लखनऊ, 29 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने मंगलवार को लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने, एसआईआर की प्रक्रिया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए। प्रेसवार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अभय दुबे और पूर्व मंत्री डॉ. सीपी राय भी मौजूद रहे।
अजय राय ने कहा कि कांग्रेस पूरे देश में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आवाज उठा रही है। उनका आरोप है कि मतदाता सूची में ऐसे बदलाव किए जा रहे हैं, जिनका असर गरीब, कमजोर और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल राजनीतिक विरोध के तौर पर नहीं, बल्कि मताधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े विषय के रूप में देख रही है।
मतदाता सूची में नाम हटाने का आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दिल्ली में यमुना किनारे रहने वाले लोगों की मतदाता सूची का उदाहरण देते हुए दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्वयं वहां जाकर स्थिति का जायजा लिया। अजय राय के मुताबिक, वहां 730 लोगों में से 729 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की बात सामने आई। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब और कमजोर तबके के लोगों को चिन्हित करके मतदाता सूची से बाहर करने की कोशिश की जा रही है।
अजय राय ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग का मूल दायित्व निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराना है। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची में हो रहे बदलावों से एक राजनीतिक दल को फायदा पहुंच सकता है। हालांकि, प्रेसवार्ता में लगाए गए ये आरोप कांग्रेस की ओर से रखे गए दावे हैं।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह के बदलाव को लेकर पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और प्रभावित लोगों को अपनी आपत्ति दर्ज कराने तथा उसका समाधान पाने का अवसर मिलना चाहिए।
75 जिलों में प्रदर्शन का कांग्रेस का दावा
अजय राय ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में प्रदर्शन किया। उनके मुताबिक, पार्टी कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने न तो तोड़फोड़ की, न किसी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और न ही सरकारी कामकाज में बाधा डाली।
हालांकि, कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के बाद कई जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि आगरा में दर्ज मामले को लेकर कांग्रेस विशेष रूप से सवाल उठा रही है।
अजय राय ने आगरा की एफआईआर का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। उनके अनुसार, मुकदमे में हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाने, दंगा, आपराधिक धमकी और अन्य आरोपों से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने आगरा मामले में दर्ज एफआईआर की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों पर लगाए गए आरोप सही हैं तो घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सामने लाई जानी चाहिए। उनका कहना था कि फुटेज से यह स्पष्ट हो सकता है कि प्रदर्शनकारी किसी के घर में घुसे थे या किसी को चोट पहुंचाई गई थी अथवा नहीं।
उन्होंने कहा कि जिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज हुए हैं, पार्टी उनके साथ खड़ी है। अजय राय ने यह भी कहा कि जेल भेजे गए कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की ओर से कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कांग्रेस की ओर से बताया गया कि आगरा के अलावा कासगंज, सहारनपुर और गोरखपुर में भी पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। अजय राय ने कहा कि प्रदेश के अन्य जिलों से भी मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस कार्रवाई पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
प्रेसवार्ता में अजय राय ने प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को लगातार परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपना संघर्ष जारी रखेगी। उनके बयान के मुताबिक, पार्टी का मानना है कि शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने वाले कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
अजय राय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की और कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को आगे भी उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े फैसलों और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर पार्टी जनता के बीच जाएगी।
वाराणसी की वेबसाइट को लेकर भी सवाल
प्रेसवार्ता के दौरान अजय राय ने वाराणसी में चुनाव के दौरान वेबसाइट बंद रहने के मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वेबसाइट कई घंटों तक बंद रही और इस पूरे घटनाक्रम की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि वेबसाइट बंद होने की वजह क्या थी और इसके कारण चुनावी प्रक्रिया पर कोई असर पड़ा या नहीं। कांग्रेस अध्यक्ष ने इस मामले में जांच की मांग की।
यह आरोप भी कांग्रेस की ओर से लगाया गया है। प्रेस विज्ञप्ति में इस दावे के समर्थन में किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक रिपोर्ट का उल्लेख नहीं किया गया है।
2023 के कानून में बदलाव का भी मुद्दा उठाया
अजय राय ने चुनावी व्यवस्था से जुड़े 2023 के कानून में किए गए बदलाव को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून में बदलाव का इस्तेमाल चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर पार्टी इस कानून में बदलाव करने की बात कह रही है। इसी क्रम में उन्होंने महाभियोग की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया।
प्रेसवार्ता में अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के वाराणसी दौरे का भी उल्लेख किया। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कई राजनीतिक मुद्दे उठाए।
अभय दुबे ने एसआईआर को लेकर दिया जवाब
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अभय दुबे ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए एसआईआर से जुड़े मुद्दे पर केरल का संदर्भ दिया। उन्होंने प्रदेशों में राजनीतिक परिस्थितियों और एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के पक्ष को सामने रखा।
वहीं पूर्व मंत्री डॉ. सीपी राय ने सरकार पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता समय आने पर इसका जवाब देगी।
कई कांग्रेस नेता रहे मौजूद
लखनऊ में हुई इस प्रेसवार्ता में प्रदेश कांग्रेस के कई पदाधिकारी और नेता मौजूद रहे। इनमें मीडिया विभाग के चेयरमैन कुंवर सिंह निषाद, वाइस चेयरमैन प्रियंका गुप्ता और संजीव कुमार सिंह, प्रवक्ता डॉ. अलीमुल्ला खान, सिद्धिश्री, मान सिंह चौहान, अमर हबीबुल्लाह, लखनऊ जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रुद्रदमन सिंह बबलू और प्रदेश कांग्रेस के ज्वाइनिंग प्रभारी नितिन शर्मा शामिल रहे।
कुल मिलाकर, कांग्रेस की इस प्रेसवार्ता में मतदाता सूची, एसआईआर, चुनाव आयोग की भूमिका और प्रदर्शन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों को प्रमुख मुद्दा बनाया गया। कांग्रेस ने इन मामलों में पारदर्शिता और जांच की मांग उठाई है। वहीं प्रेसवार्ता में लगाए गए अधिकांश आरोप कांग्रेस नेताओं के बयानों पर आधारित हैं, इसलिए संबंधित संस्थाओं या प्रशासन की ओर से सामने आने वाले आधिकारिक पक्ष को भी इस पूरे विवाद को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जाएगा।
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