कौशांबी, उत्तर प्रदेश: कौशांबी जिले में प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चायल तहसील के अहलादपुर गांव निवासी आईटीबीपी जवान राम किशन, जो इस समय अमरनाथ यात्रा मार्ग की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात हैं, ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने उनके घर को निशाना बनाते हुए बुलडोजर चलाया, जबकि उसी भूमि पर बने अन्य मकानों को नहीं छुआ गया।
राम किशन का दावा है कि जिस खलिहान की जमीन पर कार्रवाई की गई, वहां 25 से 30 अन्य मकान भी बने हुए हैं, लेकिन कार्रवाई केवल उनके मकान पर की गई। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई बदले की भावना और भेदभावपूर्ण तरीके से की गई है।
फौजी का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी ड्यूटी के दौरान मिली, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित होने के कारण उनके साथ अन्याय हुआ, जबकि उसी जमीन पर बने दूसरे मकानों को सुरक्षित छोड़ दिया गया।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई राजस्व अभिलेखों और नियमानुसार की गई है तथा किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया।
इस पूरे मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, भेदभाव और बदले की भावना से कार्रवाई किए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या जवाब देता है और मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस मामले में कोई जांच के आदेश दिए जाते हैं या नहीं।













