ajay-rai-letter-pm-modi-e20-petrol-nitin-gadkari-hardeep-puri

लखनऊ, 27 जुलाई 2026। देश में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को लेकर जारी बहस के बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अजय राय ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पद से हटाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अजय राय के पत्र और उनकी मांग की स्वतंत्र मीडिया रिपोर्ट में भी पुष्टि हुई है।

अजय राय ने एथेनॉल नीति को लेकर वैज्ञानिक परीक्षण, उपभोक्ताओं पर आर्थिक प्रभाव, वाहनों की माइलेज व इंजन संबंधी आशंकाओं और नीति-निर्माण में पारदर्शिता जैसे मुद्दे उठाए हैं। हालांकि ये कांग्रेस नेता के आरोप और मांगें हैं; केंद्र सरकार E20 कार्यक्रम को आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने, उत्सर्जन घटाने और किसानों के लिए एथेनॉल की मांग बढ़ाने वाली नीति के रूप में प्रस्तुत करती रही है।

अजय राय बोले—पहले भी उठाए थे सवाल, नहीं मिला सार्वजनिक जवाब

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने पत्र में दावा किया कि उन्होंने इससे पहले भी एथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति के वैज्ञानिक, आर्थिक, पर्यावरणीय और उपभोक्ता हितों से जुड़े पहलुओं को लेकर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया था।

उनका कहना है कि उन्होंने स्वतंत्र वैज्ञानिक परीक्षण, पूरी पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता देने की मांग की थी, लेकिन उनके मुताबिक अब तक इन सवालों का कोई संतोषजनक सार्वजनिक जवाब सामने नहीं आया।

अजय राय ने यह भी कहा कि E20 के बाद सरकार E85 और E100 जैसे उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। केंद्र ने वास्तव में E85 फ्लेक्स-फ्यूल को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए हैं, हालांकि इसे मौजूदा वाहनों पर E85/E100 अनिवार्य करने के समान नहीं समझा जाना चाहिए।

E20 पेट्रोल की कीमत को लेकर भी उठाया सवाल

अजय राय ने कहा कि एथेनॉल मिश्रण के समर्थन में आयातित तेल पर निर्भरता घटाने, किसानों को फायदा पहुंचाने और उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत सस्ता ईंधन मिलने जैसे तर्क दिए गए थे।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब पेट्रोल में एथेनॉल का मिश्रण किया जा रहा है, तब इसका आर्थिक लाभ उपभोक्ताओं को किस रूप में मिल रहा है। उनका आरोप है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल भी लगभग उसी स्तर की कीमत पर उपलब्ध है, जिस स्तर पर पहले सामान्य पेट्रोल मिलता था।

माइलेज, इंजन और वारंटी को लेकर उठाए सवाल

अजय राय ने पत्र में वाहनों की तकनीकी समस्याओं और जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी वाहन में E20 इस्तेमाल करने के बाद माइलेज में कमी, तकनीकी समस्या या इंजन संबंधी नुकसान की शिकायत आती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।

उन्होंने वाहन वारंटी और बीमा दावों को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की मांग की है। ये विषय E20 के विरोध में चल रहे व्यापक सार्वजनिक विमर्श का भी हिस्सा बने हुए हैं।

क्या है E20 पेट्रोल?

E20 का अर्थ ऐसा पेट्रोल है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। भारत सरकार ने राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने का लक्ष्य रखा था। आधिकारिक नीति दस्तावेजों में तेल कंपनियों द्वारा 20 प्रतिशत तक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री का प्रावधान किया गया।

केंद्र सरकार के मुताबिक एथेनॉल मिश्रण से पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने, किसानों के लिए अतिरिक्त बाजार तैयार करने और परिवहन क्षेत्र के उत्सर्जन को कम करने में मदद मिल सकती है। सरकार ने E20 से जुड़े कुछ आलोचनात्मक दावों का खंडन भी किया है।

गडकरी और पुरी की बर्खास्तगी की मांग

अजय राय ने कहा कि मामला अब केवल नीति तक सीमित नहीं है, बल्कि मंत्री स्तर की जवाबदेही का विषय बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित मंत्रालय उपभोक्ताओं की चिंताओं का संतोषजनक समाधान करने और नीति निर्माण में अपेक्षित पारदर्शिता स्थापित करने में विफल रहे हैं।

इसी आधार पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से नितिन गडकरी और हरदीप सिंह पुरी को उनके पदों से हटाने और मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

‘हितों के टकराव’ की भी स्वतंत्र जांच की मांग

अजय राय ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में एथेनॉल नीति से जुड़े संभावित ‘हितों के टकराव’ के सवालों की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। इसे किसी स्थापित अनियमितता के निष्कर्ष के बजाय कांग्रेस की जांच की मांग के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

दिलचस्प रूप से E20 को लेकर चल रहे विवाद के बीच नितिन गडकरी ने सोमवार को कथित मानहानिकारक और AI/deepfake सामग्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की दिशा में बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया। अदालत ने उन्हें संबंधित पक्षों के खिलाफ सिविल सूट दाखिल करने की अनुमति दी।

E20 को लेकर बढ़ रहा राजनीतिक दबाव

E20 अब केवल तकनीकी या ऊर्जा नीति का विषय नहीं रह गया है। इसे लेकर राजनीतिक दलों और कुछ नागरिक समूहों की सक्रियता भी बढ़ी है। एक समूह ने उपभोक्ताओं को E20 के साथ 100 प्रतिशत पेट्रोल खरीदने का विकल्प देने की मांग करते हुए अभियान शुरू किया है।

ऐसे समय में अजय राय का प्रधानमंत्री को पत्र इस विवाद में नया राजनीतिक मोड़ जोड़ता है। अब नजर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर रहेगी—क्या सरकार कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर विस्तृत जवाब देती है या E20 को लेकर जारी राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में और तेज होता है।

Search

About

नई सोच नई ऊर्जा एक RNI-प्रमाणित (Registered with Registrar of Newspapers for India) और डिजिटल न्यूज़ चैनल है, जो निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से प्रस्तुत करता है।
हम राजनीति, प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और समसामयिक विषयों पर विश्वसनीय समाचार और विश्लेषण पाठकों तक पहुँचाते हैं।

हमारी प्राथमिकता है सत्य, पारदर्शिता और जिम्मेदार पत्रकारिता
ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर ब्रेकिंग न्यूज़ तक, हमारी टीम खबरों की पुष्टि के बाद ही उन्हें प्रकाशित करती है।

नई सोच नई ऊर्जा का उद्देश्य है—

  • सटीक और भरोसेमंद समाचार
  • लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती
  • जनआवाज़ को मंच देना
  • डिजिटल माध्यम से त्वरित सूचना

हम मानते हैं कि सही खबर ही समाज को सही दिशा देती है

Gallery