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लखनऊ। झारखंड में JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक के आरोपों और छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के लखनऊ महानगर कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज स्थित GPO पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने झारखंड सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्रों के साथ कथित लाठीचार्ज की कार्रवाई पर सवाल उठाए।

प्रदर्शन को देखते हुए हजरतगंज GPO के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखी।

JPSC-JSSC विवाद को लेकर बढ़ा छात्रों का आक्रोश

दरअसल, झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर पिछले कई दिनों से छात्रों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जांच और भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हाल के प्रदर्शन के दौरान रांची में विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।

विवाद के बीच झारखंड सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा तथा 2023 और 2025 की बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है। हालांकि JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग को सरकार ने स्वीकार नहीं किया है। इस फैसले के बाद भी आंदोलनकारी छात्रों में असंतोष बना हुआ है और आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात सामने आई है।

लखनऊ में ABVP ने उठाए सरकार से सवाल

हजरतगंज GPO पर प्रदर्शन के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं ने झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधा। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यदि छात्रों के साथ पुलिस कार्रवाई हुई है और परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं तो सरकार को इसकी जवाबदेही तय करनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जब विपक्षी दलों के नेता केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्रियों से इस्तीफे की मांग करते हैं, तो झारखंड में छात्रों से जुड़े इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री की जवाबदेही और इस्तीफे की मांग क्यों नहीं उठाई जाती।

ABVP कार्यकर्ताओं ने इसी राजनीतिक मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव को भी निशाने पर लिया। प्रदर्शनकारियों ने तंज कसते हुए सवाल किया कि जो नेता देश और प्रदेश में युवाओं तथा छात्रों के मुद्दों को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते हैं, वे झारखंड के आंदोलनरत छात्रों के बीच क्यों नहीं पहुंचे।

राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना

प्रदर्शन के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे खुद को युवाओं की आवाज बताते हैं, लेकिन झारखंड में छात्रों के आंदोलन और पुलिस कार्रवाई के बाद उनकी सक्रिय मौजूदगी क्यों नजर नहीं आई।

इसी तरह अखिलेश यादव को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार युवाओं और छात्रों के मुद्दों को राजनीतिक रूप से उठाती रही है, लेकिन झारखंड में छात्रों के साथ खड़े होने के लिए वहां पहुंचने की जरूरत क्यों महसूस नहीं की गई।

ABVP कार्यकर्ताओं ने डिंपल यादव का भी जिक्र करते हुए राजनीतिक सवाल खड़े किए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता उन मुद्दों पर अधिक सक्रिय दिखाई देते हैं जहां उन्हें राजनीतिक लाभ या वोट की संभावना नजर आती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि वास्तव में छात्रों के दर्द और भविष्य की चिंता है तो झारखंड पहुंचकर आंदोलनरत छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए।

हालांकि ये सभी टिप्पणियां प्रदर्शन में शामिल ABVP कार्यकर्ताओं की राजनीतिक और संगठनात्मक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आईं।

पेपर लीक से आगे भर्ती व्यवस्था पर सवाल

JPSC-JSSC विवाद केवल कथित पेपर लीक तक सीमित नहीं है। छात्रों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, भर्ती में अनियमितताओं और लंबे समय से चल रही प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इससे पहले JPSC ने जुलाई में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े CID जांच और गिरफ्तारियों के बीच कुछ परीक्षाओं को स्थगित किया था।

हालिया आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव के बाद कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने की खबर भी सामने आई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, विधानसभा घेराव से जुड़े मामले में करीब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में बैरिकेड तोड़ने और झड़प के मामले में करीब 600 लोगों पर FIR की बात कही गई है।

GPO पर बड़ी संख्या में जुटे ABVP कार्यकर्ता

लखनऊ के हजरतगंज स्थित GPO पर हुए प्रदर्शन में ABVP लखनऊ महानगर के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और संगठन के झंडे लेकर नारेबाजी की तथा झारखंड में छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में आवाज उठाई।

प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हजरतगंज जैसे व्यस्त इलाके में प्रदर्शन को लेकर पुलिस प्रशासन पहले से सतर्क नजर आया।

ABVP ने मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच हो, छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न किया जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार साबित होता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

झारखंड में चल रहा JPSC-JSSC विवाद अब परीक्षा व्यवस्था से निकलकर राजनीतिक मुद्दा भी बनता जा रहा है। एक ओर छात्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और अपने भविष्य को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दल और छात्र संगठन इसे सरकार की जवाबदेही से जोड़कर देख रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत तथा आगे की कार्रवाई पर पूरे मामले की दिशा निर्भर करेगी।

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