लखनऊ, 9 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज करनी शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी ने भी प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने का रोडमैप सामने रखा है। राजधानी लखनऊ में बुधवार को आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में प्रदेश पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में संगठन विस्तार, बूथ स्तर पर पार्टी की मौजूदगी मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई।
बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई, शिक्षा और भर्ती व्यवस्था समेत कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए कहा कि सितंबर के अंतिम सप्ताह से उत्तर प्रदेश में विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलनों की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद अक्टूबर से पार्टी प्रदेशव्यापी यात्रा निकालकर जनता के बीच जाएगी।
AAP के मुताबिक यह यात्रा बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, सामाजिक अन्याय और कथित नफरत की राजनीति जैसे मुद्दों को लेकर होगी। इसके अलावा 27 सितंबर को भगत सिंह जयंती के अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों में विचार गोष्ठी और रक्तदान शिविर आयोजित करने की घोषणा भी की गई है।
विधानसभा स्तर पर कार्यकर्ता सम्मेलन से शुरू होगी चुनावी तैयारी
आम आदमी पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए सबसे पहले अपने संगठन को विधानसभा स्तर पर सक्रिय करने का फैसला किया है। संजय सिंह ने बताया कि सितंबर के अंतिम सप्ताह से प्रदेश की विधानसभा सीटों पर कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
इन सम्मेलनों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करने, संगठन की स्थिति की समीक्षा करने और स्थानीय स्तर पर जनसमस्याओं को चिह्नित करने की योजना है। पार्टी का फोकस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर भी रहेगा।
संजय सिंह ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और उसकी चुनावी रणनीति क्या होगी, इस पर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीटों और चुनावी रणनीति को लेकर अंतिम फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
इससे संकेत मिल रहा है कि AAP उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को आगामी चुनाव के लिए सक्रिय करने की दिशा में चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है।
भगत सिंह जयंती पर प्रदेश के सभी जिलों में होंगे कार्यक्रम
आम आदमी पार्टी ने 27 सितंबर को शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है।
संजय सिंह के अनुसार, प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर विचार गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही रक्तदान शिविर भी लगाए जाएंगे। पार्टी का कहना है कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को भगत सिंह के विचारों और उनके संघर्ष से जोड़ना तथा सामाजिक सेवा का संदेश देना है।
AAP की ओर से कहा गया कि भगत सिंह का विचार और उनका संघर्ष आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय है। पार्टी इन कार्यक्रमों को संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक सरोकार से जोड़ने की तैयारी कर रही है।
अक्टूबर से प्रदेशव्यापी यात्रा निकालने की तैयारी
प्रेस वार्ता में संजय सिंह ने अक्टूबर से उत्तर प्रदेश में एक बड़ी प्रदेशव्यापी यात्रा निकालने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस यात्रा के माध्यम से बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और सामाजिक अन्याय जैसे मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएगी।
संजय सिंह ने भाजपा पर कथित तौर पर नफरत की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई जिलों और शहरों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक मुद्दों के बजाय जनता को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी जैसे बुनियादी सवालों पर जवाब चाहिए।
हालांकि, नफरत की राजनीति और अन्य आरोप संजय सिंह द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है।
AAP की प्रस्तावित यात्रा को पार्टी के लिए 2027 चुनाव से पहले जनसंपर्क अभियान के रूप में भी देखा जा रहा है। पार्टी का प्रयास है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाए और स्थानीय मुद्दों को चुनावी विमर्श का हिस्सा बनाया जाए।
बेरोजगारी को लेकर सरकार पर तीखा हमला
संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी और सरकारी भर्ती के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि बेसिक शिक्षा विभाग में दो लाख से अधिक पद खाली हैं, लेकिन इसके बावजूद युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं।
उन्होंने प्रयागराज में डीएलएड प्रशिक्षित युवाओं के आंदोलन का भी जिक्र किया। संजय सिंह ने दावा किया कि बड़ी संख्या में डीएलएड प्रशिक्षित युवा शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं।
AAP नेता ने कहा कि सरकार को खाली पड़े पदों को भरने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरी के लिए लगातार आंदोलन और प्रदर्शन करने की स्थिति में नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने शिक्षक भर्ती से जुड़े बीएड और पोस्ट ग्रेजुएट अभ्यर्थियों के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। संजय सिंह के मुताबिक इंटर कॉलेजों में बीएड की अनिवार्यता से बड़ी संख्या में पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के सामने मुश्किलें पैदा हुई हैं। उन्होंने ऐसे छात्रों को कम से कम दो वर्ष का समय दिए जाने की मांग की।
भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक पर भी सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं और कथित पेपर लीक की घटनाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले युवा लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्ध नियुक्तियों की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए खाली पदों को कब भरा जाएगा। संजय सिंह ने दावा किया कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर पैदा होने वाले विवादों से युवाओं का भरोसा प्रभावित होता है।
AAP ने आने वाले प्रदेशव्यापी अभियान में बेरोजगारी और युवाओं के मुद्दे को प्रमुख विषय बनाने के संकेत दिए हैं।
सड़क और विकास कार्यों पर भी सरकार को घेरा
संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में सड़क और विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के सड़क को लेकर दिए गए कथित बयान का जिक्र करते हुए सरकार पर तंज कसा।
उन्होंने राम पथ गमन मार्ग, सड़कों और अन्य विकास परियोजनाओं को लेकर सवाल उठाए। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और भ्रष्टाचार से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
उन्होंने जल जीवन मिशन का मुद्दा भी उठाया। संजय सिंह ने दावा किया कि उन्होंने करीब छह वर्ष पहले जल जीवन मिशन में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बरेली में पानी की टंकी से जुड़ी घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को ऐसी परियोजनाओं की गुणवत्ता और निगरानी पर जवाब देना चाहिए।
हालांकि, इन आरोपों के संबंध में संबंधित सरकारी विभाग या भाजपा की प्रतिक्रिया इस प्रेस वार्ता में उपलब्ध नहीं है।
स्कूल, अस्पताल, बिजली और पानी के मुद्दे भी उठाए
AAP नेता ने प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने स्कूलों, अस्पतालों, बिजली, पानी और सड़कों को लेकर सरकार से सवाल किए।
संजय सिंह ने दावा किया कि सरकार की ओर से विकास और उपलब्धियों के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर गड्ढों का उल्लेख किया और खुले मैनहोल से होने वाली दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने वाराणसी में जलभराव और स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले भोजन से जुड़े सवाल भी प्रेस वार्ता में उठाए।
AAP का कहना है कि जनता के वास्तविक मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाना पार्टी के आगामी अभियान का प्रमुख उद्देश्य होगा।
‘अपने मुंह मियां मिट्ठू’ वाली सरकार का आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान संजय सिंह ने भाजपा सरकार पर उपलब्धियों को लेकर बड़े-बड़े दावे करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने दावों के बजाय जमीनी स्तर पर जनता को परिणाम दिखाने चाहिए।
उन्होंने भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में आम नागरिकों को सरकारी कामकाज में पारदर्शिता मिलनी चाहिए। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं और सरकारी विभागों में कथित भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।
संजय सिंह ने कहा कि जनता अब केवल राजनीतिक दावों से प्रभावित नहीं होगी, बल्कि वह रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली-पानी जैसे मुद्दों पर सरकार के कामकाज का मूल्यांकन करेगी।
अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर भी हमला
संजय सिंह ने अपनी प्रेस वार्ता में अयोध्या से जुड़े विकास कार्यों और राम मंदिर के आसपास की परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों में भ्रष्टाचार को लेकर कई सवाल सामने आए हैं।
उन्होंने राम पथ और अयोध्या से जुड़े अन्य कार्यों का जिक्र करते हुए सरकार पर जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
यह सभी आरोप आम आदमी पार्टी नेता द्वारा लगाए गए हैं और इन पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया मिलने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
बैठक में प्रदेश संगठन के कई पदाधिकारी रहे मौजूद
लखनऊ में आयोजित AAP की बैठक में प्रदेश संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में दिल्ली के पूर्व विधायक और उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी दिलीप पांडेय, सह प्रभारी विशेष रवि और दिल्ली के विधायक सुरेंद्र चौधरी समेत कई नेता शामिल हुए।
इसके अलावा निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह, महासचिव दिनेश सिंह पटेल, विभिन्न प्रांतों के प्रभारी, प्रांत अध्यक्ष, प्रदेश के अलग-अलग प्रकोष्ठों के अध्यक्ष और महासचिव, जिला प्रभारी तथा जिला अध्यक्ष भी बैठक में मौजूद रहे।
पार्टी के अनुसार, चुनाव लड़ चुके पूर्व प्रत्याशियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर दिया गया।
2027 में यूपी की राजनीति में बढ़ेगी राजनीतिक गतिविधि
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। AAP ने विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलनों और प्रदेशव्यापी यात्रा के जरिए अपनी चुनावी तैयारी का शुरुआती खाका पेश कर दिया है।
पार्टी की रणनीति में फिलहाल तीन प्रमुख चरण दिखाई दे रहे हैं। पहला चरण संगठन को विधानसभा और बूथ स्तर पर मजबूत करना है। दूसरा चरण भगत सिंह जयंती के माध्यम से युवाओं और सामाजिक संगठनों के बीच पहुंच बढ़ाना है। तीसरे चरण में अक्टूबर से प्रस्तावित प्रदेशव्यापी यात्रा के जरिए बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और सामाजिक मुद्दों को लेकर जनता से सीधा संवाद करना है।
हालांकि, 2027 विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, इसका अंतिम फैसला अभी बाकी है। संजय सिंह ने भी कहा है कि सीटों और चुनावी रणनीति को लेकर पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व निर्णय करेगा।
आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। ऐसे में AAP का यह अभियान पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और 2027 के चुनावी समीकरणों में अपनी जगह बनाने की कोशिश के तौर पर महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
निष्कर्ष
लखनऊ में हुई आम आदमी पार्टी की प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक के बाद पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने आगामी कार्यक्रमों का खाका सामने रख दिया है। सितंबर के अंतिम सप्ताह से विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन, 27 सितंबर को भगत सिंह जयंती पर जिला स्तर के कार्यक्रम और अक्टूबर से प्रदेशव्यापी यात्रा के ऐलान के साथ AAP ने साफ कर दिया है कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज करने जा रही है।
संजय सिंह ने बेरोजगारी, भर्ती, शिक्षा, महंगाई, भ्रष्टाचार और विकास कार्यों को लेकर योगी सरकार पर कई आरोप लगाए। अब देखना होगा कि AAP इन मुद्दों को जनता के बीच कितना प्रभावी ढंग से ले जा पाती है और उसका संगठन आगामी विधानसभा चुनाव तक किस स्तर तक मजबूत होता है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि 2027 के चुनाव में पार्टी कितनी सीटों पर मैदान में उतरती है और उत्तर प्रदेश की बदलती राजनीतिक तस्वीर में उसकी भूमिका क्या रहती है।
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