नई दिल्ली, 18 अगस्त 2026। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए परीक्षा संचालन व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। फॉलो-अप बैठक में परीक्षा सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
बैठक में प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 4-स्तरीय क्वेश्चन पेपर चेकिंग सिस्टम लागू करने का फैसला लिया गया है। इसके तहत परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों की कई स्तरों पर जांच की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की गलती और सुरक्षा संबंधी खामी की संभावना को कम किया जा सके।
600 विशेषज्ञों को हटाया गया
NTA ने अपने विशेषज्ञ पैनल में बड़ा बदलाव करते हुए करीब 600 विशेषज्ञों को हटाया है। उनकी जगह नए विशेषज्ञों को शामिल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रश्नपत्र तैयार करने और उसकी समीक्षा की प्रक्रिया में गुणवत्ता तथा विश्वसनीयता को और बेहतर करना है।
20-25 अधिकारियों की जल्द होगी नियुक्ति
बैठक में NTA के मानव संसाधन और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। अगले 2 से 3 सप्ताह में करीब 20 से 25 अधिकारियों की नियुक्ति किए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही NTA की आगे की इंडक्शन योजना की भी समीक्षा की गई।
नए कार्यालय में मजबूत होगी सुरक्षा
NTA के कार्यालयों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया जा रहा है। नए कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए CISF की टीमों की तैनाती के साथ सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्त किया जाएगा।
बैठक में NTA के महानिदेशक ने अब तक उठाए गए कदमों और आगामी परीक्षाओं को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। अधिकारियों को परीक्षा संचालन से जुड़ी जरूरी सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवस्था समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
NTA में किए जा रहे ये बदलाव राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
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