14 सितंबर को धरना स्थल पहुंचेंगे राज्यसभा सांसद संजय सिंह, विनय पटेल बोले—सरकार पंचायत सहायकों की समस्याओं का तत्काल समाधान करे लखनऊ, 12 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में कार्यरत पंचायत सहायक कर्मचारियों के नियमितीकरण और मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को राजनीतिक समर्थन का केंद्र बन गया। पंचायत सहायकों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) उत्तर प्रदेश का एक प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनरत कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों के समर्थन में पार्टी की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। आम आदमी पार्टी की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह प्रतिनिधिमंडल पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के निर्देश पर धरना स्थल पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आप के अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने किया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने पंचायत सहायकों की मांगों को जायज बताते हुए प्रदेश सरकार से उनके नियमितीकरण, मानदेय में वृद्धि और अन्य समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। पार्टी ने यह भी घोषणा की कि आप के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह आगामी 14 सितंबर को ईको गार्डन पहुंचकर आंदोलनरत पंचायत सहायकों से मुलाकात करेंगे। पार्टी के अनुसार, इस दौरान पंचायत सहायकों के अधिकारों और उनकी मांगों को सड़क से लेकर संसद तक उठाने की प्रतिबद्धता दोहराई जाएगी। पंचायत सहायकों की समस्याएं सुनीं, आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान धरना स्थल पर पहुंचे आप प्रतिनिधिमंडल ने पंचायत सहायक कर्मचारियों के साथ बातचीत की। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों, कार्य परिस्थितियों और आर्थिक समस्याओं से पार्टी नेताओं को अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों की बात सुनने के बाद उनके आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। आप नेताओं का कहना है कि पंचायत सहायक ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी सेवा शर्तों, मानदेय और भविष्य की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने कहा कि पंचायत सहायकों की मांगों को केवल कर्मचारियों की व्यक्तिगत समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह ग्रामीण प्रशासन और सरकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन से जुड़ा विषय है। उनके अनुसार, पंचायत सहायकों की समस्याओं का समाधान होने से ग्रामीण स्तर पर सरकारी कामकाज को भी मजबूती मिल सकती है। ₹6,000 मानदेय पर विनय पटेल ने उठाए सवाल प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे विनय पटेल ने पंचायत सहायकों को दिए जा रहे मानदेय को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महंगाई के मौजूदा दौर में मात्र ₹6,000 मासिक मानदेय पर काम करना पंचायत सहायकों के लिए बेहद कठिन है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर सम्मानजनक स्तर पर किया जाए। विनय पटेल ने आरोप लगाया कि सरकार पंचायत सहायकों के साथ उचित व्यवहार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि गांवों में सरकारी योजनाओं को लागू करने और प्रशासनिक कामकाज में सहयोग करने वाले शिक्षित युवाओं को कम मानदेय पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आप नेता ने अपने संबोधन में सरकार के मंत्रियों और विधायकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “चिलम सरकार के मंत्री और विधायक जरा एक महीने पंचायत सहायकों की तरह मात्र ₹6,000 में अपने परिवार का गुजारा करके दिखाएं, तब जाकर उन्हें इन युवाओं के दर्द, मजबूरी और संघर्ष का अहसास होगा।” विनय पटेल ने कहा कि पंचायत सहायकों से काम लेने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति और भविष्य की सुरक्षा की अनदेखी करना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह संवेदनशीलता के साथ कर्मचारियों की समस्याओं पर विचार करे और नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए। नियमितीकरण की मांग पर सरकार से तत्काल कार्रवाई की अपील पंचायत सहायकों के आंदोलन की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण भी शामिल है। आप प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लंबे समय से पंचायत स्तर पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को अपने भविष्य को लेकर स्पष्टता की आवश्यकता है। पार्टी के अनुसार, कर्मचारियों को स्थायी सेवा व्यवस्था और सम्मानजनक