लखनऊ: मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और परिक्रमा मार्ग के आसपास मांस और मदिरा की दुकानों को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में है। विश्व हिन्दू रक्षा परिषद (VHRP) ने प्रशासन से मथुरा के धार्मिक क्षेत्र में ऐसी दुकानों के संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लखनऊ के गोमती नगर में आयोजित प्रेस वार्ता में परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसकी धार्मिक गरिमा एवं पवित्रता बनाए रखना जरूरी है।
परिषद की ओर से प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने की बात कही गई है। गोपाल राय के मुताबिक, यदि निर्धारित समय में संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया तो 30 अगस्त को संगठन के कार्यकर्ता मथुरा के लिए कूच करेंगे और आंदोलन करेंगे।
विश्व हिन्दू रक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर भी संगठन की गतिविधियों और गोपाल राय को संगठन के नेतृत्व से जुड़ा बताया गया है। वेबसाइट पर संगठन के उद्देश्यों में हिंदू संस्कृति, समाज और धार्मिक विरासत से जुड़े मुद्दों पर काम करने की बात कही गई है।
‘अयोध्या-काशी के बाद अब मथुरा की बारी’
प्रेस वार्ता के दौरान परिषद की ओर से “अयोध्या काशी हुई हमारी, अब है मथुरा की बारी” का नारा दिया गया। संगठन का कहना है कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर और काशी में बाबा विश्वनाथ धाम के विकास के बाद अब मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े धार्मिक विषयों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
गोपाल राय ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का विषय है। उनके अनुसार, जन्मभूमि और उसके आसपास के क्षेत्र की धार्मिक पहचान और मर्यादा को बनाए रखने के लिए प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि संगठन मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण की मांग का समर्थन करता है। यह मुद्दा लंबे समय से धार्मिक और सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा रहा है।
72 घंटे में फैसला नहीं तो 30 अगस्त को आंदोलन

VHRP अध्यक्ष गोपाल राय ने प्रेस वार्ता में कहा कि प्रशासन को मांग पर 72 घंटे के भीतर उचित और संतोषजनक निर्णय लेना चाहिए। संगठन के अनुसार, यदि ऐसा नहीं हुआ तो 30 अगस्त को उसके पदाधिकारी और कार्यकर्ता मथुरा की ओर प्रस्थान करेंगे।
संगठन ने कहा कि उसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की आस्था, धार्मिक स्थलों की मर्यादा और सनातन संस्कृति से जुड़े विषयों को उठाना है। हालांकि, 30 अगस्त को प्रस्तावित कार्यक्रम का वास्तविक स्वरूप, प्रतिभागियों की संख्या और प्रशासन की ओर से किसी अनुमति या रोक संबंधी निर्णय की स्थिति अलग से स्पष्ट होना बाकी है।
ऐसे किसी भी प्रस्तावित मार्च या आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा। स्थानीय प्रशासन की ओर से इस मांग पर आधिकारिक प्रतिक्रिया या आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
गौरतलब है कि विश्व हिन्दू रक्षा परिषद इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर कार्यक्रम और प्रदर्शन कर चुकी है। संगठन की वेबसाइट पर अगस्त 2026 में लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम और गोपाल राय के बयानों से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध है।
मांस-मदिरा की दुकानों को लेकर क्या है VHRP की मांग?
