लखनऊ। उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश मीडिया संयोजक के रूप में मनीष दीक्षित की चौथी बार नियुक्ति के बाद आयोजित पहली बैठक विवादों में आ गई है। आरोप है कि भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित बैठक के दौरान मीडिया कवरेज के लिए आमंत्रित किए गए पत्रकारों को बैठक शुरू होने के बाद मीटिंग हॉल से बाहर जाने के लिए कहा गया।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश कार्यालय की ओर से पत्रकारों को दोपहर करीब 3:15 बजे बैठक की फोटो और विजुअल कवरेज के लिए आमंत्रित किया गया था। हालांकि, बैठक के दौरान पत्रकारों को अंदर कवरेज की अनुमति नहीं मिलने और बाहर भेजे जाने को लेकर असंतोष देखने को मिला।
इस घटनाक्रम के बाद पत्रकारों के बीच यह सवाल उठने लगे कि जब मुख्यमंत्री आवास, लोक भवन और विधानसभा जैसे सरकारी परिसरों में मीडिया को कवरेज की अनुमति मिलती है, तो भाजपा प्रदेश मुख्यालय में ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई।
मामले को लेकर कुछ पत्रकारों और मीडिया से जुड़े लोगों ने प्रदेश मीडिया संयोजक मनीष दीक्षित की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं सरकार और संगठन की सार्वजनिक छवि को प्रभावित कर सकती हैं।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी इस मामले का संज्ञान लेते हैं या नहीं, इस पर भी राजनीतिक और मीडिया जगत की नजर बनी हुई है।
यदि भाजपा या प्रदेश मीडिया संयोजक की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।