मानदेय उपलब्ध कराने के लिए सरकार को नीतिगत निर्णय लेना चाहिए। विनय पटेल ने कहा कि अपने अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर युवाओं को सड़कों पर बैठना पड़ रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने के बजाय उनकी अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि पंचायत सहायक गांवों में विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित कार्यों में सहयोग करते हैं। ग्रामीण जनता और सरकारी तंत्र के बीच समन्वय स्थापित करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनकी मांगों को नजरअंदाज करने के बजाय सरकार को उनके प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करनी चाहिए। आप नेता ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासनों से नहीं होगा। इसके लिए सरकार को स्पष्ट समय-सीमा के साथ निर्णय लेने और उसे लागू करने की दिशा में काम करना होगा। सरकार से वार्ता और समयबद्ध समाधान की मांग आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार से पंचायत सहायक कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ तत्काल वार्ता करने की अपील की है। पार्टी की ओर से कहा गया कि कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उनके समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। आप नेताओं ने कहा कि पंचायत सहायकों की समस्याओं को लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि और अन्य मांगों पर उसकी क्या नीति है और इन पर निर्णय कब तक लिया जाएगा। विनय पटेल ने कहा कि आम आदमी पार्टी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहे कर्मचारियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पंचायत सहायकों की मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत सहायकों को उनका हक मिलने तक आम आदमी पार्टी उनकी आवाज को उठाती रहेगी। हालांकि, मांगों पर अंतिम निर्णय सरकार की ओर से लिया जाना है और अभी तक नियमितीकरण या मानदेय वृद्धि को लेकर किसी आधिकारिक शासनादेश की जानकारी प्रेस नोट में नहीं दी गई है। 14 सितंबर को संजय सिंह के पहुंचने की घोषणा आम आदमी पार्टी ने बताया कि राज्यसभा सांसद संजय सिंह 14 सितंबर को लखनऊ के ईको गार्डन में चल रहे पंचायत सहायकों के आंदोलन में शामिल होंगे। पार्टी के अनुसार, सांसद आंदोलनरत कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी मांगों की जानकारी लेंगे और उनके समर्थन में अपनी बात रखेंगे। संजय सिंह के धरना स्थल पर पहुंचने की घोषणा के बाद पंचायत सहायकों के आंदोलन को राजनीतिक स्तर पर भी समर्थन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, सांसद के कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत समय और अन्य आधिकारिक जानकारी प्रेस नोट में उपलब्ध नहीं कराई गई है। प्रतिनिधिमंडल में ये पदाधिकारी रहे मौजूद ईको गार्डन में पंचायत सहायकों के धरना स्थल पर पहुंचे आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल में अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल के अलावा निवर्तमान प्रदेश महासचिव दिनेश पटेल, मनोज मिश्रा, नूर सिद्दीकी, अतुल सिंह, अभिषेक सिंह, सुधीर पटेल, सुरभि और प्रेरणा सहित पार्टी के अन्य प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने पंचायत सहायकों के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना जरूरी है। पार्टी ने सरकार से आग्रह किया कि वह आंदोलनरत कर्मचारियों के साथ संवाद स्थापित करे और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए। अब सरकार के फैसले पर टिकी नजर पंचायत सहायकों के नियमितीकरण और मानदेय वृद्धि का मुद्दा फिलहाल आंदोलन के रूप में जारी है। ईको गार्डन में धरनारत कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सरकार से ठोस निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के समर्थन और 14 सितंबर को संजय सिंह के प्रस्तावित दौरे से इस मुद्दे को राजनीतिक मजबूती मिलने की संभावना है। अब देखना होगा कि प्रदेश सरकार पंचायत सहायकों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या कर्मचारियों के साथ औपचारिक वार्ता कर समाधान की दिशा में कोई कदम उठाया जाता है। फिलहाल पंचायत सहायकों की मुख्य मांगें नियमितीकरण, सम्मानजनक मानदेय और उनके भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी हैं। पंचायत सहायक कर्मचारियों का कहना है कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं और सरकार से अपने श्रम के अनुरूप सम्मान एवं आर्थिक सुरक्षा की अपेक्षा रखते हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह इन मांगों के समर्थन में अपनी आवाज आगे भी उठाती रहेगी।

