लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को नया पुलिस नेतृत्व मिल चुका है और इसके साथ ही शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर नई दिशा तय करने की कवायद भी शुरू हो गई है। मंगलवार, 29 जुलाई को पुलिस लाइन में आयोजित अपनी पहली आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवनियुक्त पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने साफ कर दिया कि उनकी प्राथमिकता केवल अपराध पर अंकुश लगाना नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक के सहारे पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और जनता के प्रति जवाबदेह बनाना भी होगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस आयुक्त ने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन और डीजीपी मुख्यालय द्वारा संचालित सभी महत्वपूर्ण अभियानों को पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से मिशन शक्ति, महिला सुरक्षा और साइबर अपराध पर प्रभावी कार्रवाई को अपनी कार्ययोजना का अहम हिस्सा बताया।
कानून-व्यवस्था को मिलेगी सर्वोच्च प्राथमिकता
तरुण गाबा ने कहा कि राजधानी होने के कारण लखनऊ की जिम्मेदारी अन्य जिलों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है। ऐसे में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना पुलिस की पहली जिम्मेदारी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध की किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और पुलिस की प्रतिक्रिया पहले से अधिक तेज एवं प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हर कार्रवाई कानून के दायरे में और पूरी पारदर्शिता के साथ होगी, ताकि आम नागरिकों का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हो।
साइबर अपराध पर तकनीक के साथ होगी सख्ती
देशभर में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों को गंभीर चुनौती बताते हुए पुलिस आयुक्त ने कहा कि केवल अपराधियों की गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने बताया कि साइबर सेल की तकनीकी क्षमता को और मजबूत किया जाएगा ताकि ऑनलाइन ठगी, बैंक फ्रॉड और डिजिटल अपराधों की जांच तेजी से हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों का पैसा साइबर ठगी के कारण फंस जाता है, उसे जल्द से जल्द फ्रीज (Freeze) कराने की प्रक्रिया को अधिक तेज और प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे पीड़ितों को समय पर राहत मिल सके।
अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी कड़ी नजर
सोशल मीडिया के दौर में फर्जी खबरें और अफवाहें कई बार कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन जाती हैं। इस पर पुलिस आयुक्त ने कहा कि गलत सूचना फैलाने वाले तत्वों पर लगातार नजर रखी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति अफवाह फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पुलिस हर कदम तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर उठाएगी।
महिला सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर तरुण गाबा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और डीजीपी मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे मिशन शक्ति जैसे अभियानों को और प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है और इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
गैरकानूनी गतिविधियों पर होगी त्वरित कार्रवाई
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि राजधानी में किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ बिना देरी के कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए खुफिया तंत्र और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा ताकि घटनाओं को होने से पहले ही रोका जा सके।
जनता से सहयोग की अपील
अपने संबोधन के अंत में तरुण गाबा ने नागरिकों से अपील की कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, साइबर ठगी या अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें और सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के किसी भी खबर को साझा करने से बचें।
नई जिम्मेदारी संभालने के बाद तरुण गाबा की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि लखनऊ पुलिस आने वाले समय में तकनीक आधारित पुलिसिंग, त्वरित कार्रवाई, महिला सुरक्षा और साइबर अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने वाली है। अब शहरवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि इन घोषणाओं को जमीन पर किस तरह अमल में लाया जाता है।













