदूरी और पेंटिंग से जुड़े काम से अपनी आजीविका चला रहे थे।

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी में यह भी बताया गया है कि हरिओम अत्यधिक शराब के सेवन के आदी थे। हालांकि, उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर पुलिस ने अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। मौत के कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही की जाएगी।

हरिओम की पहचान होने के बाद उनके परिजनों को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस के मुताबिक मृतक के परिजन मोर्चरी हाउस पर मौजूद रहे और शव की पहचान की प्रक्रिया पूरी की गई।

दूसरा शव 21 वर्षीय प्रिंस रावत का निकला

नहर से बरामद दूसरे शव की पहचान लखनऊ के कनौसी निवासी 21 वर्षीय प्रिंस रावत के रूप में हुई। प्रिंस रावत थाना कृष्णानगर क्षेत्र के कनौसी इलाके में अपने परिवार के साथ रहते थे।

पुलिस के अनुसार प्रिंस 24 अगस्त 2026 की शाम घर से कुछ सामान लेने के लिए निकले थे। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटे। काफी समय बीत जाने के बावजूद जब प्रिंस घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।

परिवार के लोगों ने अपने स्तर पर आसपास के इलाकों और संभावित स्थानों पर उनकी खोजबीन की, लेकिन प्रिंस का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद परिजनों ने कृष्णानगर थाने में गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई। पुलिस ने भी गुमशुदगी के आधार पर आवश्यक कार्रवाई शुरू की थी।

इसी बीच मानकनगर थाना क्षेत्र में नहर से दो शव मिलने की सूचना सामने आई। दोनों शवों की तत्काल पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस की जांच और पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद एक शव का संबंध प्रिंस रावत की गुमशुदगी से जुड़ गया।

27 अगस्त को परिजनों ने की पहचान

26 अगस्त को नहर से दोनों शव बरामद होने के बाद पहचान की प्रक्रिया जारी रही। अगले दिन यानी 27 अगस्त को प्रिंस रावत के परिजन मोर्चरी हाउस पहुंचे। वहां उन्होंने शव की पहचान अपने लापता बेटे के रूप में की।

परिजनों द्वारा पहचान किए जाने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रिंस रावत का शव उनके परिजनों को सौंप दिया गया।

प्रिंस के अचानक लापता होने और फिर नहर से शव मिलने की घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। हालांकि पुलिस की ओर से फिलहाल यह नहीं कहा गया है कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। इस संबंध में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से मिलने वाले अन्य साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मौत की वजह को लेकर अभी जांच जारी

दोनों शवों की पहचान हो जाने के बावजूद पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर है। फिलहाल पुलिस ने किसी भी मामले में मौत की वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।

पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट होगी। इसके अलावा घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।

ऐसे मामलों में पुलिस आमतौर पर मृतकों की अंतिम गतिविधियों, उनके संपर्क में रहे लोगों, घटनास्थल और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाती है। हालांकि इस मामले में पुलिस ने अभी किसी तरह की आपराधिक घटना की पुष्टि नहीं की है।

इसलिए फिलहाल दोनों मौतों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

कृष्णानगर थाने में दर्ज थी प्रिंस की गुमशुदगी

प्रिंस रावत के मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उनके लापता होने के बाद परिवार ने कृष्णानगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जानकारी के अनुसार 24 अगस्त की शाम वह घर से सामान लेने के लिए निकले थे, लेकिन इसके बाद वापस नहीं आए।

परिजनों ने काफी तलाश की और जब कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस से संपर्क किया। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही थी।

दो दिन बाद यानी 26 अगस्त को मानकनगर क्षेत्र में दो शव मिलने की सूचना सामने आई। अगले दिन प्रिंस के परिजनों ने इनमें से एक शव की पहचान कर दी। इस तरह गुमशुदगी के मामले का संबंध नहर से बरामद शव से स्थापित हुआ।

पुलिस के लिए अब प्रिंस की मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

हरिओम लखनऊ में करते थे पेंटिंग का काम

दूसरे मृतक हरिओम गौड़ के बारे में पुलिस ने बताया कि वह मूल रूप से महराजगंज जिले के फरेंदा थाना क्षेत्र के शनिचरहिया बाजार के रहने वाले थे। वह काम की तलाश में लखनऊ आए थे और यहां पेंटिंग का कार्य करते थे।