14 सितंबर को धरना स्थल पहुंचेंगे राज्यसभा सांसद संजय सिंह, विनय पटेल बोले—सरकार पंचायत सहायकों की समस्याओं का तत्काल समाधान करे

लखनऊ, 12 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में कार्यरत पंचायत सहायक कर्मचारियों के नियमितीकरण और मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को राजनीतिक समर्थन का केंद्र बन गया। पंचायत सहायकों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) उत्तर प्रदेश का एक प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनरत कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों के समर्थन में पार्टी की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

आम आदमी पार्टी की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह प्रतिनिधिमंडल पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के निर्देश पर धरना स्थल पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आप के अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने किया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने पंचायत सहायकों की मांगों को जायज बताते हुए प्रदेश सरकार से उनके नियमितीकरण, मानदेय में वृद्धि और अन्य समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।

पार्टी ने यह भी घोषणा की कि आप के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह आगामी 14 सितंबर को ईको गार्डन पहुंचकर आंदोलनरत पंचायत सहायकों से मुलाकात करेंगे। पार्टी के अनुसार, इस दौरान पंचायत सहायकों के अधिकारों और उनकी मांगों को सड़क से लेकर संसद तक उठाने की प्रतिबद्धता दोहराई जाएगी।

पंचायत सहायकों की समस्याएं सुनीं, आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान

धरना स्थल पर पहुंचे आप प्रतिनिधिमंडल ने पंचायत सहायक कर्मचारियों के साथ बातचीत की। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों, कार्य परिस्थितियों और आर्थिक समस्याओं से पार्टी नेताओं को अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों की बात सुनने के बाद उनके आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की।

आप नेताओं का कहना है कि पंचायत सहायक ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी सेवा शर्तों, मानदेय और भविष्य की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने कहा कि पंचायत सहायकों की मांगों को केवल कर्मचारियों की व्यक्तिगत समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह ग्रामीण प्रशासन और सरकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन से जुड़ा विषय है। उनके अनुसार, पंचायत सहायकों की समस्याओं का समाधान होने से ग्रामीण स्तर पर सरकारी कामकाज को भी मजबूती मिल सकती है।

₹6,000 मानदेय पर विनय पटेल ने उठाए सवाल

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे विनय पटेल ने पंचायत सहायकों को दिए जा रहे मानदेय को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महंगाई के मौजूदा दौर में मात्र ₹6,000 मासिक मानदेय पर काम करना पंचायत सहायकों के लिए बेहद कठिन है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर सम्मानजनक स्तर पर किया जाए।

विनय पटेल ने आरोप लगाया कि सरकार पंचायत सहायकों के साथ उचित व्यवहार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि गांवों में सरकारी योजनाओं को लागू करने और प्रशासनिक कामकाज में सहयोग करने वाले शिक्षित युवाओं को कम मानदेय पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

आप नेता ने अपने संबोधन में सरकार के मंत्रियों और विधायकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “चिलम सरकार के मंत्री और विधायक जरा एक महीने पंचायत सहायकों की तरह मात्र ₹6,000 में अपने परिवार का गुजारा करके दिखाएं, तब जाकर उन्हें इन युवाओं के दर्द, मजबूरी और संघर्ष का अहसास होगा।”

विनय पटेल ने कहा कि पंचायत सहायकों से काम लेने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति और भविष्य की सुरक्षा की अनदेखी करना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह संवेदनशीलता के साथ कर्मचारियों की समस्याओं पर विचार करे और नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए।

नियमितीकरण की मांग पर सरकार से तत्काल कार्रवाई की अपील

पंचायत सहायकों के आंदोलन की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण भी शामिल है। आप प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लंबे समय से पंचायत स्तर पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को अपने भविष्य को लेकर स्पष्टता की आवश्यकता है। पार्टी के अनुसार, कर्मचारियों को स्थायी सेवा व्यवस्था और सम्मानजनक मानदेय उपलब्ध कराने के लिए सरकार को नीतिगत निर्णय लेना चाहिए।

विनय पटेल ने कहा कि अपने अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर युवाओं को सड़कों पर बैठना पड़ रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने के बजाय उनकी अनदेखी कर रही है।

