लखनऊ, 27 मई 2026।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) से मुलाकात कर दो अलग-अलग मामलों में ज्ञापन सौंपते हुए उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा, पूर्व एमएलसी उदयवीर सिंह और सुनील सिंह साजन शामिल रहे। नेताओं ने आरोप लगाया कि गाजीपुर जिले के करण्डा थाना क्षेत्र में राजनीतिक द्वेष के चलते अनिल सिंह यादव और उनके परिवार को फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है।
सपा नेताओं के अनुसार, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आशुतोष सिंह आशु और करण्डा थानाध्यक्ष संतोष कुमार पाठक की मिलीभगत से अनिल यादव, उनके एनएसजी कमांडो भाई सुनील यादव और दूसरे भाई विक्की यादव पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा परिवार की महिलाओं के साथ अभद्रता, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि 28 अप्रैल 2026 की रात पुलिसकर्मियों ने घर का ताला तोड़कर सामान और ज्वेलरी उठा ली, जिसकी शिकायत डायल-112 और 1090 पर भी की गई थी। साथ ही आरोप लगाया गया कि परिवार को फर्जी एनकाउंटर और बुल्डोजर कार्रवाई की धमकियां दी जा रही हैं।
सपा नेताओं ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और करण्डा थानाध्यक्ष व अन्य जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
वहीं दूसरे ज्ञापन में प्रतिनिधिमंडल ने हरदोई के चर्चित शिल्पी कुशवाहा हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों और कथित साजिशकर्ताओं शिवा ठाकुर, अश्वनी ठाकुर और मानेन्द्र सिंह के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई।
समाजवादी पार्टी नेताओं ने कहा कि कानून व्यवस्था के नाम पर निर्दोष लोगों का उत्पीड़न लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है और यदि पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला तो पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।













