माधव ग्रीन सिटी में चोरों का राज! पुलिस बेबस या लापरवाह?
लखनऊ। राजधानी लखनऊ की माधव ग्रीन सिटी सोसाइटी इन दिनों चोरों के आतंक से दहशत में है। ताजा मामला एक ही रात में दो घरों में हुई चोरी का है, जिसने सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि CCTV फुटेज में संदिग्धों के चेहरे स्पष्ट दिखाई देने के बावजूद अभी तक न तो FIR दर्ज हुई है और न ही किसी आरोपी पर कार्रवाई की गई है।सोसाइटी की 108 लेन में रहने वाले सचिन के घर हुई चोरी कोई पहली घटना नहीं है। पीड़ित परिवार के अनुसार उनके घर में यह तीसरी बार चोरी हुई है। इससे भी बड़ा आरोप यह है कि पिछली चोरी के दौरान स्थानीय लोगों ने एक चोर को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था, लेकिन पुलिस ने कथित रूप से उसे छोड़ दिया। अगले ही दिन वही व्यक्ति दूसरी सोसाइटी में चोरी करते हुए पकड़ा गया।
ताजा चोरी में चोरों ने घरों का कोना-कोना खंगाल डाला। अलमारियां, लॉकर, दराज और कीमती सामान रखने की जगहों को निशाना बनाया गया। सोना, चांदी, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी होने की बात सामने आ रही है। घटना के बाद घरों की हालत देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि चोर काफी देर तक बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देते रहे।जब चोरी के एक पीड़ित से पूछा गया कि क्या उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, तो उनका जवाब चौंकाने वाला था। उनका कहना था कि “मेरा पुलिस प्रशासन से विश्वास उठ चुका है। शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती, इसलिए FIR कराने का भी मन नहीं करता।”स्थानीय निवासियों का दावा है कि पिछले 8 महीनों में माधव ग्रीन सिटी में लगभग 20 चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। लगातार बढ़ती वारदातों के कारण लोगों में डर और नाराजगी दोनों बढ़ रहे हैं। कई परिवारों का कहना है कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो उन्हें अपनी संपत्ति बेचकर कहीं और जाना पड़ेगा।सोसाइटी के लोगों का सवाल है कि जब CCTV फुटेज में संदिग्धों के चेहरे साफ दिखाई दे रहे हैं, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? आखिर चोरों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए कि एक ही सोसाइटी को बार-बार निशाना बना रहे हैं?अब बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रही है, या फिर माधव ग्रीन सिटी के लोगों को अपनी सुरक्षा खुद करनी होगी?नयी सोच नयी ऊर्जा की टीम इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।












