नई दिल्ली: संसद में पेपर लीक से जुड़े विधेयक पर चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने कथित तौर पर NEET पेपर लीक से प्रभावित छात्रों और आत्महत्या करने वाले युवाओं को श्रद्धांजलि देकर की।
संजय सिंह ने दावा किया कि NEET पेपर लीक से लाखों छात्र प्रभावित हुए और री-एग्जाम के कारण बड़ी संख्या में छात्र दोबारा परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि इस स्थिति की जिम्मेदारी किसकी है।
उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं स्वीकार कर रही है कि पेपर लीक की घटनाओं को रोक पाने में विफल रही है। उनके अनुसार, परीक्षा आयोजित कराने की जिम्मेदारी सरकार की है और केवल सख्त कानून बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए लंबित मामलों का उल्लेख किया और कहा कि तय समय में जांच और ट्रायल पूरा करना व्यावहारिक नहीं दिखता।
शिक्षा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए संजय सिंह ने आरोप लगाया कि देश में सरकारी स्कूलों की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में स्कूलों में शिक्षकों, शौचालय और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है तथा शिक्षा पर पर्याप्त बजट खर्च नहीं किया जा रहा।
छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए AAP सांसद ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और अन्य बल प्रयोग किया गया। उन्होंने बिहार में छात्रों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी सरकार की आलोचना की और कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे युवाओं के साथ कठोर व्यवहार किया गया।
अपने भाषण के दौरान संजय सिंह ने एक निजी परीक्षा एजेंसी का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उसे विभिन्न राज्यों में कथित अनियमितताओं के बावजूद परीक्षा कराने का काम दिया गया। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
भाषण के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। कई टिप्पणियों पर सभापति ने हस्तक्षेप किया और स्पष्ट किया कि असंसदीय टिप्पणियों की जांच की जाएगी तथा आवश्यकता होने पर उन्हें कार्यवाही से हटाया जाएगा।
अपने संबोधन के अंत में संजय सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्ति उद्धृत करते हुए कहा कि जनता जिन हाथों को सत्ता देती है, उन्हीं हाथों में सत्ता बदलने की ताकत भी होती है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई करने की अपील की।













