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लखनऊ, 20 मई 2026:
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने भाजपा सरकार पर प्रदेश की विभिन्न सरकारी भर्तियों में आरक्षण से छेड़छाड़ और बड़े पैमाने पर घोटाले का आरोप लगाया है। बुधवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा ने एक “ऑडिट रिपोर्ट” जारी करते हुए दावा किया कि 22 प्रमुख भर्तियों में आरक्षण के साथ अन्याय हुआ है।

अखिलेश यादव ने कहा कि 69 हजार शिक्षक भर्ती, वन एवं वन्य जीव रक्षक भर्ती, बांदा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, एडेड जूनियर हाईस्कूल, ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल, चिकित्सा अधिकारी (आयुर्वेद) समेत कई भर्तियों में आरक्षित वर्गों के हक में कटौती की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने “जहां मौका मिला, वहां पदों की लूट की।”

प्रेस वार्ता में उन्होंने विशेष रूप से 69 हजार शिक्षक भर्ती का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग (OBC) को जहां 27% आरक्षण मिलना चाहिए था, वहां सिर्फ 3.86% दिया गया, यानी 23.14% की “लूट” हुई। इसी तरह अनुसूचित जाति (SC) को 21% के बजाय 16.21% आरक्षण दिया गया, जो करीब 4.8% कम है।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी इस भर्ती में करीब 20 हजार सीटों पर गड़बड़ी मानी है। सपा प्रमुख के अनुसार, राज्य सरकार ने 2022 में 6800 अतिरिक्त पदों की सूची जारी कर अनियमितताओं को स्वीकार किया था, जबकि एसटी के 1133 पद खाली छोड़ दिए गए।

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर डेटा छिपाने और “एनएफएस (नॉट फॉर सूटेबल)” जैसे तरीकों से आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को बाहर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर लगातार संघर्ष करती रहेगी और यदि 2027 में उनकी सरकार बनती है तो 90 दिनों के भीतर 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को न्याय दिलाया जाएगा।

सपा प्रमुख ने जातीय जनगणना कराने की भी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि उनकी पार्टी “आबादी के हिसाब से हक और सम्मान” की पक्षधर है। उन्होंने महिला आरक्षण कानून में भी पिछड़े वर्ग की महिलाओं को शामिल करने की मांग उठाई।

राजनीतिक परिदृश्य पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का जनाधार लगातार बढ़ रहा है, जबकि भाजपा का ग्राफ गिर रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि हर बूथ पर वोट बढ़ाने का लक्ष्य रखें, जिससे 2027 में बदलाव सुनिश्चित किया जा सके।

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