उन्होंने कहा कि पंचायत सहायक गांवों में विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित कार्यों में सहयोग करते हैं। ग्रामीण जनता और सरकारी तंत्र के बीच समन्वय स्थापित करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनकी मांगों को नजरअंदाज करने के बजाय सरकार को उनके प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करनी चाहिए।

आप नेता ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासनों से नहीं होगा। इसके लिए सरकार को स्पष्ट समय-सीमा के साथ निर्णय लेने और उसे लागू करने की दिशा में काम करना होगा।

सरकार से वार्ता और समयबद्ध समाधान की मांग

आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार से पंचायत सहायक कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ तत्काल वार्ता करने की अपील की है। पार्टी की ओर से कहा गया कि कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उनके समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।

आप नेताओं ने कहा कि पंचायत सहायकों की समस्याओं को लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि और अन्य मांगों पर उसकी क्या नीति है और इन पर निर्णय कब तक लिया जाएगा।

विनय पटेल ने कहा कि आम आदमी पार्टी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहे कर्मचारियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पंचायत सहायकों की मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत सहायकों को उनका हक मिलने तक आम आदमी पार्टी उनकी आवाज को उठाती रहेगी। हालांकि, मांगों पर अंतिम निर्णय सरकार की ओर से लिया जाना है और अभी तक नियमितीकरण या मानदेय वृद्धि को लेकर किसी आधिकारिक शासनादेश की जानकारी प्रेस नोट में नहीं दी गई है।

14 सितंबर को संजय सिंह के पहुंचने की घोषणा

आम आदमी पार्टी ने बताया कि राज्यसभा सांसद संजय सिंह 14 सितंबर को लखनऊ के ईको गार्डन में चल रहे पंचायत सहायकों के आंदोलन में शामिल होंगे। पार्टी के अनुसार, सांसद आंदोलनरत कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी मांगों की जानकारी लेंगे और उनके समर्थन में अपनी बात रखेंगे।

संजय सिंह के धरना स्थल पर पहुंचने की घोषणा के बाद पंचायत सहायकों के आंदोलन को राजनीतिक स्तर पर भी समर्थन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, सांसद के कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत समय और अन्य आधिकारिक जानकारी प्रेस नोट में उपलब्ध नहीं कराई गई है।

प्रतिनिधिमंडल में ये पदाधिकारी रहे मौजूद

ईको गार्डन में पंचायत सहायकों के धरना स्थल पर पहुंचे आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल में अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल के अलावा निवर्तमान प्रदेश महासचिव दिनेश पटेल, मनोज मिश्रा, नूर सिद्दीकी, अतुल सिंह, अभिषेक सिंह, सुधीर पटेल, सुरभि और प्रेरणा सहित पार्टी के अन्य प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने पंचायत सहायकों के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना जरूरी है। पार्टी ने सरकार से आग्रह किया कि वह आंदोलनरत कर्मचारियों के साथ संवाद स्थापित करे और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए।

अब सरकार के फैसले पर टिकी नजर

पंचायत सहायकों के नियमितीकरण और मानदेय वृद्धि का मुद्दा फिलहाल आंदोलन के रूप में जारी है। ईको गार्डन में धरनारत कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सरकार से ठोस निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के समर्थन और 14 सितंबर को संजय सिंह के प्रस्तावित दौरे से इस मुद्दे को राजनीतिक मजबूती मिलने की संभावना है।

अब देखना होगा कि प्रदेश सरकार पंचायत सहायकों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या कर्मचारियों के साथ औपचारिक वार्ता कर समाधान की दिशा में कोई कदम उठाया जाता है। फिलहाल पंचायत सहायकों की मुख्य मांगें नियमितीकरण, सम्मानजनक मानदेय और उनके भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी हैं।

पंचायत सहायक कर्मचारियों का कहना है कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं और सरकार से अपने श्रम के अनुरूप सम्मान एवं आर्थिक सुरक्षा की अपेक्षा रखते हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह इन मांगों के समर्थन में अपनी आवाज आगे भी उठाती रहेगी।

यह खबर भी पढ़ें: योगी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकार के सवाल पर सियासत तेज

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