प्रयागराज: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे के दौरान आयोजित छात्र संवाद कार्यक्रम में युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, भर्ती परीक्षाओं और विश्वविद्यालय की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी समस्याएं सीधे राहुल गांधी के सामने रखीं और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता जताई।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में रोजगार के अवसरों को लेकर केंद्रित चर्चा करते हुए मैन्युफैक्चरिंग, उद्यमिता, सरकारी नौकरी, सार्वजनिक क्षेत्र और कॉरपोरेट क्षेत्र को युवाओं के लिए रोजगार के प्रमुख रास्तों के रूप में बताया। उन्होंने दावा किया कि इन क्षेत्रों में युवाओं के सामने रोजगार के अवसरों को लेकर गंभीर चुनौतियां हैं।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र ने बताईं समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एक छात्र ने लॉ फैकल्टी की लाइब्रेरी में बारिश के दौरान पानी आने, पेयजल और सैनिटेशन जैसी समस्याओं का मुद्दा उठाया। छात्र ने विश्वविद्यालय की फीस, हॉस्टल सुविधाओं और लाइब्रेरी के संचालन समय को लेकर भी सवाल किए।
छात्र ने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उसने विश्वविद्यालय में छात्र गतिविधियों और छात्रों की शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को लेकर भी अपनी बात रखी।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी उठी आवाज
कार्यक्रम में एक छात्र ने उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। छात्र ने अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का समय और मेहनत प्रभावित होती है।
हालांकि, विभिन्न परीक्षाओं से जुड़े आरोपों की स्थिति अलग-अलग रही है और किसी भी मामले में आरोप तथा आधिकारिक रूप से प्रमाणित तथ्य को अलग-अलग देखना जरूरी है।
राहुल गांधी ने छात्रों से कही नफरत से दूर रहने की बात
राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि वे नफरत और हिंसा का रास्ता न अपनाएं। उन्होंने सत्य और अहिंसा के माध्यम से अपनी बात रखने पर जोर दिया और कहा कि छात्रों को अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी चाहिए।
उन्होंने रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को व्यापक व्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि युवाओं के सवालों पर गंभीरता से चर्चा जरूरी है।
रोजगार से आगे समाधान की जरूरत
प्रयागराज के इस कार्यक्रम में उठे सवालों ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि युवाओं के लिए सिर्फ सरकारी नौकरी ही रोजगार का रास्ता नहीं हो सकती। विशेषज्ञों के अनुसार सरकारी भर्ती के साथ-साथ निजी क्षेत्र, मैन्युफैक्चरिंग, MSME, स्टार्टअप, अप्रेंटिसशिप और स्किल डेवलपमेंट के अवसर बढ़ाना भी जरूरी है।
छात्रों के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर, बेहतर विश्वविद्यालय सुविधाएं और रोजगारपरक शिक्षा जैसे मुद्दे आने वाले समय में महत्वपूर्ण बने रहेंगे।
आपकी राय: क्या आज के युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती बेरोजगारी है, पेपर लीक है, शिक्षा की बढ़ती लागत है या रोजगार के सीमित अवसर? नीचे कमेंट करके अपनी राय बताएं।