परिषद का मुख्य जोर मथुरा के धार्मिक क्षेत्र और परिक्रमा मार्ग की पवित्रता पर है। संगठन का कहना है कि ऐसे स्थानों के आसपास मांस और शराब की दुकानों का संचालन श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को प्रभावित कर सकता है।
गोपाल राय ने प्रशासन से मांग की कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र और परिक्रमा मार्ग को उसकी धार्मिक महत्ता के अनुरूप संरक्षित किया जाए। संगठन चाहता है कि संबंधित दुकानों को धार्मिक क्षेत्र से हटाने या उनके संचालन पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में प्रशासन जल्द निर्णय ले।
यहां यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी दुकान को हटाने या प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई संबंधित कानून, प्रशासनिक आदेश और स्थानीय नियमों के तहत ही की जा सकती है। इसलिए आगे की स्थिति प्रशासन के निर्णय पर निर्भर करेगी।
4 अक्टूबर को सनातन गौरव सम्मान समारोह
प्रेस वार्ता में गोपाल राय ने संगठन के आगामी कार्यक्रम की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 4 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि महासम्मेलन एवं सनातन गौरव सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
परिषद के अनुसार, कार्यक्रम के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंदर सिंह बिट्टा और विधायक राजेश्वर सिंह को आमंत्रित किया गया है।
हालांकि, किसी व्यक्ति का कार्यक्रम में आमंत्रित होना और उसका कार्यक्रम में शामिल होना अलग-अलग बातें हैं। इसलिए इन नेताओं की अंतिम उपस्थिति की पुष्टि कार्यक्रम के करीब होने पर ही की जा सकेगी।
21 देशों में संगठन के विस्तार का दावा
गोपाल राय ने प्रेस वार्ता में दावा किया कि विश्व हिन्दू रक्षा परिषद का संगठनात्मक विस्तार भारत के बाहर भी हुआ है और अब तक 21 देशों में राष्ट्रीय अध्यक्षों की नियुक्ति की जा चुकी है।
परिषद की ओर से लंदन, यूनाइटेड किंगडम, इंडोनेशिया, ब्राजील, फ्रांस, नेपाल, कनाडा, यूक्रेन, श्रीलंका, मलेशिया, बेल्जियम, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, चीन, अमेरिका के कैलिफोर्निया, अल्बानिया, अंडोरा और जापान समेत कई स्थानों के प्रतिनिधियों के नाम बताए गए।
इनमें अभिषेक कुमार, शरद कुमार झा, डॉ. रसाचार्य, संजीव शर्मा, विश्वनाथ शास्त्री, पूर्व सांसद केदार नंदन चौधरी, रोहित भाई और अन्य पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं। यह सूची परिषद की प्रेस वार्ता में संगठन द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है।
VHRP की वेबसाइट भी संगठन की अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय गतिविधियों का उल्लेख करती है तथा अलग-अलग देशों और क्षेत्रों से जुड़े पदाधिकारियों की जानकारी उपलब्ध कराती है।
सनातन संस्कृति और धार्मिक विरासत को लेकर संगठन का अभियान
विश्व हिन्दू रक्षा परिषद अपने आधिकारिक परिचय में स्वयं को धार्मिक और सामाजिक संगठन के रूप में प्रस्तुत करता है। संगठन का कहना है कि वह हिंदू समाज, संस्कृति और धार्मिक विरासत के संरक्षण तथा सामाजिक मुद्दों पर काम करता है।
परिषद की ओर से आने वाले समय में देश और विदेश में सनातन जागरण से जुड़े अभियानों को तेज करने की बात भी कही गई है। गोपाल राय ने कहा कि संगठन समाज को संगठित करने और सनातन संस्कृति से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की दिशा में काम करेगा।
मथुरा में आगे क्या होगा?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 72 घंटे के अल्टीमेटम के बाद प्रशासन का रुख क्या रहता है। यदि प्रशासन संगठन की मांग पर कोई निर्णय लेता है तो 30 अगस्त के प्रस्तावित कार्यक्रम की दिशा बदल सकती है। वहीं, यदि मांग पर सहमति नहीं बनती है तो VHRP की ओर से मथुरा कूच और आंदोलन की घोषणा पर अमल किया जा सकता है।
मथुरा देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि, मंदिरों, घाटों और परिक्रमा मार्ग के कारण यहां वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में धार्मिक भावनाओं से जुड़े किसी भी आंदोलन का असर स्थानीय यातायात, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ सकता है।
फिलहाल VHRP की ओर से प्रशासन के सामने अपनी मांग और 72 घंटे की समयसीमा रखी गई है। 30 अगस्त को संगठन वास्तव में मथुरा कूच करता है या उससे पहले प्रशासन की ओर से कोई निर्णय लिया जाता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
निष्कर्ष
मथुरा में मांस और मदिरा की दुकानों को लेकर विश्व हिन्दू रक्षा परिषद की मांग ने धार्मिक क्षेत्र की व्यवस्थाओं और श्रीकृष्ण जन्मभूमि की पवित्रता से जुड़े मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। गोपाल राय ने 72 घंटे में निर्णय की मांग करते हुए 30 अगस्त को मथुरा कूच की चेतावनी दी है। साथ ही संगठन ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण की मांग का समर्थन किया है।
अब नजर प्रशासन के अगले कदम पर रहेगी। यदि कोई आधिकारिक आदेश, बैठक या निर्णय सामने आता है तो उससे मथुरा में प्रस्तावित कार्यक्रम की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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