लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी संगठनात्मक बदलावों को लेकर सक्रिय हो गई है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पार्टी नेतृत्व में मंथन तेज हो गया है। सूत्रों के अनुसार फिलहाल 6 युवा नेताओं के नाम सबसे आगे चल रहे हैं, जिनमें 3 क्षत्रिय, 2 ब्राह्मण और 1 गुर्जर चेहरा शामिल है।
प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश से सुखविंदर सिंह सोम (मुज़फ्फरनगर), अयोध्या से हर्षवर्धन सिंह, लखनऊ से निखिलमणि तिवारी, प्रयागराज से रोहित मिश्रा, गौतमबुद्धनगर से सत्येंद्र अवाना और मऊ से शक्ति सिंह शामिल हैं।
ये 6 चेहरे सबसे आगे
1. सुखविंदर सिंह सोम (मुज़फ्फरनगर)
वर्तमान में भाजयुमो के पश्चिम क्षेत्र अध्यक्ष हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन पर मजबूत पकड़ और लंबे समय से सक्रिय राजनीतिक भूमिका के चलते इन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
2. हर्षवर्धन सिंह (अयोध्या)
भाजयुमो के प्रदेश महामंत्री हैं। संगठनात्मक अनुभव और पूर्वांचल क्षेत्र में सक्रियता के कारण उनका नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है।
3. निखिलमणि तिवारी (लखनऊ)
अवध क्षेत्रीय महामंत्री के रूप में कार्यरत निखिलमणि तिवारी का नाम भी लंबे समय से चर्चा में है। ब्राह्मण चेहरे के तौर पर उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
4. रोहित मिश्रा (प्रयागराज)
भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और संगठन में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। 2021 की प्रदेश कार्यकारिणी में भी उन्हें अहम जिम्मेदारी मिली थी।
5. सत्येंद्र अवाना (गौतमबुद्धनगर)
गुर्जर समाज से आने वाले सत्येंद्र अवाना छात्र राजनीति और संगठन दोनों में मजबूत पकड़ रखते हैं। वे पहले भी भाजयुमो में प्रदेश स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
6. शक्ति सिंह (मऊ)
भाजयुमो की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य शक्ति सिंह का नाम भी तेजी से उभरकर सामने आया है। पूर्वांचल में उनकी सक्रियता और युवा कार्यकर्ताओं के बीच पकड़ को उनकी ताकत माना जा रहा है।
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस
भाजपा नेतृत्व इस बार युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष चयन में केवल संगठनात्मक अनुभव ही नहीं, बल्कि जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को भी ध्यान में रख रहा है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी ऐसे चेहरे की तलाश में है जो युवाओं को जोड़ने के साथ-साथ बूथ स्तर तक संगठन को और मजबूत कर सके। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अध्यक्ष पद का फैसला आने वाले दिनों में भाजपा के बड़े संगठनात्मक समीकरणों का संकेत भी देगा।
जल्द हो सकती है घोषणा
सूत्रों के मुताबिक प्रदेश संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच लगातार मंथन जारी है। अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद लिया जाएगा। माना जा रहा है कि युवा मोर्चा की नई टीम का गठन जल्द किया जा सकता है, ताकि 2027 के चुनावी मिशन के लिए संगठन को नई ऊर्जा मिल सके।













