युवा शक्ति के आगे झुकी सरकार, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा करोड़ों युवाओं की ऐतिहासिक जीत: संजय सिंह

नई दिल्ली/लखनऊ, 25 जुलाई 2026। आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने छात्रों और युवाओं के आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को युवाओं के संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि देश के नौजवानों ने अपनी एकजुटता और आंदोलन के जरिए सरकार को जवाबदेही के लिए मजबूर किया है।

संजय सिंह ने आंदोलन से जुड़े युवाओं को बधाई देते हुए कहा, “जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है।” उन्होंने दावा किया कि व्यापक छात्र आंदोलन और लगातार बढ़ते जनदबाव के कारण सरकार को शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और एनटीए से जुड़े अधिकारियों पर कार्रवाई जैसे कदम उठाने पड़े।

हालांकि, आम आदमी पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में किए गए इस्तीफे, बर्खास्तगी और आंदोलन से जुड़ी मौतों के कुछ दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार में नहीं की गई है।

संजय सिंह बोले- युवाओं की ताकत ने सरकार को झुकाया

संजय सिंह ने शिक्षा मंत्री के कथित इस्तीफे को ऐतिहासिक बताते हुए दावा किया कि मोदी सरकार के करीब 12 वर्षों के कार्यकाल में यह पहली बार है जब युवाओं के दबाव में किसी मंत्री को पद छोड़ना पड़ा है।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से छात्र परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही को लेकर आवाज उठा रहे थे। अब युवाओं ने दिखा दिया है कि लोकतांत्रिक तरीके से एकजुट होकर आवाज उठाने पर सरकार को उनकी मांगों पर ध्यान देना पड़ता है।

संजय सिंह ने इसे किसानों के आंदोलन से भी जोड़ते हुए कहा कि केंद्र सरकार को पहले किसानों और अब नौजवानों के आंदोलन के सामने अपने फैसलों पर पुनर्विचार करना पड़ा है।

‘21 छात्रों के परिवारों को मिले ₹1-1 करोड़’

संजय सिंह ने कहा कि केवल मंत्री का इस्तीफा हो जाने से छात्रों का संघर्ष समाप्त नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया कि आंदोलन से जुड़ी परिस्थितियों में 21 छात्रों की जान गई और उनके परिवारों को केंद्र सरकार की ओर से ₹1-1 करोड़ का मुआवजा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों को भी वापस लेने की मांग की।

संजय सिंह ने कहा, “विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले किसी छात्र या युवा के खिलाफ एफआईआर या कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। सरकार को आंदोलनकारियों की बाकी मांगों पर भी तत्काल फैसला करना चाहिए।”

नोट: 21 छात्रों की मृत्यु से संबंधित संख्या आम आदमी पार्टी की प्रेस विज्ञप्ति और संजय सिंह के दावे पर आधारित है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

जंतर-मंतर के आंदोलन का किया जिक्र

संजय सिंह ने जंतर-मंतर पर चले छात्र-युवा आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब एक महीने से उठ रही आवाज धीरे-धीरे देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंची और बड़ी संख्या में युवा इससे जुड़े।

उन्होंने सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके के अनशन एवं संघर्ष का भी उल्लेख किया। संजय सिंह के मुताबिक आंदोलनकारियों ने शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट जवाबदेही की मांग की और अपनी मांगों से पीछे हटने से इनकार किया।

पेपर लीक से रोजगार तक लड़ाई ले जाने का आह्वान

संजय सिंह ने युवाओं से कहा कि पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर शुरू हुए आंदोलन को अब रोजगार के सवाल से भी जोड़ने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाते हुए रोजगार की गारंटी, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और समय पर परीक्षाओं जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाना चाहिए।

उनका कहना था कि सरकार की जिम्मेदारी केवल परीक्षाएं आयोजित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि युवाओं को पारदर्शी व्यवस्था और रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलें।

AAP ने बताया युवाओं के संघर्ष की जीत

आम आदमी पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को छात्र और युवा आंदोलन की बड़ी राजनीतिक जीत करार दिया है। पार्टी का कहना है कि युवाओं की एकजुटता ने सरकार पर दबाव बनाया और शिक्षा तथा परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में पहुंचाया।

वहीं संजय सिंह ने आंदोलन में शामिल युवाओं के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार को जनता और विशेष रूप से देश के भविष्य से जुड़े युवाओं के सवालों का जवाब देना ही होगा।

डिस्क्लेमर: यह समाचार आम आदमी पार्टी, उत्तर प्रदेश द्वारा 25 जुलाई 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। इसमें केंद्र सरकार, मंत्री के इस्तीफे, एनटीए अधिकारियों की बर्खास्तगी, 21 छात्रों की मृत्यु और आंदोलन से संबंधित कई राजनीतिक एवं तथ्यात्मक दावे पार्टी/संजय सिंह की ओर से किए गए हैं। जहां स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है, उन्हें दावे के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है।



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