लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि छात्र गुलशन कुमार के साथ इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। छात्र के साथ पुलिसकर्मी द्वारा लाठी से मारपीट किए जाने के आरोप के बाद विश्वविद्यालय के छात्रों और समर्थकों में नाराजगी है। मामले में दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रशासन को दो दिन का समय दिया गया है।
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, गुलशन कुमार ने आरोप लगाया है कि इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे के पास स्थित ट्रैफिक पुलिस चौकी में उसे रोका गया और उसके साथ मारपीट की गई। मामले की शिकायत जानकीपुरम थाने में दिए जाने की बात सामने आई है।
निष्पक्ष जांच की मांग
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि किसी छात्र के साथ पुलिस द्वारा कथित तौर पर इस तरह मारपीट किया जाना गंभीर मामला है। उनका कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए और यदि जांच में पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
छात्र पक्ष की ओर से कहा गया है कि बिना उचित कारण किसी छात्र के साथ बल प्रयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा।
दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो थाने के घेराव की चेतावनी
मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को दो दिन का समय दिया है। उनका कहना है कि यदि इस अवधि में आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो छात्र लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जानकीपुरम थाने का घेराव करेंगे।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “इंकलाब जिंदाबाद” के नारे भी लगाए।
पहले भी छात्रों ने जताया था विरोध
इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे की घटना के बाद छात्रों के मौके पर पहुंचने और विरोध जताने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, छात्रों ने ट्रैफिक चौकी के बाहर नारेबाजी की और सड़क पर विरोध जताने की कोशिश की, जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची और स्थिति को संभाला।
फिलहाल इस मामले में छात्र की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिसकर्मी की ओर से घटना के संबंध में कोई अलग पक्ष या जांच का अंतिम निष्कर्ष सामने आने तक आरोपों को पुष्ट तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता।
अब निगाह प्रशासन की कार्रवाई पर
दो दिन की समयसीमा दिए जाने के बाद अब पूरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर नजर है। छात्र पक्ष का कहना है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं, निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और जिम्मेदारी किसकी बनती है।
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