राजधानी में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों और श्रमिकों का एक बड़ा वर्ग अलग-अलग इलाकों में रहकर रोजगार करता है। हरिओम भी पेंटिंग का काम कर रहे थे। पुलिस के अनुसार वह शराब के अत्यधिक सेवन के आदी थे।

हालांकि, पुलिस ने शराब के सेवन की जानकारी को उनकी मौत का कारण नहीं बताया है। उनकी मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही निर्धारित की जाएगी।

हरिओम की पहचान होने के बाद उनके परिजन मोर्चरी हाउस पहुंचे। पुलिस ने पहचान और अन्य आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

दोनों मामलों में अलग-अलग पहलुओं की जांच

नहर से एक साथ दो शव मिलने के कारण शुरुआत में पुलिस के सामने दोनों मृतकों की पहचान करना प्राथमिक चुनौती थी। पहचान होने के बाद अब दोनों मामलों से जुड़े तथ्यों की अलग-अलग जांच की जा रही है।

एक ओर हरिओम गौड़ की पहचान महराजगंज निवासी व्यक्ति के रूप में हुई है, जो लखनऊ में पेंटिंग का काम करते थे। दूसरी ओर प्रिंस रावत के मामले में पहले से दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट मौजूद है। इसलिए प्रिंस की अंतिम गतिविधियों और उनके घर से निकलने के बाद की परिस्थितियों को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पुलिस दोनों मामलों में उपलब्ध जानकारी को जोड़कर आगे की कार्रवाई कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद जांच की दिशा और अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।

पुलिस ने शांति व्यवस्था सामान्य बताई

घटना के बाद इलाके में किसी तरह की कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या नहीं है। पुलिस के अनुसार वर्तमान में क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।

दोनों शवों की पहचान होने के बाद पुलिस ने संबंधित परिजनों को आवश्यक प्रक्रिया के तहत जानकारी दी। प्रिंस रावत के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

मानकनगर के कनौसी पुल के पास नहर से मिले दोनों शवों की पहचान भले ही हो गई है, लेकिन दोनों की मौत की परिस्थितियों को लेकर अभी जांच बाकी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रिंस रावत के मामले में उनकी गुमशुदगी की टाइमलाइन जांच का अहम हिस्सा हो सकती है, क्योंकि वह 24 अगस्त की शाम घर से निकले थे और इसके बाद वापस नहीं लौटे। वहीं हरिओम गौड़ के मामले में उनके लखनऊ में रहने और काम करने से जुड़ी जानकारी को भी जांच के दौरान देखा जा रहा है।

फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता दोनों मामलों के सभी तथ्यों को सामने लाना है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

लखनऊ के मानकनगर थाना क्षेत्र में कनौसी पुल के पास 26 अगस्त को नहर से बरामद दो अज्ञात शवों की पहचान अब हो चुकी है। एक मृतक की पहचान महराजगंज निवासी 32 वर्षीय पेंटर हरिओम गौड़ के रूप में हुई है, जबकि दूसरा शव कनौसी निवासी 21 वर्षीय प्रिंस रावत का था। प्रिंस के लापता होने की रिपोर्ट कृष्णानगर थाने में दर्ज थी और 27 अगस्त को उनके परिजनों ने शव की पहचान की।

पुलिस ने दोनों मामलों में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के साथ जांच जारी रखी है। फिलहाल मौत की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में फिलहाल शांति और कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी हुई है।

यह खबर भी पढ़ें: रक्षाबंधन पर पाल मर्सी होम पहुंचे अजय राय

,


प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Search

About

नई सोच नई ऊर्जा एक RNI-प्रमाणित (Registered with Registrar of Newspapers for India) और डिजिटल न्यूज़ चैनल है, जो निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से प्रस्तुत करता है।
हम राजनीति, प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और समसामयिक विषयों पर विश्वसनीय समाचार और विश्लेषण पाठकों तक पहुँचाते हैं।

हमारी प्राथमिकता है सत्य, पारदर्शिता और जिम्मेदार पत्रकारिता
ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर ब्रेकिंग न्यूज़ तक, हमारी टीम खबरों की पुष्टि के बाद ही उन्हें प्रकाशित करती है।

नई सोच नई ऊर्जा का उद्देश्य है—

  • सटीक और भरोसेमंद समाचार
  • लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती
  • जनआवाज़ को मंच देना
  • डिजिटल माध्यम से त्वरित सूचना

हम मानते हैं कि सही खबर ही समाज को सही दिशा देती है

Gallery