लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मंगलवार को उत्तर प्रदेश महिला कांग्रेस ने भाजपा सांसद कंगना रनौत और केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश महिला कांग्रेस (मध्य) की अध्यक्ष ममता चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हैदरगंज तिराहे के पास दोनों नेताओं का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ममता चौधरी सहित कई महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर मिल एरिया पुलिस चौकी पहुंचाया।
महिला कांग्रेस का यह प्रदर्शन भाजपा सांसद कंगना रनौत के उस कथित बयान के विरोध में आयोजित किया गया, जिसे संगठन ने देश की बेटियों और महिलाओं का अपमान बताया। प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा कंगना रनौत से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ममता चौधरी ने कहा कि कंगना रनौत द्वारा देश की युवतियों और नई पीढ़ी की बेटियों को लेकर की गई टिप्पणी न केवल करोड़ों महिलाओं का अपमान है, बल्कि देश की माताओं की गरिमा को भी ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने कहा कि जब तक कंगना रनौत अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगतीं, तब तक महिला कांग्रेस का विरोध लगातार जारी रहेगा।
ममता चौधरी ने अपने संबोधन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं से जुड़े गंभीर मामलों पर भाजपा नेताओं की सोच संवेदनशील नहीं रही है और इसी वजह से महिला कांग्रेस दोनों नेताओं के खिलाफ जनआंदोलन चला रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी।
विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर सड़कों पर उतरीं। प्रदर्शनकारियों ने दोनों नेताओं के पुतले जलाए और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
पुतला दहन के बाद पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ममता चौधरी सहित कई महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर मिल एरिया पुलिस चौकी ले जाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता थी।
प्रदर्शन में महिला कांग्रेस की कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहीं। इनमें शहाना सिद्दीकी, सुशीला शर्मा, डॉ. ऋचा कौशिक, शीला मिश्रा, तनवीर फातिमा, महताब जायसी, उरूसा राना, जीनत परवीन, मीना रावत, लता दुबे, पूजा सिंह और बबीता श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस प्रदर्शन के बाद प्रदेश की राजनीति में महिलाओं से जुड़े मुद्दों और नेताओं के बयानों पर बहस और तेज हो सकती है। वहीं महिला कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले दिनों में प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन और तेज किए जाएंगे।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। पुलिस का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।













