लखनऊ के इंदिरानगर थाना क्षेत्र में हुई पंकज तिवारी की हत्या के मामले में पुलिस ने घटना का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में नामजद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक ही परिवार के सदस्य शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और विवेचना में सामने आया है कि पंकज तिवारी की गला दबाकर हत्या की गई थी और घटना में इस्तेमाल कपड़े को कूड़ा उठाने वाली गाड़ी में फेंककर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया।
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, थाना इंदिरानगर में 9 अगस्त 2026 को दिनेश तिवारी निवासी ग्राम मरकामऊ, थाना बदोसराय, बाराबंकी ने अपने बेटे पंकज तिवारी की हत्या किए जाने के संबंध में तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर मुकदमा संख्या 0211/2026 में धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए बनाई गईं पुलिस टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के उच्चाधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटना के शीघ्र अनावरण के निर्देश दिए। इसके बाद थाना इंदिरानगर पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त 2026 को मुकदमे से संबंधित नामजद आरोपियों को उनके निवास स्थान से गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में लिया गया। इसके बाद आरोपियों से पूछताछ और मामले की विवेचना में हत्या से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने का दावा पुलिस ने किया है।
गला दबाकर हत्या और साक्ष्य मिटाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, विवेचना और पूछताछ में सामने आया कि मृतक पंकज तिवारी के गले में लगाए गए कपड़े का इस्तेमाल हत्या में किया गया था। आरोप है कि घटना के बाद इस कपड़े को कूड़ा उठाने वाली गाड़ी में फेंक दिया गया, ताकि हत्या से जुड़े साक्ष्य को नष्ट किया जा सके।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की सामूहिक संलिप्तता और साक्ष्य मिटाने के प्रयास से जुड़े तथ्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 238 और 3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।
एक ही परिवार के पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें बृजेश कुमार त्रिपाठी, सौरभ त्रिपाठी, बाबी उर्फ सोहम त्रिपाठी, नेहा त्रिपाठी और बिन्दु त्रिपाठी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार सभी आरोपी लखनऊ के इंदिरानगर थाना क्षेत्र स्थित संतपुरम, साईधाम मंदिर के पास तकरोही इलाके के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर घटना के संबंध में पूछताछ और आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
- बृजेश कुमार त्रिपाठी, उम्र करीब 70 वर्ष
- सौरभ त्रिपाठी, उम्र करीब 28 वर्ष
- बाबी उर्फ सोहम त्रिपाठी, उम्र करीब 25 वर्ष
- नेहा त्रिपाठी, उम्र करीब 26 वर्ष
- बिन्दु त्रिपाठी, उम्र करीब 52 वर्ष
पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी मूल रूप से मऊ जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के कन्दरापुर के निवासी हैं और वर्तमान में इंदिरानगर क्षेत्र में रह रहे थे।
क्या था हत्या का तरीका?
पुलिस के प्रेस नोट में हत्या का तरीका गला दबाकर हत्या करना बताया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना के बाद हत्या में इस्तेमाल कपड़े को कूड़ा उठाने वाली गाड़ी में फेंककर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया।
हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की विवेचना अभी जारी है। घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की गहनता से जांच की जा रही है और सामने आने वाले तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम ने किया मामले का खुलासा
घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना इंदिरानगर के प्रभारी निरीक्षक अजय नारायण सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक संजय कुमार भारद्वाज, उपनिरीक्षक आनंद कुमार मिश्रा, महिला उपनिरीक्षक कुसुम सिंह, उपनिरीक्षक विकास सिंह, हेड कांस्टेबल अखिलेश शर्मा, महिला कांस्टेबल मनु शर्मा और महिला कांस्टेबल काजल शाक्या शामिल रहीं।
पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है। आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में हत्या के साथ-साथ साक्ष्य मिटाने और सामूहिक संलिप्तता से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं।













